ONGC का तिमाही मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़कर ₹17,034 करोड़ पहुंचा। कच्चे तेल और गैस की ऊंची कीमतों से कंपनी को बड़ा लाभ मिला।
ONGC का मुनाफा दोगुने से ज्यादा बढ़ा, महंगे कच्चे तेल और गैस की कीमतों का मिला बड़ा फायदा
Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) भारत की सबसे बड़ी सरकारी तेल और गैस खोज एवं उत्पादन (Exploration & Production) कंपनी है। देश के कुल घरेलू कच्चे तेल उत्पादन का लगभग दो-तिहाई और प्राकृतिक गैस उत्पादन का आधे से अधिक हिस्सा ONGC से आता है। ऐसे में कंपनी के वित्तीय नतीजे न केवल ऊर्जा क्षेत्र बल्कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात नीति के लिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ONGC ने शानदार प्रदर्शन करते हुए शुद्ध लाभ (Net Profit) में दोगुने से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की। कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की ऊंची अंतरराष्ट्रीय कीमतों तथा रुपये की कमजोरी ने कंपनी की कमाई को मजबूत किया, हालांकि उत्पादन में गिरावट का असर भी देखने को मिला।
ONGC का मुनाफा अनुमान से भी बेहतर
अप्रैल-जून तिमाही में ONGC का Net Profit बढ़कर ₹17,034 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दोगुने से अधिक है। यह आंकड़ा बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा।
वहीं कंपनी की कुल आय (Revenue) करीब 45% बढ़कर ₹46,460 करोड़ पहुंच गई। विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का सीधा फायदा ONGC को मिला।
तेल और गैस की ऊंची कीमतों से बढ़ी कमाई
दूसरी तिमाही के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में Brent Crude की औसत कीमत पिछले साल की तुलना में लगभग 50% अधिक रही। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान तनाव और आपूर्ति में व्यवधान के कारण वैश्विक तेल बाजार में कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं।
इसी का लाभ ONGC को भी मिला।
कंपनी की आय में प्रमुख बढ़ोतरी
- प्रति बैरल कच्चे तेल की बिक्री से होने वाली कमाई में 50.4% की वृद्धि।
- पुराने गैस क्षेत्रों (Legacy Fields) से आय 5.4% बढ़ी।
- Deepwater Projects से गैस आय में 61.5% की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उत्पादन में आई गिरावट
हालांकि कमाई मजबूत रही, लेकिन कंपनी का उत्पादन लगातार दबाव में बना हुआ है।
अप्रैल-जून तिमाही में ONGC का कुल तेल और गैस उत्पादन 3.4% घटकर 9.4 मिलियन मीट्रिक टन ऑयल इक्विवेलेंट (MMTOE) रह गया।
विशेषज्ञों के अनुसार पुराने तेल क्षेत्रों का उत्पादन लगातार कम हो रहा है, जबकि नए प्रोजेक्ट अभी उस कमी की पूरी भरपाई नहीं कर पा रहे हैं।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में ONGC की अहम भूमिका
ONGC भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाली सबसे महत्वपूर्ण कंपनियों में शामिल है।
वर्तमान में—
- भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है।
- प्राकृतिक गैस की करीब 50% मांग आयात के जरिए पूरी होती है।
- घरेलू तेल उत्पादन का लगभग दो-तिहाई हिस्सा ONGC से आता है।
- घरेलू गैस उत्पादन में भी कंपनी की हिस्सेदारी 50% से अधिक है।
पश्चिम एशिया में हालिया तनाव ने एक बार फिर यह दिखाया कि आयात पर अत्यधिक निर्भरता भारत के लिए बड़ा जोखिम हो सकती है।
रूस से बढ़ा तेल आयात
वैश्विक आपूर्ति बाधित होने के बाद भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद और बढ़ा दी है।
जुलाई में भारत का रूसी कच्चे तेल का आयात रिकॉर्ड 28 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो देश के कुल तेल आयात का 55.5% हिस्सा रहा।
ONGC करेगी Strategic Oil Storage में निवेश
सरकार की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति के तहत ONGC अब बुनियादी ढांचे पर भी निवेश बढ़ा रही है।
कंपनी मंगलुरु में 1.3 करोड़ बैरल क्षमता का नया तेल भंडारण (Oil Storage Facility) विकसित करने की योजना बना रही है।
इस क्षमता का लगभग आधा हिस्सा Strategic Petroleum Reserve के रूप में रखा जाएगा, जिससे आपूर्ति संकट की स्थिति में देश को अतिरिक्त सुरक्षा मिल सके।
आम जनता पर क्या होगा असर?
यदि ONGC की मजबूत कमाई भविष्य में नई खोज (Exploration) और उत्पादन बढ़ाने में निवेश होती है, तो भारत की आयात निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। इससे लंबे समय में वैश्विक तेल कीमतों के झटकों का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर सीमित करने में सहायता मिल सकती है।
हालांकि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर इसका सीधा असर नहीं दिखेगा, क्योंकि इनके दाम कई अन्य अंतरराष्ट्रीय और सरकारी कारकों पर भी निर्भर करते हैं।
प्रमुख बातें
- ONGC का तिमाही शुद्ध लाभ बढ़कर ₹17,034 करोड़ पहुंचा।
- कंपनी का Revenue सालाना आधार पर 45% बढ़कर ₹46,460 करोड़ रहा।
- कच्चे तेल की बिक्री से प्रति बैरल कमाई 50.4% बढ़ी।
- Deepwater Gas Projects से आय 61.5% बढ़ी।
- तेल एवं गैस उत्पादन 3.4% घटकर 9.4 MMTOE रहा।
- भारत अभी भी अपनी जरूरत का करीब 90% कच्चा तेल आयात करता है।
- ONGC मंगलुरु में 1.3 करोड़ बैरल क्षमता का नया Oil Storage Facility बनाने की तैयारी कर रही है।
ONGC के मजबूत तिमाही नतीजे बताते हैं कि ऊंची वैश्विक तेल और गैस कीमतों का कंपनी को बड़ा वित्तीय लाभ मिला है, हालांकि उत्पादन में गिरावट अभी भी एक प्रमुख चुनौती बनी हुई है। आने वाले वर्षों में यदि यह अतिरिक्त कमाई नए Exploration और Strategic Storage में निवेश होती है, तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।