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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > बाज़ार > Middle East tensions से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों को ₹7 लाख करोड़ का झटका
बाज़ार

Middle East tensions से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशकों को ₹7 लाख करोड़ का झटका

Last updated: 19/03/2026 11:23 AM
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Industrial Empire
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मिडिल ईस्ट तनाव के कारण शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी क्रैश
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Middle East tensions: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार ने तेज गिरावट के साथ शुरुआत की और देखते ही देखते निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹7 लाख करोड़ की बड़ी गिरावट दर्ज हो गई। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद आई इस गिरावट ने बाजार का पूरा माहौल बदल दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है, जिसने ग्लोबल मार्केट्स के साथ-साथ भारतीय बाजारों को भी हिला कर रख दिया।

सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट
आज सुबह बाजार खुलते ही BSE Sensex 1500 से ज्यादा अंक गिरकर करीब 74,750 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं Nifty 50 भी 2 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 23,180 के आसपास खुला। शुरुआती कारोबार में ही दोनों प्रमुख इंडेक्स में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई।

मिडिल ईस्ट तनाव बना गिरावट की बड़ी वजह
बाजार में यह गिरावट अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र पर किए गए हमलों के बाद आई है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ऊर्जा आपूर्ति पर खतरे की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है और यही वजह है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है।

ग्लोबल मार्केट्स में भी कमजोरी
भारतीय बाजारों के साथ-साथ एशियाई और अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी दोनों ही 2 प्रतिशत से ज्यादा नीचे कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिका में S&P 500 और Dow Jones भी गिरावट के साथ बंद हुए। टेक्नोलॉजी शेयरों से भरा नैस्डैक कंपोजिट भी कमजोरी के साथ बंद हुआ।

फेड का रुख और बढ़ी अनिश्चितता
इस बीच Federal Reserve ने अपनी ब्याज दरों को 3.5–3.75% के बीच स्थिर रखा है। फेड चेयरमैन Jerome Powell ने कहा कि ईरान से जुड़े तनाव ने महंगाई के अनुमान को और अनिश्चित बना दिया है। इसका सीधा असर यह है कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट दिशा तय करना मुश्किल हो गया है।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 112 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। तेल की कीमतों में यह उछाल महंगाई को बढ़ा सकता है, जिसका असर आगे चलकर आम लोगों और कंपनियों दोनों पर पड़ सकता है।

IPO मार्केट में हलचल
इस गिरावट के बीच IPO मार्केट में भी गतिविधियां जारी हैं। जीएसपी क्रॉप साइंस का IPO आज बंद हो रहा है, जिसे दूसरे दिन तक 1.64 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 400 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है और इसकी संभावित लिस्टिंग 24 मार्च को हो सकती है। वहीं नोवस लॉयल्टी IPO को पहले दिन 0.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। यह ₹60.15 करोड़ का इश्यू है और निवेशकों के लिए अभी भी इसमें आवेदन करने का मौका है।

आगे क्या रहेगी बाजार की दिशा?
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने की सलाह दी जा रही है। आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेत और कच्चे तेल की कीमतें बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।

TAGGED:crude oilGlobal MarketIndustrial EmpireIPOMiddle East tensionsSensexstock marketstock market crash India
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