प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा के लिए घाना पहुंचे जो पश्चिम अफ्रीकी देश की उनकी पहली द्विपक्षीय यात्रा है। तीन दशकों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री ने घाना की ऐतिहासिक यात्रा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में न सिर्फ पुराने संबंधों को नई ऊर्जा दी बल्कि भविष्य की दिशा भी तय की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को घाना के दूसरे राष्ट्रीय सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने घाना में मिले सम्मान और आत्मीयता के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि, “यह यात्रा भारत-घाना संबंधों के लिए मील का पत्थर साबित होगी।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि घाना के साथ भारत की साझेदारी केवल आर्थिक या रणनीतिक नहीं बल्कि यह साझा मूल्यों और लोकतांत्रिक आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने घाना को पश्चिम अफ्रीका में लोकतंत्र की “Beacon of Hope” बताया। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय साझेदारी को “Comprehensive Partnership” का रूप देने का निर्णय लिया है जिसमें व्यापार, रक्षा, कृषि, कल्चर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा।
भारत ने घाना के युवाओं के लिए स्कॉलरशिप्स को दोगुना करने और एक नया स्किल डेवलपमेंट सेंटर खोलने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही भारत की UPI टेक्नोलॉजी को घाना में लागू करने और जन औषधि योजना के जरिए किफायती स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात भी हुई। क्लीन एनर्जी और वैक्सीनेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के लिए Global Biofuels Alliance और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स पर साथ काम करने की सहमति बनी।
आतंकवाद और वैश्विक संघर्षों पर प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा – यह युद्ध का युग नहीं है समाधान संवाद और कूटनीति से निकलेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति महामा को भारत आमंत्रित किया और घाना की जनता को धन्यवाद दिया। यह दौरा भारत-घाना रिश्तों को एक नई ऊंचाई देने की दिशा में निर्णायक कदम है।