अगर आपका कोई पुराना बैंक अकाउंट है जिसे आप भूल चुके हैं, या लंबे समय से उसमें कोई लेन-देन नहीं हुआ तो यह खबर आपके बहुत काम की है। लाखों लोग ऐसे हैं जिनके पैसे पुराने अकाउंट्स में ‘फंसे’ हुए हैं। अच्छी बात यह है कि अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इसका बेहद आसान समाधान निकाल लिया है। बस 3 सिंपल स्टेप्स में आप अपना पूरा पैसा वापस पा सकते हैं।
RBI का बड़ा कदम: निष्क्रिय खातों से मिलेगा हक का पैसा
आरबीआई के अनुसार, देशभर में करोड़ों रुपये ऐसे खातों में फंसे हैं, जिनमें वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ। बैंक नियमों के मुताबिक, अगर किसी खाते में 2 साल तक कोई ट्रांजेक्शन नहीं होता, तो वह निष्क्रिय (Inactive) हो जाता है। और अगर 10 साल तक खाता यूं ही बंद पड़ा रहे, तो बैंक उस खाते की राशि को Depositor Education and Awareness (DEA) Fund में ट्रांसफर कर देता है।
पहले यह प्रक्रिया काफी जटिल हुआ करती थी, लेकिन अब RBI ने इसे बहुत आसान बना दिया है। अब खाता धारक या उसका कानूनी वारिस किसी भी समय इस पैसे का दावा कर सकता है। इसके लिए कोई समय सीमा नहीं रखी गई है।
जानिए आपका पैसा कहां है – RBI वेबसाइट से करें सर्च
RBI ने इसके लिए एक खास पोर्टल शुरू किया है, जहां आप कुछ क्लिक में पता लगा सकते हैं कि आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य का पैसा किसी बैंक में निष्क्रिय पड़ा है या नहीं।
कैसे करें सर्च:
RBI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं –
https://www.rbi.org.in/Scripts/DepositorEducation.aspx
यहां दिए गए सर्च बॉक्स में अपना नाम या परिवार के सदस्य का नाम टाइप करें।
कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर दिख जाएगा कि आपका पैसा किस बैंक और किस शाखा में पड़ा है।
इसके अलावा, RBI और बैंकों की ओर से अक्टूबर से दिसंबर तक देशभर के जिलों में कैंप भी लगाए जा रहे हैं, जहां सीधे जाकर मदद ली जा सकती है।
पैसा वापस पाने की प्रक्रिया – सिर्फ 3 आसान स्टेप
अब जब आपको यह पता चल जाए कि आपका पैसा कहां पड़ा है, तो उसे क्लेम करना भी उतना ही आसान है।
स्टेप 1: किसी भी बैंक शाखा में जाएं
आपको उसी बैंक में जाने की जरूरत नहीं है जहां आपका पुराना खाता था। RBI ने यह सुविधा दी है कि आप किसी भी बैंक शाखा में जाकर क्लेम प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। वहां जाकर आपको क्लेम फॉर्म भरना होगा।
स्टेप 2: KYC डॉक्युमेंट्स जमा करें
अपने साथ आईडी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ ले जाना जरूरी है। इसके लिए वोटर आईडी, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या NREGA कार्ड जैसे किसी भी मान्य दस्तावेज़ का उपयोग कर सकते हैं। अगर आप किसी दिवंगत व्यक्ति के वारिस के तौर पर पैसा क्लेम कर रहे हैं, तो डेथ सर्टिफिकेट और लीगल वारिस डॉक्युमेंट्स भी लगाना होगा।
स्टेप 3: वेरिफिकेशन और पेमेंट
जब बैंक आपके डॉक्युमेंट्स की जांच पूरी कर लेता है, तो वह डिटेल्स को RBI के DEA फंड से मैच करता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पूरा अमाउंट आपके खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया में कोई चार्ज नहीं लगता और पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में जमा हो जाता है।
लाखों खातों में फंसे हैं अरबों रुपये
RBI के आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में ऐसे लाखों अकाउंट हैं जो निष्क्रिय हैं या जिनमें जमा रकम का कोई दावा नहीं किया गया। सिर्फ सरकारी बैंकों में ही हजारों करोड़ रुपये DEA फंड में ट्रांसफर हो चुके हैं। यह पैसा जनता का है, और RBI चाहती है कि लोग आगे बढ़कर इसे क्लेम करें।
RBI का मकसद: जागरूकता और पारदर्शिता
इस पहल के पीछे RBI का उद्देश्य है कि जनता को उसका हक मिले और बैंकिंग सिस्टम पारदर्शी बने। पहले पुराने खातों की जानकारी निकालना मुश्किल होता था, लेकिन अब डिजिटल प्लेटफॉर्म और जिला स्तर पर जागरूकता कैंप की मदद से हर व्यक्ति आसानी से अपनी राशि वापस पा सकता है।
अगर आपके या आपके परिवार के किसी सदस्य का पुराना बैंक अकाउंट निष्क्रिय पड़ा है, तो अब उसे लेकर चिंतित होने की कोई जरूरत नहीं। बस RBI की वेबसाइट पर जाएं, नाम सर्च करें और तीन आसान स्टेप्स में अपना पूरा पैसा वापस पाएं। यह न सिर्फ आपकी मेहनत की कमाई है, बल्कि एक ऐसा अधिकार भी है जिसे अब RBI ने आपके हाथों में लौटा दिया है।