भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने सोमवार को एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसकी चर्चा पूरे बाजार में हो रही है। SBI का मार्केट कैपिटलाइजेशन पहली बार ₹9 ट्रिलियन के आंकड़े को पार कर गया। यह उपलब्धि हासिल करने वाला यह भारत का पहला सरकारी बैंक बन गया है। इसी के साथ SBI अब देश की उन चुनिंदा 6 कंपनियों में शामिल हो गया है, जिनकी मार्केट वैल्यू ₹9 ट्रिलियन से ज्यादा है।
SBI के शेयर में इतनी तेज उछाल क्यों आई?
सोमवार के इंट्रा-डे ट्रेड में SBI का शेयर ₹975.80 के नए हाई पर पहुंच गया, जो निवेशकों के लिए भरोसे का बड़ा संकेत है। पिछले एक महीने में ही इस शेयर में लगभग 10 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस उछाल के पीछे बड़ा कारण है बैंक के सितंबर तिमाही (Q2FY26) के मजबूत नतीजे।
मार्च 2025 में SBI का शेयर 52-हफ्ते के लो ₹679.65 पर पहुंच गया था, लेकिन वहां से अब तक यह करीब 44 फीसदी की शानदार रिकवरी दिखा चुका है। BSE के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 9:33 बजे SBI का मार्केट कैप 8.99 ट्रिलियन था, जो थोड़ी देर बाद इंट्रा-डे में बढ़कर ₹9.01 ट्रिलियन तक पहुंच गया।
₹9 ट्रिलियन क्लब में कौन-कौन शामिल हैं?
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अब देश की उन चुनिंदा दिग्गज कंपनियों में शामिल हो गया है, जिन्होंने ₹9 ट्रिलियन मार्केट कैप का बड़ा मुकाम हासिल किया है। इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ कुछ ही भारतीय कॉरपोरेट दिग्गजों के पास थी – रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), HDFC बैंक, ICICI बैंक, भारती एयरटेल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS)। अब SBI इस प्रतिष्ठित सूची में जुड़कर अपनी वित्तीय मजबूती को दर्शाता है साथ में बैंकिंग सेक्टर में अपनी बढ़ती पकड़ को भी साबित करता है। खास बात यह है कि बैंकिंग उद्योग में यह रिकॉर्ड पहले सिर्फ HDFC बैंक और ICICI बैंक के नाम था। SBI तीसरे बैंक के रूप में इस खास क्लब में शामिल होकर देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक बैंकिंग संस्था के तौर पर अपनी ताकत और भरोसेमंद प्रदर्शन को और भी पुख्ता करता है।
SBI का शेयर खरीदें या रखें होल्ड
पिछले दो सालों में PSU बैंकों ने शानदार रफ्तार पकड़ी है और इसके पीछे कई ठोस कारण हैं। सरकारी बैंकों की एसेट क्वालिटी पहले से कहीं बेहतर हुई है, मुनाफे में लगातार मजबूती दिख रही है और कर्ज वसूली की स्थिति भी काफी सुधरी है। इन सभी कारकों ने मिलकर बैंकिंग सेक्टर की वित्तीय सेहत को मजबूत बनाया है, जिससे निवेशकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। यही वजह है कि सितंबर से अब तक PSU बैंक इंडेक्स करीब 26 फीसदी उछल चुका है। इंडेक्स की यह मजबूत रैली संकेत देती है कि आने वाले मिड-टर्म में भी सरकारी बैंक दमदार प्रदर्शन जारी रखने की क्षमता रखते हैं।
SBI के Q2 नतीजे इतने मजबूत क्यों रहे?
SBI का Q2FY26 नतीजा कई कारणों से बेहतरीन रहा –
- नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) उम्मीद से बेहतर
- नीट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बढ़कर 2.97%
- यस बैंक में हिस्सेदारी बेचने से अतिरिक्त आय
- कर्ज वृद्धि (Credit Growth) साल-दर-साल 13%
- प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी स्थिर
- स्लिपेज कम होने से एसेट क्वालिटी में सुधार।
क्रेडिट कॉस्ट सिर्फ 39 बेसिस पॉइंटबैंक ने FY26 के लिए लोन ग्रोथ का लक्ष्य बढ़ाकर 12–14% कर दिया है, जो भविष्य की बेहतर संभावनाओं का संकेत देता है।
ब्रोकरेज हाउस की राय
बड़ी फाइनेंशियल एजेंसियां SBI को लेकर बेहद पॉजिटिव हैं। Motilal Oswal (MOFSL) ने इस स्टॉक पर BUY रेटिंग देते हुए ₹1,075 का टारगेट प्राइस निर्धारित किया है। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि बैंक की बैलेंस शीट काफी मजबूत है, एसेट क्वालिटी स्थिर बनी हुई है और कैपिटल पोज़िशन भी बेहद अच्छी है, जिससे आगे भी ग्रोथ की संभावना बढ़ती है। वहीं ICICI Securities ने भी स्टॉक पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए नया टारगेट ₹1,120 तय किया है। रिपोर्ट के अनुसार बैंक का RAM यानी रिटेल, एग्रीकल्चर और MSME सेगमेंट शानदार प्रदर्शन कर रहा है, साथ ही एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। इन दोनों ब्रोकरेज हाउस की राय संकेत देती है कि बैंक में अभी भी मजबूत अपसाइड संभावनाएं मौजूद हैं।
आगे SBI की ग्रोथ कहाँ से आएगी?
SBI का मैनेजमेंट आने वाले वर्षों की ग्रोथ को लेकर काफी आश्वस्त दिखाई दे रहा है। बैंक के पास कॉर्पोरेट लोन की लगभग ₹7 ट्रिलियन की मजबूत पाइपलाइन मौजूद है, जिसमें से करीब आधे लोन पहले ही मंज़ूरी पा चुके हैं। रिन्यूएबल एनर्जी, रियल एस्टेट, पावर और स्टील जैसे सेक्टरों में बढ़ते कैपेक्स से कॉर्पोरेट लोन में और तेजी आने की उम्मीद है। दूसरी ओर, रिटेल सेगमेंट में भी SBI का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जहां गोल्ड लोन में 87 फीसदी की जबरदस्त सालाना बढ़त दर्ज हुई है। लगातार बढ़ते डिपॉजिट्स बैंक की फंडिंग पोज़िशन को मजबूत बनाए रखते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि FY26–27 के बीच SBI की कुल लोन ग्रोथ लगभग 12.5 फीसदी CAGR के स्तर पर बनी रह सकती है, जो आने वाले समय में बैंक की स्थिर और मजबूत प्रगति का संकेत देता है।
SBI का सुनहरा दौर जारी
SBI ने मार्केट कैप में ₹9 ट्रिलियन पार करके न सिर्फ इतिहास रचा है, बल्कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर में अपनी लीडरशिप भी और मजबूत कर दी है। मजबूत वित्तीय स्थिति, बेहतर एसेट क्वालिटी, तेज रिकवरी और आने वाले वर्षों की ग्रोथ संभावनाएँ – ये सभी संकेत देते हैं कि SBI निवेशकों के लिए आगे भी एक भरोसेमंद विकल्प बना रहेगा।