नवरात्रि से ठीक पहले सर्राफा बाजार से एक राहत भरी खबर सामने आई है। अगर आप इस शुभ मौके पर सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह सही समय हो सकता है। घरेलू वायदा बाजार में आज Gold-Silver दोनों की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है, जिससे खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
घरेलू बाजार में क्या हैं ताजा भाव?
बुधवार, 18 मार्च को Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा भाव कमजोर शुरुआत के साथ खुले। सोने का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट करीब 327 रुपये की गिरावट के साथ 1,55,658 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। हालांकि थोड़ी रिकवरी के बाद यह लगभग 1,55,784 रुपये के आसपास कारोबार करता नजर आया। दिन के दौरान सोने ने 1,55,600 रुपये का निचला स्तर और 1,55,784 रुपये का उच्च स्तर छुआ।
चांदी की बात करें तो इसका मई वायदा कॉन्ट्रैक्ट भी गिरावट के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में यह करीब 1,615 रुपये टूटकर 2,51,498 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया। बाद में यह और कमजोर होकर लगभग 2,51,000 रुपये के आसपास ट्रेड करता दिखा। दिन के दौरान चांदी ने 2,50,919 रुपये का निचला स्तर और 2,51,498 रुपये का उच्च स्तर बनाया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
घरेलू कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों की बड़ी भूमिका रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली है। COMEX पर सोना लगभग 4,994 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जो पिछले सत्र के मुकाबले कम है। इसी तरह चांदी भी 78 डॉलर प्रति औंस के करीब कमजोर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेतों के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। यही कारण है कि इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
इस साल कितनी ऊंचाई छू चुके हैं दाम?
अगर साल 2024-25 के ट्रेंड पर नजर डालें, तो सोना और चांदी दोनों ने इस साल काफी ऊंचे स्तर भी देखे हैं। सोने ने 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ था, जबकि चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुकी है। ऐसे में मौजूदा गिरावट को कई निवेशक “करैक्शन” के रूप में देख रहे हैं, जो खरीदारी के लिए अवसर बन सकता है।
क्या यह खरीदारी का सही समय है?
नवरात्रि जैसे शुभ अवसर पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है। ऐसे में कीमतों में आई यह गिरावट खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका हो सकती है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश करते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि बाजार के ट्रेंड और भविष्य के संकेतों को भी ध्यान में रखना जरूरी है। अगर आप लंबे समय के निवेश के लिए सोना या चांदी खरीद रहे हैं, तो यह गिरावट फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं शॉर्ट टर्म में कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है।
क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के दाम?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा असर Federal Reserve की नीतियों का है, जहां ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों से पैसा निकालकर दूसरे निवेश विकल्पों की ओर जाते हैं। इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी Gold और Silver पर दबाव डालती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग कमजोर होना और मुनाफावसूली भी कीमतों में गिरावट का एक बड़ा कारण है।
आगे क्या रहेगा ट्रेंड?
आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करेंगी, जिनमें वैश्विक आर्थिक हालात, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों के फैसले और जियो-पॉलिटिकल स्थिति शामिल हैं। खासतौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की चाल घरेलू कीमतों की दिशा तय करेगी। फिलहाल बाजार में नरमी है, लेकिन यह स्थिति ज्यादा समय तक बनी रहेगी या नहीं, यह कहना मुश्किल है। ऐसे में समझदारी इसी में है कि खरीदारी सोच-समझकर की जाए और बाजार की हर हलचल पर नजर रखी जाए।