लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 22 से 29 सितंबर 2025 तक ‘GST सुधार जागरूकता अभियान’ की शुरुआत की है। यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए जीएसटी ढांचे के लाभों को व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों तक पहुंचाने का उद्देश्य रखता है। इसके साथ ही, यह अभियान स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और त्योहारों के मौसम में उपभोक्ताओं को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
GST सुधार अभियान का उद्देश्य और रणनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अभियान को ‘Next-जेनरेशन जीएसटी’ के रूप में प्रस्तुत किया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक दशक लंबी स्थिर और दूरदर्शी आर्थिक नीति का परिणाम है। इसका मुख्य उद्देश्य व्यापारियों के लिए व्यापार को सरल बनाना, उपभोक्ताओं के लिए वस्तुओं की कीमतों को कम करना और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। अभियान के तहत, सभी जनप्रतिनिधियों को अपने-अपने क्षेत्रों में 1 से 2 घंटे स्थानीय बाजारों में बिताने के निर्देश दिए गए हैं। वे दुकानदारों से मिलकर उन्हें गुलाब का फूल देकर धन्यवाद करेंगे और जीएसटी सुधारों के लाभों के बारे में जानकारी देंगे। इसके साथ ही, दुकानदारों से ‘गर्व से कहो स्वदेशी है’ जैसे पोस्टर लगाने की अपील की गई है, ताकि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।
स्वदेशी उत्पादों का महत्व
अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है। मुख्यमंत्री ने दुकानदारों से अपील की है कि वे भारतीय निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता दें, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकेगा। इस पहल से न केवल व्यापारियों को लाभ होगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी सस्ते और गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध होंगे।
अभियान के प्रभाव और संभावित लाभ
इस अभियान के माध्यम से GST सुधारों के लाभों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सरल GST प्रक्रियाओं के कारण व्यापारियों के लिए व्यापार करना आसान होगा, जिससे व्यापार में वृद्धि होगी। उपभोक्ताओं को सस्ते और गुणवत्तापूर्ण सामान उपलब्ध होंगे, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी। इसके अलावा, इस पहल से निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
क्या है ‘Next-जेनरेशन GST’?
22 सितंबर 2025 से देश में नई टैक्स व्यवस्था लागू हो गई है। जिसे ‘Next-जेनरेशन GST’ या ‘GST बचत उत्सव’ नाम दिया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि इस बदलाव से उपभोक्ताओं की जेब में ज्यादा पैसा बचेगा और अर्थव्यवस्था में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की ताकत भी जुड़ेगी।
क्या-क्या हुआ सस्ता?
दैनिक जरूरत का सामान: अब पैक्ड पनीर, UHT दूध, छेना और सभी तरह की ब्रेड जैसे रोटी, पराठा, परोट्टा और खाखरा पर कम टैक्स लगेगा।
अन्य कंज्यूमर प्रोडक्ट्स: मक्खन, बिस्किट, नमकीन, जैम, केचप, जूस, ड्राई फ्रूट्स, घी, आइसक्रीम और पेस्ट्री जैसी चीजें सस्ती होंगी। वहीं, साबुन, शैम्पू, हेयर ऑयल, फेस क्रीम और शेविंग क्रीम पर भी राहत मिलेगी।
किचन अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक्स: AC, TV, वॉशिंग मशीन और डिशवॉशर अब 18% टैक्स स्लैब में आ जाएंगे। मेडिकल डिवाइस जैसे डायग्नोस्टिक किट्स और ग्लूकोमीटर पर टैक्स 5% रह गया है।
हाउसिंग: सीमेंट पर GST 28% से घटाकर 18 कर दिया गया है।
सर्विसेज: हेयरकट, जिम, योगा सेंटर और हेल्थ क्लब जैसी सेवाओं पर अब जेब हल्की नहीं होगी।
क्या हुआ महंगा?
40% GST वाले सामान: सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, गुटका और अन्य तंबाकू उत्पाद महंगे हो गए हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग पर भी भारी टैक्स लगेगा।
लग्जरी गाड़ियां और बाइकें: बड़े इंजन वाली SUVs, MPVs और 350cc से ऊपर की मोटरसाइकिलें अब 40% GST स्लैब में होंगी।
सॉफ्ट ड्रिंक्स: कोल्ड ड्रिंक्स और एरेटेड बेवरेजेज जैसे कोका-कोला, पेप्सी और माउंटेन ड्यू भी महंगे होंगे।
प्रीमियम प्रोडक्ट्स और सर्विसेज: AC रेस्टोरेंट में खाना, प्रीमियम स्मार्टफोन, इम्पोर्टेड गैजेट्स और लग्जरी सैलून-स्पा सेवाएं अब 18% टैक्स स्लैब में शिफ्ट हो गई हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में जीएसटी सुधार जागरूकता अभियान एक दूरदर्शी और प्रभावी पहल है, जो न केवल व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए लाभकारी है, बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगा। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और जीएसटी सुधारों के लाभों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में यह अभियान एक मील का पत्थर साबित होगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श प्रस्तुत करेगा और देशभर में आर्थिक सुधारों की दिशा में एक सकारात्मक कदम होगा।