देश के टेलिकॉम सेक्टर में एक बार फिर से बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सरकारी टेलिकॉम कंपनी बीएसएनएल (BSNL), जो लंबे समय से पिछड़ रही थी, अब नए जोश के साथ वापसी करती नजर आ रही है। ट्राई (TRAI) के सितंबर 2025 के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, बीएसएनएल ने नए ग्राहकों को जोड़ने में भारती एयरटेल को पछाड़ दिया है। जबकि जियो (Jio) अब भी टॉप पोज़िशन पर कायम है और Vi (वोडाफोन-आइडिया) की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
BSNL का दमदार कमबैक
देशभर में स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च करने के बाद बीएसएनएल के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार देखने को मिल रहा है। सितंबर महीने में कंपनी ने 5 लाख 24 हजार 14 नए ग्राहक जोड़े हैं, जोकि एयरटेल के मुकाबले अधिक हैं। एयरटेल ने इसी अवधि में 4 लाख 37 हजार 717 ग्राहक जोड़े। यह लगातार दूसरा महीनाहै जब बीएसएनएल ने नए यूज़र्स जोड़ने में एयरटेल को पीछे छोड़ा है।
यह आंकड़े दर्शाते हैं कि बीएसएनएल एक बार फिर लोगों के भरोसे को जीतने में सफल हो रही है। खास बात यह है कि यह सफलता उसे तब मिली है जब कंपनी ने अपना नेटवर्क पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर तैयार किया है।
जियो बरकरार है नंबर वन पर
हालांकि, बाजार में सबसे मजबूत स्थिति अभी भी जियो की है। सितंबर 2025 में जियो ने 32.5 लाख नए ग्राहक जोड़कर टेलिकॉम सेक्टर में अपना दबदबा बनाए रखा। जियो के पास कुल 48 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, जो इसे भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी बनाते हैं। JIO की लगातार ग्रोथ यह दिखाती है कि कंपनी न केवल ग्रामीण बल्कि शहरी इलाकों में भी अपने नेटवर्क को मजबूत कर चुकी है।
एयरटेल के लिए खतरे की घंटी
एयरटेल के लिए यह आंकड़े चेतावनी के संकेत हैं। अब तक बीएसएनएल से आगे रहने वाली यह कंपनी लगातार दूसरे महीने तीसरे स्थान पर फिसल गई है। एयरटेल के पास अब भी 39 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं, लेकिन नए यूज़र्स जोड़ने की रफ्तार में गिरावट कंपनी के लिए चिंता का विषय बन सकती है।
कई टेलिकॉम विशेषज्ञों का मानना है कि बीएसएनएल का स्वदेशी 4G नेटवर्क और जल्द आने वाला 5G रोलआउट एयरटेल के लिए वास्तविक चुनौती साबित हो सकता है।
Vi पर टूट रही है असली मुसीबत
सबसे खराब स्थिति Vi (वोडाफोन-आइडिया) की बनी हुई है। कंपनी के ग्राहकों का पलायन लगातार जारी है। नए ग्राहक जोड़ने के बजाय Vi के सब्सक्राइबर लगातार कम हो रहे हैं। वर्तमान में कंपनी के पास करीब 20 करोड़ से थोड़ा अधिक ग्राहक बचे हैं। कमज़ोर नेटवर्क, फाइनेंशियल संकट और नई तकनीक में देरी की वजह से Vi का मार्केट शेयर घटता जा रहा है।
टेलिकॉम ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी
ट्राई के मुताबिक, सितंबर में भारत में कुल टेलिकॉम सब्सक्राइबर्स की संख्या 1,228.94 मिलियन तक पहुंच गई, जो अगस्त के 1,224.54 मिलियन से अधिक है। इसका मतलब है कि देश में मोबाइल और डेटा यूज़र्स की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसका सबसे बड़ा फायदा जियो और बीएसएनएल जैसी कंपनियों को मिल रहा है।
4G से 5G की राह पर BSNL
बीएसएनएल का अगला लक्ष्य 5G है। कंपनी जल्द ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में 5G सर्विस लॉन्च करने की तैयारी में है। खास बात यह है कि बीएसएनएल का मौजूदा 4G नेटवर्क इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे सीधे 5G में अपग्रेड किया जा सकता है, जिससे कंपनी को तकनीकी बढ़त मिल सकती है। सरकारी समर्थन, स्वदेशी तकनीक और बढ़ते ग्राहक आधार के साथ बीएसएनएल अब एक बार फिर निजी कंपनियों को कड़ी टक्कर देने के मूड में है।
फिर से वापसी की राह पर BSNL
कभी भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी रही बीएसएनएल अब अपने नए अवतार में वापसी कर रही है। लगातार दो महीने तक एयरटेल को पछाड़ना इस बात का संकेत है कि सरकारी कंपनी अब सुधार और नवाचार के रास्ते पर है। अगर बीएसएनएल ने इसी गति से प्रदर्शन जारी रखा, तो आने वाले समय में यह न केवल एयरटेल बल्कि Vi के मार्केट शेयर पर भी गहरा असर डाल सकती है।
वैसे अब टेलिकॉम सेक्टर में मुकाबला और दिलचस्प हो गया है जियो का दबदबा, बीएसएनएल की वापसी, एयरटेल की चुनौती और Vi की जंग – यही तस्वीर आने वाले महीनों में भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री का भविष्य तय करेगी।