घरेलू शेयर बाजार ने आज कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की थी। लगातार चार दिन की गिरावट के बाद निवेशकों को राहत की उम्मीद नजर आ रही थी, लेकिन अमेरिका से आए एक बयान ने पूरा माहौल बदल दिया और कुछ ही समय में सेंसेक्स और निफ्टी गहरे लाल निशान में चले गए।
अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा दावा किया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच ट्रेड डील इसलिए फाइनल नहीं हो सकी क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। उनके मुताबिक, समझौते का मसौदा तैयार था, लेकिन अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री का फोन कॉल जरूरी माना जा रहा था। भारतीय पक्ष इस प्रक्रिया को लेकर सहज नहीं था, जिस वजह से यह डील आगे नहीं बढ़ सकी।
इस बयान के सामने आते ही घरेलू शेयर बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ गई। दोपहर 2:45 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 734 अंक से ज्यादा टूटकर 83,446 के स्तर पर आ गया। वहीं निफ्टी50 भी करीब 247 अंक गिरकर 25,630 के नीचे फिसल गया। पिछले पांच कारोबारी दिनों में सेंसेक्स कुल मिलाकर करीब 2,200 अंक की गिरावट दर्ज कर चुका है, जबकि गुरुवार को ही बाजार में 780 अंकों की बड़ी टूट देखने को मिली थी।
इस तरह शुक्रवार के कारोबार में चुनिंदा शेयरों में ही मजबूती नजर आई। निफ्टी के शेयरों में ईटरनल, एचसीएल टेक और एशियन पेंट्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में भारी गिरावट रही।
ब्रॉडर मार्केट भी दबाव में नजर आया। निफ्टी मिडकैप 150 और स्मॉलकैप 250 दोनों इंडेक्स लाल निशान में बंद होने की ओर बढ़ते दिखे। सेक्टर के लिहाज से देखें तो रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जबकि पीएसयू बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सीमित मजबूती देखने को मिली।
कुल मिलाकर, अमेरिका से जुड़े इस बयान ने निवेशकों की धारणा पर गहरा असर डाला और बाजार में एक बार फिर अनिश्चितता का माहौल बन गया।