भारत के सबसे मशहूर स्नैक्स ब्रांडों में से एक हल्दीराम (Haldiram Group) अब भारतीय मिठाइयों और नमकीन से आगे बढ़कर वेस्टर्न स्टाइल क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी अमेरिकी कंपनी इंस्पायर ब्रांड्स (Inspire Brands) के साथ साझेदारी कर लोकप्रिय सैंडविच चैन जिमी जॉन्स (Jimmy John’s) को भारत लाने की योजना बना रही है।
हल्दीराम की योजना: जिमी जॉन्स को भारत लाना
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, हल्दीराम ग्रुप और इंस्पायर ब्रांड्स के बीच बातचीत एडवांस स्टेज पर है। यदि यह सौदा पक्का होता है, तो हल्दीराम भारत में जिमी जॉन्स की मास्टर फ्रैंचाइज़ी पार्टनर बन सकता है। हल्दीराम ग्रुप का इरादा है कि इस नए वेंचर को सबवे (Subway) और टिम हॉर्टन्स (Tim Hortons) जैसे अंतरराष्ट्रीय ब्रांडों के मुकाबले में उतारा जाए। कंपनी का लक्ष्य है कि भारत के युवा और मिलेनियल उपभोक्ताओं को आकर्षित किया जाए, जो आजकल कैफे-स्टाइल डाइनिंग और वेस्टर्न फूड की ओर तेजी से झुक रहे हैं।
पहले से मौजूद मजबूत नेटवर्क
हल्दीराम इस समय देशभर में करीब 150 से ज्यादा आउटलेट्स चला रहा है और लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का रेस्तरां बिजनेस कर रहा है। नए QSR वेंचर को इसी रेस्तरां वर्टिकल के अंतर्गत शामिल किया जाएगा। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि – “हम इंस्पायर ग्रुप के साथ साझेदारी की संभावना तलाश रहे हैं, ताकि हम उनके वैश्विक विस्तार में अपने इंटरनेशनल कुलिनरी सप्लाई इकोसिस्टम (culinary supply ecosystem) के जरिए सहयोग कर सकें। यह साझेदारी भविष्य में एक मजबूत गठजोड़ बन सकती है।”
जिमी जॉन्स: अमेरिका का मशहूर सैंडविच ब्रांड
1983 में स्थापित जिमी जॉन्स अपने ताजे और ऑर्डर पर तैयार किए जाने वाले सैंडविच और रैप्स के लिए जाना जाता है। वर्तमान में इसके 2,600 से ज्यादा आउटलेट्स अमेरिका, कनाडा, दक्षिण कोरिया और यूएई में संचालित हैं। यह ब्रांड हर साल लगभग 2.6 अरब डॉलर की बिक्री करता है और अमेरिका की टॉप सैंडविच चेन में शामिल है।
इसकी पैरेंट कंपनी इंस्पायर ब्रांड्स (Inspire Brands) के पास डंकिन’, बास्किन-रॉबिन्स, आर्बीज़, बफेलो वाइल्ड विंग्स और सॉनिक जैसे कई बड़े ब्रांड हैं। 2018 में स्थापित इस कंपनी का नेटवर्क अब चार अंतरराष्ट्रीय बाजारों में 33,000 से ज्यादा रेस्तरां तक फैल चुका है। 2024 में इंस्पायर ब्रांड्स ने 32.6 अरब डॉलर की सिस्टम-वाइड बिक्री दर्ज की थी।
Haldiram का फूड बिजनेस में विस्तार
हल्दीराम का फूड सर्विस सेक्टर में प्रवेश उसके हालिया पुनर्गठन और फंडिंग रणनीति का हिस्सा है। अप्रैल 2025 में कंपनी ने अपनी दिल्ली और नागपुर यूनिट्स को मिलाकर “हल्दीराम स्नैक्स फूड प्राइवेट लिमिटेड” बनाया। यह कदम संभावित आईपीओ (IPO) की दिशा में एक बड़ी तैयारी माना जा रहा है। इस मर्जर के बाद टेमासेक, अल्फा वेव ग्लोबल और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) जैसे ग्लोबल निवेशकों ने इसमें निवेश किया। टेमासेक ने कंपनी में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी, जिससे कंपनी का मूल्यांकन करीब 10 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं अल्फा वेव और IHC ने 6% हिस्सेदारी संयुक्त रूप से खरीदी।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) में दाखिल दस्तावेजों के अनुसार, हल्दीराम स्नैक्स फूड ने FY24 में 12,800 करोड़ रुपये का रेवेन्यू और 1,400 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया। इन आंकड़ों से साफ है कि कंपनी स्नैक्स इंडस्ट्री में के साथ अब फूड सर्विस सेक्टर में भी मजबूत कदम रख रही है।
भारत के QSR मार्केट में हलचल बढ़ेगी
भारत का क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) मार्केट तेजी से बढ़ रहा है – सबवे, बर्गर किंग, मैकडॉनल्ड्स और टिम हॉर्टन्स जैसे ग्लोबल ब्रांड्स पहले से मौजूद हैं। ऐसे में हल्दीराम का प्रवेश इस क्षेत्र में देसी और विदेशी स्वाद का संगम पेश कर सकता है। हल्दीराम की पहचान भारतीय स्वाद, गुणवत्ता और विश्वसनीयता से जुड़ी है। अब अगर यह ब्रांड जिमी जॉन्स जैसे इंटरनेशनल नाम के साथ जुड़ता है, तो यह भारत के QSR सेक्टर में एक नया मुकाम हासिल कर सकता है।