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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > फार्मा > India-EU FTA: भारतीय फार्मा और केमिकल सेक्टर के लिए खुलेंगे नए दरवाज़े
फार्मा

India-EU FTA: भारतीय फार्मा और केमिकल सेक्टर के लिए खुलेंगे नए दरवाज़े

Last updated: 28/01/2026 1:49 PM
By
Industrial empire correspondent
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India-EU FTA impact on Indian pharma and chemical industry exports
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India-EU FTA: भारतीय फार्मा और रसायन उद्योग के लिए यूरोप से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। यूरोपीय संघ (EU) ने भारत से निर्यात होने वाले रसायनों के करीब 97.5 फीसदी हिस्से पर टैरिफ शून्य करने की पेशकश की है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इससे भारतीय दवा, मेडिकल डिवाइस और केमिकल कंपनियों को यूरोपीय बाजारों में जबरदस्त बढ़त मिलने की उम्मीद है। इस नए ढांचे के तहत, यूरोपीय संघ उन शुल्कों को खत्म करने की तैयारी में है, जो अब तक 12.8 फीसदी तक लगते थे। इससे खासतौर पर थोक रसायन और विशेष केमिकल से जुड़े कारोबार में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है।

मेडिकल डिवाइस सेक्टर को भी बड़ा फायदा
इस समझौते का असर सिर्फ रसायन उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा। चिकित्सा और शल्य चिकित्सा उपकरणों पर लगने वाले भारी-भरकम टैरिफ में भी बड़ी कटौती की बात कही गई है। मौजूदा समय में इन उपकरणों पर 27.5 फीसदी तक शुल्क लगता है, जिसे घटाकर शून्य करने का प्रस्ताव है। इसके बदले भारत भी यूरोपीय संघ से आने वाली दवाओं और रसायनों पर लगाए गए 11 फीसदी और 22 फीसदी तक के टैरिफ को खत्म करेगा। इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापार संतुलन बेहतर होने की उम्मीद है।

भारतीय फार्मा उद्योग को क्या मिलेगा फायदा?
इंडियन फार्मास्युटिकल अलायंस (IPA) के महासचिव सुदर्शन जैन के मुताबिक, यूरोपीय संघ द्वारा दवाओं पर लगाए गए टैरिफ हटाए जाने से भारत-यूरोप फार्मा व्यापार को नई रफ्तार मिलेगी। इससे न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि भारतीय मरीजों को भी यूरोपीय नवोन्मेषी दवाओं तक आसान और सस्ती पहुंच मिल सकेगी। हालांकि भारतीय फार्मा कंपनियों को पहले से ही यूरोपीय संघ में कई मामलों में शून्य शुल्क की सुविधा मिलती है, लेकिन यह समझौता तरजीही पहुंच और मेडिकल डिवाइस कंपनियों के लिए बेहतर प्रतिस्पर्धा का रास्ता खोल देगा।

एपीआई और वैल्यू-एडेड दवाओं को मिलेगा बूस्ट
विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग शून्य टैरिफ व्यवस्था से यूरोपीय बाजार में भारतीय जेनेरिक दवाओं, एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स की स्थिति और मजबूत होगी। वित्त वर्ष 2025 में यूरोप को भारत का फार्मा निर्यात करीब 5.8 बिलियन डॉलर रहने का अनुमान था, जो भारत के कुल फार्मा निर्यात का 19 से 21 फीसदी हिस्सा है। इसमें सबसे बड़ा योगदान जेनेरिक दवाओं और बायोसिमिलर का रहा, जो कुल निर्यात का 75 से 80 फीसदी थे।

बायोसिमिलर बाजार में भारत को बड़ा मौका
यह समझौता भारतीय जेनेरिक कंपनियों को यूरोपीय संघ के करीब 2 अरब डॉलर के बायोसिमिलर और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक बाजार में मजबूती से उतरने का अवसर देगा। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट्स प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Pharmexcil) के अध्यक्ष नमित जोशी के अनुसार, यह विकास खासतौर पर भारत के फार्मा MSME सेक्टर के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि कई छोटे और मझोले निर्यातकों के पास मजबूत गुणवत्ता क्षमताएं हैं, लेकिन अब तक उन्हें लागत और नियामक बाधाओं के कारण यूरोपीय बाजार में एंट्री करने में दिक्कत आती थी।

दवाओं की कीमतों पर क्या पड़ेगा असर?
इबेरिया फार्मास्युटिकल्स के सह-संस्थापक सौरभ ओझा का कहना है कि अल्पकालिक तौर पर दवाओं की कीमतों में 10 से 20 फीसदी तक की मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। लेकिन असली असर अगले दो से तीन वर्षों में दिखेगा। उनके मुताबिक, जैसे-जैसे स्थानीय उत्पादन बढ़ेगा, बायोसिमिलर बाजार में आएंगे और पेटेंट खत्म होंगे, दवाओं की कीमतों में 40 से 70 फीसदी तक की बड़ी गिरावट संभव है।

शेयर बाजार ने भी दिया सकारात्मक संकेत
इस संभावित समझौते का असर शेयर बाजार पर भी दिखा। निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 0.3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। जेबी फार्मा और टोरेंट फार्मा के शेयरों में 1.7 फीसदी, ग्लेनमार्क में 1.6 फीसदी और जायडस लाइफसाइंसेज में 1.3 फीसदी की तेजी देखने को मिली।

भारतीय फार्मा के लिए गेम-चेंजर सौदा
यूरोपीय संघ का यह प्रस्ताव भारतीय फार्मा और केमिकल सेक्टर के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। टैरिफ में कटौती, आसान नियम और बेहतर सहयोग से न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा, बल्कि मरीजों को भी सस्ती और बेहतर दवाओं का फायदा मिलेगा। आने वाले वर्षों में इसका असर व्यापार, निवेश और दवा कीमतों – तीनों पर साफ नजर आ सकता है।

TAGGED:Chemical ExportEU Trade DealIndia-EU FTAIndustrial EmpireMedical Devices IndustryPHARMA
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