The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Saturday, Apr 25, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एनर्जी > Gas सप्लाई पर सरकार का बड़ा फैसला: PNG-CNG से फर्टिलाइजर तक तय हुई प्राथमिकता, जानिए किसे मिलेगी पहले गैस
एनर्जी

Gas सप्लाई पर सरकार का बड़ा फैसला: PNG-CNG से फर्टिलाइजर तक तय हुई प्राथमिकता, जानिए किसे मिलेगी पहले गैस

Last updated: 10/03/2026 4:06 PM
By
Industrial Empire
Share
भारत में gas सप्लाई नियम 2026 के तहत PNG, CNG और फर्टिलाइजर सेक्टर को प्राकृतिक गैस की प्राथमिकता देने का सरकार का फैसला
SHARE

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। तेल और gas की सप्लाई में संभावित बाधा को देखते हुए भारत सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर एक अहम फैसला लिया है। केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत विशेष आदेश जारी करते हुए देश के कुछ जरूरी क्षेत्रों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

सरकार द्वारा जारी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन आर्डर 2026 का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यदि वैश्विक आपूर्ति में कोई बाधा आती है तो भी देश में आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों। इस आदेश के जरिए सरकार को प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति, वितरण और व्यापार को नियंत्रित करने का अधिकार मिलता है, ताकि सीमित संसाधनों का संतुलित उपयोग किया जा सके।

पश्चिम एशिया संकट का ऊर्जा बाजार पर असर
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके अलावा कुछ अंतरराष्ट्रीय गैस आपूर्तिकर्ताओं ने “फोर्स मेज्योर” क्लॉज लागू कर दिया है।

इसका मतलब यह होता है कि असाधारण परिस्थितियों के कारण कंपनियां अपनी आपूर्ति प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असमर्थ हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में भारत जैसे बड़े ऊर्जा आयातक देशों को आपूर्ति में बाधा का सामना करना पड़ सकता है। इन्हीं संभावित जोखिमों को देखते हुए सरकार ने समय रहते गैस आपूर्ति प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था लागू की है।

इन चार क्षेत्रों को मिलेगी सबसे पहले गैस
सरकार ने गैस आपूर्ति को लेकर चार क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता श्रेणी में रखा है। इन क्षेत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। सबसे पहली प्राथमिकता घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पाइप्ड नेचुरल गैस सेवाओं को दी गई है, जिससे घरों में खाना पकाने के लिए गैस उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा परिवहन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली CNG को भी पूरी आपूर्ति दी जाएगी ताकि सार्वजनिक परिवहन और निजी वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।

तीसरी प्राथमिकता एलपीजी उत्पादन से जुड़े संयंत्रों को दी गई है, क्योंकि यह घरेलू रसोई के लिए बेहद जरूरी ईंधन है। चौथी प्राथमिकता गैस पाइपलाइन नेटवर्क के संचालन के लिए जरूरी कंप्रेसर ईंधन और अन्य संचालन जरूरतों को दी गई है। सरकार का मानना है कि इन चार क्षेत्रों में गैस की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना आम जनता की जरूरतों और देश के बुनियादी ढांचे के लिए बेहद जरूरी है।

उर्वरक उद्योग को दूसरी प्राथमिकता
गैस आवंटन की दूसरी श्रेणी में उर्वरक उद्योग को रखा गया है। आदेश के अनुसार फर्टिलाइजर इंडस्ट्री से जुड़े संयंत्रों को पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर लगभग 70 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उर्वरक उत्पादन कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि इस क्षेत्र में उत्पादन प्रभावित होता है तो इसका सीधा असर खेती और खाद्य उत्पादन पर पड़ सकता है। इसी कारण सरकार ने इस क्षेत्र को प्राथमिकता सूची में रखा है ताकि खाद निर्माण की प्रक्रिया बाधित न हो।

अन्य उद्योगों के लिए अलग श्रेणियां
सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए अलग-अलग प्राथमिकता श्रेणियां तय की हैं। तीसरी श्रेणी में चाय उद्योग, विनिर्माण इकाइयां और राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जुड़े अन्य औद्योगिक उपभोक्ता शामिल हैं। इन उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत खपत का लगभग 80 प्रतिशत गैस उपलब्ध कराई जाएगी। चौथी श्रेणी में वे औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ता आते हैं जिन्हें सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के माध्यम से गैस मिलती है। इन्हें भी औसतन 80 प्रतिशत गैस आवंटित की जाएगी। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अधिक गैस की आवश्यकता होती है तो कुछ औद्योगिक उपभोक्ताओं की आपूर्ति में अस्थायी कटौती की जा सकती है।

