दूध की कीमत में होने वाला हर बदलाव सीधा आम आदमी की जेब पर असर डालता है। परिवार का रोज़ाना का बजट दूध के बिना अधूरा है, ऐसे में जीएसटी दरों में कटौती ग्राहकों के लिए राहत की खबर लेकर आई है। 22 सितंबर से मदर डेयरी और अमूल कुछ कैटेगरी के दूध को सस्ता करने जा रहे हैं।
GST बदलाव और नया नियम
दरअसल, सरकार ने दूध पर लगने वाले 5 फीसद जीएसटी को घटाकर शून्य कर दिया है। इसका सीधा फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने की तैयारी कंपनियां कर चुकी हैं। ये बदलाव खासतौर पर UHT (Ultra High Temperature) दूध और कुछ मदर डेयरी के वेरिएंट्स में देखने को मिलेगा।
मदर डेयरी दूध होगा सस्ता
मदर डेयरी ने साफ कहा है कि जीएसटी कम होने का फायदा वह उपभोक्ताओं तक पहुंचाएगी। कीमतों में 3 से 4 रुपये प्रति लीटर तक की गिरावट आ सकती है।
– फुल क्रीम दूध: पहले 69 रुपये, अब 65-66 रुपये
– टोन्ड मिल्क: पहले 57 रुपये, अब 55-56 रुपये
– भैंस का दूध: पहले 74 रुपये, अब 71 रुपये
– गाय का दूध: पहले 59 रुपये, अब 56-57 रुपये
यानी रोज़ाना दूध खरीदने वाले परिवारों को महीने भर में अच्छी-खासी बचत हो सकती है।
अमूल का पाउच वाला दूध जस का तस
अमूल ने स्पष्ट कर दिया है कि पैकेट वाले ताजे दूध की कीमत में कोई बदलाव नहीं होगा। कारण यह है कि पाउच दूध पर पहले से ही कोई जीएसटी नहीं लगता था। यानी रोज़ाना घरों में इस्तेमाल होने वाले अमूल के पाउच दूध की कीमतें वैसे ही रहेंगी जैसी अभी हैं।
कौन-सा अमूल दूध होगा सस्ता?
हालांकि अमूल का UHT दूध जरूर सस्ता होगा। इस पर पहले 5 फीसदी जीएसटी लगता था, जिसे अब हटा दिया गया है। इससे टेट्रा पैक वाले दूध की कीमतें घट जाएंगी। अमूल के मैनेजिंग डायरेक्टर जयेन मेहता ने साफ कहा कि ताजा दूध पर पहले से जीएसटी शून्य था, इसलिए उसकी कीमतों में कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
आखिर UHT दूध होता क्या है?
कई लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर UHT दूध क्या है। दरअसल, इस प्रक्रिया में दूध को लगभग 135°C तापमान पर कुछ सेकंड के लिए गर्म किया जाता है। इससे दूध में मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणु नष्ट हो जाते हैं और दूध लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। टेट्रा पैक पैकेजिंग के कारण इसे बिना फ्रिज में रखे भी कई महीनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। यही वजह है कि शहरों और यात्राओं में लोग UHT दूध को ज्यादा पसंद करते हैं।
उपभोक्ताओं को फायदा कितना?
अगर आप रोज़ाना मदर डेयरी का दूध खरीदते हैं, तो महीने में 90 से 120 रुपये तक की बचत आसानी से हो सकती है। वहीं, अमूल का UHT दूध लेने वालों को भी अब कम दाम चुकाने होंगे। यह राहत खासकर मिडिल क्लास परिवारों और उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो रोज़ाना दूध की बड़ी मात्रा खरीदते हैं।
दूध इंडस्ट्री पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि जीएसटी में यह कटौती दूध की खपत को और बढ़ा सकती है। आम आदमी के लिए दूध पहले से ही रोजमर्रा की जरूरत है और दाम कम होने पर लोग बिना झिझक अपनी खपत को बनाए रख पाएंगे। साथ ही, दूध कंपनियों की बिक्री में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
नतीजा: राहत और भरोसा
दूध हर घर की बुनियादी ज़रूरत है। ऐसे में कीमतों में 3-4 रुपये की भी कमी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बन जाती है। सरकार का यह कदम न सिर्फ महंगाई से जूझ रहे लोगों को राहत देगा, बल्कि दूध कंपनियों और उपभोक्ताओं के बीच भरोसे को भी मजबूत करेगा। कुल मिलाकर, 22 सितंबर से आम आदमी की जेब थोड़ी हल्की नहीं बल्कि थोड़ी भारी महसूस होगी, क्योंकि दूध सस्ता होने से घर का मासिक खर्च कम होने वाला है।