एक दिन पहले की भारी गिरावट के बाद भारतीय share market ने 20 मार्च को दमदार वापसी की। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स में करीब 900 अंकों की तेज उछाल देखने को मिली, जबकि निफ्टी 23,300 के स्तर को पार कर गया। सुबह के कारोबार में ही बाजार ने मजबूती के संकेत दे दिए थे, जिससे निवेशकों के चेहरे पर फिर से भरोसा लौटता नजर आया।
गिरावट के बाद आई राहत भरी तेजी
गुरुवार को बाजार में 3% से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसने निवेशकों को काफी चिंता में डाल दिया था। लेकिन शुक्रवार को हालात तेजी से बदले और बाजार ने मजबूत रिकवरी दिखाई। सुबह 9:30 बजे के आसपास सेंसेक्स 74,988 के करीब ट्रेड कर रहा था, वहीं निफ्टी भी 23,250 के ऊपर पहुंच गया। यह तेजी ऐसे समय आई है, जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है, फिर भी घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी बड़ी वजह
इस तेजी के पीछे सबसे अहम कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट रही। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट तनाव के कारण तेल की कीमतें तेजी से बढ़ी थीं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ था। लेकिन अब ब्रेंट क्रूड की कीमत घटकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई है, जिससे निवेशकों को राहत मिली है।
तेल की कीमतों में यह नरमी इसलिए भी आई क्योंकि बेंजामिन नेतन्याहू ने संकेत दिए कि इजरायल अब ईरान के तेल और गैस ठिकानों को निशाना नहीं बनाएगा। इसके अलावा, अमेरिका की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया कि फिलहाल जमीन पर सैनिक नहीं भेजे जाएंगे। इन बयानों ने वैश्विक बाजारों में स्थिरता लाने का काम किया।
वैल्यू बायिंग ने बदली बाजार की दिशा
शेयर बाजार में तेजी की दूसरी बड़ी वजह वैल्यू बायिंग रही। भारी गिरावट के बाद निवेशकों को कई मजबूत शेयर सस्ते दामों पर मिले, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने खरीदारी शुरू कर दी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर तकनीकी रूप से मजबूत सपोर्ट माना जा रहा था। जैसे ही बाजार इस स्तर के पास पहुंचा, निवेशकों ने खरीदारी बढ़ा दी, जिससे बाजार ने तेजी से ऊपर की ओर रुख कर लिया। इस वैल्यू बायिंग ने बाजार को गिरावट से उबारकर फिर से तेजी की पटरी पर ला दिया।
ग्लोबल संकेतों ने बढ़ाया भरोसा
तीसरी बड़ी वजह ग्लोबल बाजारों से मिले पॉजिटिव संकेत रहे। हालांकि अमेरिकी बाजार शुरुआत में गिरावट के साथ बंद हुए थे, लेकिन बाद में उनमें भी रिकवरी देखने को मिली। इससे संकेत मिला कि वैश्विक स्तर पर घबराहट कम हो रही है। निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत था कि बड़े देशों के बीच तनाव कम होने की उम्मीद है। ऐसे माहौल में भारतीय बाजार ने भी मजबूती दिखाई और तेजी के साथ कारोबार किया।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
इस पूरी स्थिति से यह साफ है कि बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन मजबूत स्तरों पर निवेशकों का भरोसा कायम है। जब भी बाजार में बड़ी गिरावट आती है, तो वैल्यू बायिंग के जरिए रिकवरी देखने को मिलती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक घटनाओं, खासकर कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट के हालात पर निर्भर करेगी।
बाजार में भरोसे की वापसी
शुक्रवार की तेजी ने यह दिखा दिया कि भारतीय शेयर बाजार में मजबूती अभी भी बरकरार है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, वैल्यू बायिंग और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने मिलकर बाजार को नई ऊर्जा दी है। ऐसे में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश करें और बाजार के ट्रेंड पर नजर बनाए रखें।