पेट्रोकेमिकल और बिजली संयंत्रों पर असर संभव
सरकारी निर्देशों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर कुछ बड़े औद्योगिक उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में आंशिक या पूर्ण कटौती की जा सकती है। इसमें पेट्रोकेमिकल उद्योग, उच्च तापमान पर गैस का उपयोग करने वाले औद्योगिक संयंत्र और बिजली उत्पादन इकाइयां शामिल हो सकती हैं। कुछ बड़े उपभोक्ताओं में ONGC पेट्रो एडिशन्स लिमिटेड, GAIL का पाटा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और रिलायंस इंडिस्ट्रीज का ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कटौती केवल तब की जाएगी जब प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की जरूरत पूरी करने के लिए अतिरिक्त गैस की आवश्यकता होगी।

गैस सप्लाई प्रबंधन की जिम्मेदारी
नई व्यवस्था के तहत गैस आपूर्ति के पुनर्विन्यास और डायवर्जन का प्रबंधन GAIL को सौंपा गया है। यह काम पेट्रोलियम प्लानिंग और एनालिसिस सेल के साथ मिलकर किया जाएगा। गेल को हर उस गैस मात्रा की जानकारी और इनवॉइस कीमत पीपीएसी को भेजनी होगी जिसे एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके आधार पर एक “पूल्ड गैस प्राइस” तय की जाएगी, जो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भेजी गई गैस पर लागू होगी।

सभी गैस कंपनियों को दिए गए निर्देश
सरकार ने प्राकृतिक गैस से जुड़े सभी प्रमुख खिलाड़ियों को इस नई व्यवस्था का पालन करने का निर्देश दिया है। इसमें घरेलू गैस उत्पादक कंपनियां, एलएनजी टर्मिनल ऑपरेटर, पाइपलाइन कंपनियां, गैस मार्केटिंग कंपनियां और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों में आयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन, आयल इंडिया लिमिटेड और वेदांता लिमिटेड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। सभी कंपनियों को जरूरत के अनुसार गैस आपूर्ति का शेड्यूल बदलने और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की ओर गैस मोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा सुरक्षा बनाए रखने की कोशिश
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह कदम संभावित ऊर्जा संकट से निपटने के लिए एक एहतियाती रणनीति है। वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बावजूद यदि गैस का सही प्रबंधन किया जाए तो घरेलू उपभोक्ताओं और जरूरी उद्योगों पर इसका असर कम किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों की जरूरतें, परिवहन व्यवस्था और कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण उद्योग बिना किसी बड़ी बाधा के चलते रहें। आने वाले समय में वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार इस व्यवस्था में बदलाव भी किया जा सकता है।

TAGGED:CNG Gas IndiaEnergy NewsGasGas SupplyIndustrial EmpireIndustrial Gas SupplyNatural Gas India
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Crude oil price crosses 100 dollars impacting IOC BPCL and HPCL oil marketing company stocks Crude oil 100 डॉलर पार: IOC, BPCL और HPCL पर बढ़ा दबाव, UBS ने घटाई रेटिंग
Next Article Sedemac Mechatronics IPO strong listing on stock market with shares debuting at premium on NSE and BSE Sedemac Mechatronics IPO की मजबूत लिस्टिंग, कमजोर बाजार में भी 14% प्रीमियम के साथ शेयरों की एंट्री
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Crude Oil Prices Fall Impact on Indian Economy and Rupee 2026
एनर्जी

2026 तक 52 डॉलर तक फिसल सकता है Crude Oil? रुपये को मिल सकती है राहत, जानिए एक्सपर्ट्स की पूरी राय

By
Industrial Empire
ऑटो/टेक

हाइड्रोजन गाड़ियों के लिए नई नंबर प्लेट योजना, सरकार ने जारी किया ड्राफ्ट

By
Industrial Empire
Gautam Adani
अन्य

गौतम अडानी की कंपनी बनाएगी दुनिया की सबसे बड़ी टाउनशिप, जानें लॉन्च की तारीख

By
Industrial Empire
Tata Cars Festive Offers – Tata Altroz, Nexon, Harrier, Safari, Curvv and Punch Discounts up to ₹1.40 Lakh
ऑटो/टेक

Tata Altroz से Harrier तक: फेस्टिव सीजन में 1.40 लाख तक का धमाकेदार डिस्काउंट !

By
Shashank Pathak
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?