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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > बिजनेस आईडिया > “सिप्पी मशरूम की खेती: कम लागत, अधिक मुनाफा – छोटे किसानों और उद्यमियों के लिए वरदान”
बिजनेस आईडिया

“सिप्पी मशरूम की खेती: कम लागत, अधिक मुनाफा – छोटे किसानों और उद्यमियों के लिए वरदान”

Last updated: 28/07/2025 11:24 AM
By
Industrial empire correspondent
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सिप्पी मशरूम की खेती: कम लागत, अधिक मुनाफा
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क्या आपने कभी सोचा है कि सुपरफूड कहलाने वाला ऑयस्टर मशरूम, जिसे हिंदी में सिप्पी मशरूम भी कहा जाता है, आपके लिए कमाई का शानदार जरिया बन सकता है? इस मशरूम का स्वाद जितना लाजवाब है, उतने ही गजब इसके स्वास्थ्य लाभ भी हैं। यही कारण है कि भारतीय बाजार में इसकी मांग दिन-ब-दिन बढ़ रही है और खास बात यह है कि इसकी खेती करना बेहद आसान और पर्यावरण के अनुकूल है।

इसी को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्रियल एम्पायर ने एक शानदार पहल की है। इस पोस्ट में मशरूम की खेती से जुड़ी बारीकियों को समझाया गया है – खास तौर पर ऑयस्टर मशरूम की खेती को।

प्राकृतिक तोहफा है ऑयस्टर मशरूम
दुनिया भर में मशरूम की अनेक प्रजातियां हैं, लेकिन ऑयस्टर मशरूम की बात ही अलग है। भारत के पारंपरिक भोजन में प्रोटीन की जो कमी रहती है, उसे यह मशरूम काफी हद तक पूरा कर सकता है। यह न केवल सेहतमंद है, बल्कि इसके उत्पादन में पानी और संसाधनों की खपत भी कम होती है। यही वजह है कि भविष्य में यह खेती क्रांतिकारी साबित हो सकती है।

एक किसान की जुबानी – “डेली मशरूम्स” के प्रभात कुमार की कहानी
प्रभात कुमार, जो कि उत्तर भारत में “डेली मशरूम्स” नाम की मशरूम यूनिट चला रहे हैं, बताते हैं कि कैसे यह व्यवसाय शुरू किया जा सकता है – “हम हर दिन सिर्फ 10 किलो भूसी (chaff) लेते हैं ताकि ताजगी बनी रहे। उसे केमिकल से स्टरलाइज़ करते हैं — फॉर्मालिन और बैविस्टिन का उपयोग करके। फिर उसे 24 घंटे भिगो कर छोड़ देते हैं। इसके बाद जब वह तैयार हो जाती है तो स्पॉनिंग की जाती है।” उन्हें सिर्फ 6 पॉलीबैग्स रोजाना भरने होते हैं, जिनमें मशरूम की फसल तैयार होती है। यह बैग्स एक अंधेरे कमरे में 20 से 30 दिनों के लिए रखे जाते हैं ताकि फंगस अच्छी तरह विकसित हो सके। इसके बाद उन्हें हार्वेस्टिंग एरिया में लाया जाता है, जहां से ताजा ऑयस्टर मशरूम की फसल निकलनी शुरू हो जाती है।

मुनाफा ही मुनाफा – एक बिज़नेस मॉडल
ऑयस्टर मशरूम बिज़नेस को शुरू करने के लिए:

  • जगह चाहिए: 1200 से 1500 स्क्वायर फीट
  • जरूरी लोग: 2 से 3 कर्मचारी
  • प्रारंभिक निवेश: ₹5 से ₹10 लाख
  • लाभ: 10% से 15% तक का मार्जिन
  • कचरा: न के बराबर — पॉलीथिन रीसाइक्लेबल और भूसी पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल

क्या चाहिए इस बिज़नेस को शुरू करने के लिए?

  • FSSAI लाइसेंस
  • UDYAM पंजीकरण
  • GST रजिस्ट्रेशन
  • लोकल नगर निगम की अनुमति
  • ट्रेनिंग (IID से प्राप्त की जा सकती है)।
TAGGED:AgriBusinessBusinessIdeasFeaturedIndianFarmersIndustrial EmpireMushroomFarmingSippyMushroomSmallBusinessStartupIndiaSuperfood
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