नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट मीटिंग (Cabinet Meeting) में कई बड़े फैसले लिए गए। जहाज निर्माण को मजबूती देने से लेकर मेडिकल शिक्षा, हाईवे, रेलवे और कर्मचारियों को बोनस तक – फैसलों की लंबी लिस्ट है। इनमें सबसे ज्यादा फायदा बिहार को मिलने वाला है।
शिप मैन्युफैक्चरिंग को 69,725 करोड़ का पैकेज
कैबिनेट ने भारत की शिप मैन्युफैक्चरिंग और समुद्री क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 69,725 करोड़ रुपये के पैकेज को मंजूरी दी है। इस पैकेज से लगभग 45 लाख टन जहाज बनाने की क्षमता विकसित होगी और करीब 30 लाख नौकरियां पैदा होंगी। इस प्रोजेक्ट से समुद्री क्षेत्र में लगभग 4.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश भी आएगा।
पैकेज की खास बातें
इस पैकेज में कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें शिप बिल्डिंग फाइनेंशियल असिस्टेंस स्कीम (SBFAS भी शामिल है, जिसे अब 2036 तक बढ़ा दिया गया है और इसके लिए कुल 24,736 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इसके अलावा, जहाज तोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए क्रेडिट नोट योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसके लिए 4,001 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इन सभी योजनाओं को सही और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राष्ट्रीय जहाज निर्माण मिशन की स्थापना की जाएगी, जो भारत में जहाज निर्माण की क्षमता और निवेश को बढ़ाने में मदद करेगा।
समुद्री विकास कोष (MDF)
इस फंड की कुल राशि 25,000 करोड़ रुपये रखी गई है। इसमें से 20,000 करोड़ रुपये को समुद्री निवेश कोष के रूप में और 5,000 करोड़ रुपये को ब्याज प्रोत्साहन कोष के लिए आवंटित किया गया है। सरकार इस फंड में 49% तक निवेश करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि परियोजनाओं के लिए कर्ज की लागत कम हो और व्यवसायियों तथा निवेशकों को आसानी से लोन उपलब्ध हो सके।
मेडिकल शिक्षा में बढ़ेंगी 10 हजार से ज्यादा सीटें
देश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। जिसके तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार से ज्यादा सीटें बढ़ाई जाएंगी। और इसमें 5,000 PG सीटें और 5,023 MBBS सीटें शामिल होंगी।
खर्च और योजना
हर नई सीट के लिए सरकार लगभग 1.50 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह कदम सेंट्रली स्पॉन्सर्ड स्कीम (CSS) के तीसरे चरण के तहत उठाया जा रहा है। इसके साथ ही, मौजूदा सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को भी अपग्रेड किया जाएगा। इस पहल से न केवल अधिक स्पेशलिस्ट डॉक्टर तैयार होंगे, बल्कि देश में मेडिकल सुविधाओं की मजबूती भी बढ़ेगी।
बिहार को मिला हाईवे का तोहफ़ा
बिहार को इस कैबिनेट मीटिंग से खासा लाभ मिला है। केंद्रीय सरकार ने NH-139W के साहेबगंज-अरराज-बेतिया खंड को चार लेन सड़क में विकसित करने की मंजूरी दी है। यह सड़क लगभग 78.942 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर कुल 3,822.31 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
फायदा क्या होगा?
यह सड़क ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के तहत विकसित की जाएगी और हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर तैयार होगी। इसके पूरा होने से पटना से बेतिया तक की यात्रा बहुत आसान हो जाएगी। इस मार्ग से वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों को भी सीधा लाभ मिलेगा। चूंकि यह क्षेत्र भारत-नेपाल बॉर्डर से जुड़ा है, इसलिए इसके बनने से व्यापार और पर्यटन दोनों को मजबूती मिलेगी।
बिहार में बनेगी रेल की डबल लाइन
कैबिनेट मीटिंग में बिहार को एक और बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय सरकार ने बख्तियारपुर-राजगीर-तिलैया सिंगल रेलवे लाइन को डबल करने की मंजूरी दी है। यह रेलवे लाइन लगभग 104 किलोमीटर लंबी होगी और इसके निर्माण पर कुल 2,192 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्थानीय विकास
यह प्रोजेक्ट बिहार के चार जिलों को कवर करेगा।
राजगीर, नालंदा और पावापुरी जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक कनेक्टिविटी सुधरेगी।
करीब 1,434 गांवों और 13.46 लाख लोगों को सीधा फायदा होगा।
गया और नवादा जैसे पिछड़े जिले भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
रेलवे कर्मचारियों को 1,866 करोड़ का बोनस
रेलवे कर्मचारियों के लिए सरकार ने खास सौगात दी है। केंद्रीय कैबिनेट ने प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है, जिसके लिए 1,866 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस योजना का लाभ देश भर के 10.90 लाख से ज्यादा रेलवे कर्मचारी उठाएंगे। हर कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये बोनस मिलेगा, जो लगभग 78 दिनों की सैलरी के बराबर है।
वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए 2,277 करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट ने विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने DSIR और CSIR की एक नई योजना को मंजूरी दी है, जिसके लिए कुल 2,277.40 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। यह राशि 2021-22 से 2025-26 तक के वित्तीय चक्र के लिए उपलब्ध होगी और इस योजना का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान को मजबूती देना है।
युवाओं को अवसर
योजना का मकसद है कि युवा शोधकर्ता यूनिवर्सिटी, उद्योग, R&D लैब्स और शैक्षणिक संस्थानों में करियर बना सकें। इसके साथ ही उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, चिकित्सा और गणित (STEMM) के बड़े वैज्ञानिकों और प्रोफेसरों का मार्गदर्शन मिलेगा।
कैबिनेट फैसले: विकास और प्रगति की नई दिशा
इस कैबिनेट मीटिंग में लिए गए निर्णय देश के विभिन्न क्षेत्रों पर गहरा असर डालेंगे। जहाज निर्माण और समुद्री क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भारत की शिपिंग क्षमता मजबूत होगी। मेडिकल शिक्षा में सीटों की वृद्धि से देश में डॉक्टरों की कमी दूर होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
बिहार को हाईवे और रेलवे प्रोजेक्ट्स की सौगात मिलने से राज्य का आर्थिक और सामाजिक विकास तेज़ होगा। इसके अलावा, कर्मचारियों और वैज्ञानिकों को सीधे लाभ मिलने से कार्यकुशलता और अनुसंधान क्षेत्र में मजबूती आएगी। यह बैठक स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि सरकार एक साथ इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, शिक्षा और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान दे रही है, जिससे देश की प्रगति की गति और तेज़ होगी।