भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार रेलवे की दो प्रमुख नवरत्न कंपनियों—IRCON International Limited और Rail Vikas Nigam Limited—को मिलाकर एक बड़ी कंपनी बनाने पर विचार कर रही है। रेल मंत्रालय ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया है। अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो इससे रेलवे से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने और वैश्विक स्तर पर भारत की मौजूदगी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
मर्जर की खबर से शेयर बाजार में हलचल
IRCON और RVNL के संभावित मर्जर की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में इन दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। शुक्रवार को IRCON के शेयरों में जोरदार उछाल आया और यह 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ गया। दोपहर करीब 1 बजे कंपनी का शेयर लगभग 148 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था, जबकि कारोबार के दौरान इसमें 12 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई।
दूसरी ओर RVNL के शेयरों में भी तेजी का माहौल रहा। कंपनी का शेयर करीब 3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 288 रुपये के आसपास पहुंच गया था और दिन के दौरान इसमें 6 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का मानना है कि अगर यह मर्जर होता है तो संयुक्त कंपनी की क्षमता काफी बढ़ सकती है, जिससे लंबे समय में निवेशकों को फायदा मिल सकता है।
क्या है सरकार की योजना?
रेल मंत्रालय का मानना है कि दोनों कंपनियों के विलय से रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तेज गति से पूरा किया जा सकेगा। अभी कई परियोजनाओं में अलग-अलग एजेंसियों की भूमिका होती है, जिससे काम में देरी और समन्वय की समस्याएं सामने आती हैं। यदि IRCON और RVNL को मिलाकर एक कंपनी बना दी जाती है, तो अधिकांश परियोजनाओं को एक ही संगठन के तहत पूरा किया जा सकेगा।
इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी और प्रोजेक्ट्स की लागत और समय दोनों को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा। सरकार की रणनीति यह भी है कि इस मर्जर के जरिए एक ऐसी मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बनाई जाए जो सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े रेलवे प्रोजेक्ट्स संभाल सके।
प्रस्ताव के पीछे मुख्य उद्देश्य
रेल मंत्रालय द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के पीछे कई अहम उद्देश्य बताए जा रहे हैं। सबसे पहले, दोनों कंपनियों के बीच कामों के दोहराव को कम करना है। अभी कई बार समान प्रकार की परियोजनाओं में दोनों कंपनियां अलग-अलग काम करती हैं, जिससे संसाधनों का पूरा उपयोग नहीं हो पाता। दूसरा उद्देश्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना है। अगर दोनों कंपनियां एक साथ काम करेंगी तो तकनीकी विशेषज्ञता, मशीनरी और मानव संसाधन का अधिक प्रभावी तरीके से उपयोग किया जा सकेगा।
इसके अलावा सरकार चाहती है कि संयुक्त कंपनी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए वैश्विक स्तर पर बोली लगाने में अधिक सक्षम बने। इससे भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी।
मर्जर से कैसे मजबूत होगी नई कंपनी?
IRCON और RVNL दोनों की अपनी-अपनी विशेषज्ञता है। IRCON को टर्नकी प्रोजेक्ट्स यानी पूरी परियोजना को डिजाइन से लेकर निर्माण तक संभालने का लंबा अनुभव है। साथ ही यह कंपनी पहले से ही मिडिल ईस्ट और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सक्रिय है। वहीं RVNL की ताकत घरेलू रेलवे परियोजनाओं के प्रबंधन में मानी जाती है। कंपनी भारत में रेलवे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स का सफलतापूर्वक संचालन कर चुकी है।
अगर इन दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता को एक साथ जोड़ा जाता है तो एक ऐसी कंपनी बन सकती है जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने में सक्षम होगी। इससे भारत के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को भी मजबूती मिल सकती है।
मंजूरी की प्रक्रिया अभी बाकी
हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इसे लागू होने से पहले कई स्तरों की मंजूरी लेनी होगी। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए वित्त मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम विभाग और आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी से मंजूरी आवश्यक होगी। इसके अलावा चूंकि दोनों कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं, इसलिए इस मर्जर के लिए शेयरधारकों और निवेशकों की सहमति भी जरूरी होगी। साथ ही इसे बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India के नियमों के अनुसार पूरा करना होगा।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल सकती है नई गति
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह मर्जर सफल होता है तो इससे रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को नई गति मिल सकती है। एक मजबूत और बड़ी कंपनी बनने से बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के साथ-साथ भारत की कंपनियों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस प्रस्ताव को किस दिशा में आगे बढ़ाती है और क्या वास्तव में IRCON और RVNL का विलय भारत के रेलवे सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।