नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में अपना दबदबा बनाने के लिए अमेरिका की दिग्गज टेक कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं। हालांकि, अब निवेशकों को इस भारी-भरकम खर्च पर सवाल उठने लगे हैं। बाजार में चिंता है कि कंपनियां एआई पर जितना पैसा लगा रही हैं, क्या भविष्य में उससे उतना मुनाफा भी मिलेगा? इसी आशंका का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर दिखाई दे रहा है। अक्टूबर में नैसडैक अपने उच्चतम स्तर से 7.8 फीसदी नीचे आ चुका है। यह मार्च 2025 के बाद उसका सबसे खराब मासिक प्रदर्शन बताया जा रहा है। इस गिरावट के दौरान टेक कंपनियों का बाजार पूंजीकरण करीब 2 ट्रिलियन डॉलर घट गया।
वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों में बिकवाली
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली। नैसडैक कंपोजिट इंडेक्स 2.86 फीसदी टूट गया, जबकि S&P 500 में 1.82 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दोनों इंडेक्स के लिए जून के बाद यह सबसे खराब कारोबारी दिन रहा। वहीं, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी 572 अंक यानी 1.1 फीसदी गिरकर बंद हुआ।
इस गिरावट की बड़ी वजह एआई में लगातार बढ़ता निवेश और उससे मिलने वाले रिटर्न को लेकर अनिश्चितता है। मेटा, अल्फाबेट और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर भारी खर्च कर रही हैं। जेपी मॉर्गन के अनुमान के मुताबिक, 2030 तक वैश्विक एआई निवेश 5.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। अकेले इस साल करीब 900 अरब डॉलर खर्च होने की उम्मीद है।
इंटेल के शेयरों में 30 फीसदी की गिरावट
चिप निर्माता कंपनी इंटेल के निवेशकों को सबसे बड़ा झटका लगा। कंपनी के शेयर एक ही दिन में करीब 30 फीसदी टूट गए। बताया जा रहा है कि 1974 के बाद यह कंपनी के शेयरों में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। कंपनी ने चौथी तिमाही में कमजोर राजस्व का अनुमान जताया है। मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ता मांग प्रभावित होने की आशंका भी इसके पीछे एक वजह है।
दूसरी ओर, अमेजन के शेयर 1.4 फीसदी और एनवीडिया के शेयर 4 फीसदी से अधिक गिर गए। इस गिरावट के बाद एनवीडिया बाजार पूंजीकरण के मामले में एप्पल से पीछे हो गई। वहीं, अल्फाबेट और मेटा के शेयर अपने हालिया उच्चतम स्तर से करीब 20 फीसदी नीचे आ चुके हैं।
दुनिया के अमीरों की संपत्ति को भी झटका
शेयर बाजार में गिरावट का असर दुनिया के सबसे अमीर कारोबारियों की संपत्ति पर भी पड़ा है। एलन मस्क की नेटवर्थ में 48.5 अरब डॉलर की कमी आई और यह घटकर करीब 865 अरब डॉलर रह गई। इसके अलावा जेफ बेजोस, लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन, माइकल डेल, मार्क जुकरबर्ग, लैरी एलिसन और एनवीडिया के प्रमुख जेनसन हुआंग की संपत्ति में भी गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, एआई पर किए जा रहे निवेश से कुछ कंपनियों को शुरुआती रिटर्न मिलने के संकेत भी हैं। इसके बावजूद बाजार में यह सवाल बना हुआ है कि क्या एआई पर खर्च की जा रही इतनी बड़ी रकम भविष्य में कंपनियों की कमाई को उसी अनुपात में बढ़ा पाएगी। फिलहाल निवेशक इस तकनीक की संभावनाओं के साथ उसके आर्थिक जोखिमों का भी आकलन कर रहे हैं।