नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने Budget 2026 पेश करते हुए छात्राओं की शिक्षा को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक ऐलान किया है। सरकार ने देश के हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल स्थापित करने का फैसला लिया है। इस कदम का मकसद दूर-दराज और ग्रामीण इलाकों की लड़कियों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, ताकि वे पढ़ाई बीच में छोड़ने के बजाय आगे बढ़ सकें। सरकार का मानना है कि सुरक्षित रहने की व्यवस्था मिलने से स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की संख्या बढ़ेगी और ड्रॉपआउट रेट में कमी आएगी।
‘युवाशक्ति’ से प्रेरित बजट, शिक्षा और अवसरों पर फोकस
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि यह बजट ‘युवाशक्ति’ से प्रेरित है और तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है। सरकार की प्राथमिकता युवाओं को बेहतर शिक्षा, कौशल और अवसर उपलब्ध कराना है। गर्ल हॉस्टल योजना इसी सोच का हिस्सा है, जिससे खास तौर पर बेटियों को पढ़ाई के दौरान आने वाली रहने-सहने की चुनौतियों से राहत मिलेगी। इससे उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी बढ़ने और रोजगार के अवसरों तक उनकी पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है।
हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
बजट 2026 में देश की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा गया है। इनमें मुंबई–पुणे, पुणे–हैदराबाद, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी रूट शामिल हैं। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के डानकुनी के लिए एक नए फ्रेट कॉरिडोर का ऐलान किया गया है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से यात्रा का समय घटेगा, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए मौके बनेंगे।
सेमीकंडक्टर मिशन को ₹40,000 करोड़ का बूस्ट
वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर सेक्टर को रणनीतिक प्राथमिकता बताते हुए इसके लिए ₹40,000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया। सरकार का लक्ष्य भारत में ही मशीनों और जरूरी उपकरणों के निर्माण की क्षमता विकसित करना और एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार करना है। ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे खनिज संसाधनों से भरपूर राज्यों की भूमिका इसमें अहम होगी। इस पहल से भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत हिस्सेदारी दिलाने की कोशिश की जा रही है।
जरूरी दवाएं होंगी सस्ती, बायो-फार्मा को मिलेगा बढ़ावा
बजट में बायो-फार्मा सेक्टर के विकास पर भी खास ध्यान दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इससे कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की दवाइयों की कीमतें कम होंगी। इसके साथ ही छोटे और मध्यम उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ का SME ग्रोथ फंड घोषित किया गया है। सरकार का उद्देश्य ज्यादा रोजगार पैदा करना और उद्यमियों को विस्तार के लिए आसान फंडिंग उपलब्ध कराना है।
बॉन्ड मार्केट और इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती
कॉर्पोरेट बॉन्ड पर टोटल रिटर्न स्वैप पेश करने की घोषणा की गई है, जिससे फाइनेंशियल मार्केट में नई गहराई आएगी। म्युनिसिपल बॉन्ड बाजार को बढ़ावा देने के लिए ₹1,000 करोड़ से अधिक के बॉन्ड जारी करने वाले बड़े शहरों को ₹100 करोड़ का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिलने में आसानी होगी।
खादी और हस्तशिल्प को मिलेगा नया जीवन
बजट 2026 में खादी और हस्तशिल्प टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूत करने के लिए टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट्स प्रोग्राम का ऐलान किया गया है। चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क बनाने और महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की योजना है।
क्या बदलेगा बजट 2026 से?
बजट 2026 का फोकस साफ है – युवाओं और बेटियों के लिए अवसर बढ़ाना, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना और भारत को टेक्नोलॉजी के मामले में आत्मनिर्भर बनाना। हर जिले में गर्ल हॉस्टल की घोषणा सामाजिक बदलाव की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अगर ये योजनाएं जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू होती हैं, तो आने वाले वर्षों में शिक्षा, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।