भारतीय IT सेक्टर में एक बार फिर चमक लौट आई है। तिमाही नतीजों ने निवेशकों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। दिग्गज आईटी कंपनियों इंफोसिस और विप्रो ने जुलाई-सितंबर 2025 (Q2 FY26) की तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इंफोसिस का प्रॉफिट 13.2% बढ़ा, जबकि विप्रो का भी मुनाफा मामूली ही सही, लेकिन बढ़त के साथ रहा। इसी बीच शेयर बाजार में भी जोरदार तेजी देखने को मिली, जिसने निवेशकों को अरबों रुपये का फायदा पहुंचाया।
इंफोसिस का दमदार प्रदर्शन: मुनाफा 13% बढ़ा
IT सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट इस तिमाही में 13.2% बढ़कर 7,364 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 6,506 करोड़ रुपये था। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू भी 8.6% की उछाल के साथ 44,490 करोड़ रुपये हो गया, जो बीते साल 40,986 करोड़ रुपये था।
इंफोसिस ने अपने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ग्रोथ गाइडेंस की निचली सीमा बढ़ाकर 2-3% कर दी है, जो पहले 1-3% थी। कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 21% पर स्थिर रहा है, जो यह दर्शाता है कि खर्च बढ़ने के बावजूद कंपनी ने अपनी कमाई की स्थिरता बनाए रखी है।
कंपनी के फैसले और निवेशकों को इनाम
इस तिमाही में इंफोसिस ने बेहतरीन फ्री कैश फ्लो दर्ज किया, जो नेट प्रॉफिट का 131% यानी 9,677 करोड़ रुपये रहा। बड़े डील्स के मामले में भी कंपनी ने मजबूती दिखाई है, जहां कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) 3.1 बिलियन डॉलर (करीब 27,525 करोड़ रुपये) तक पहुंची।
कंपनी ने इस दौरान अपने कर्मचारियों की संख्या में भी इजाफा किया है। जून 2025 में जहां इंफोसिस के पास 3,23,788 कर्मचारी थे, वहीं सितंबर 2025 तक यह बढ़कर 3,31,991 हो गई। इसके अलावा, शेयरहोल्डर्स को खुश करते हुए कंपनी ने 23 रुपये प्रति शेयर का इंटरिम डिविडेंड घोषित किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 9.5% ज्यादा है।
विप्रो को भी मिला मुनाफा, हालांकि अनुमान से कम
दूसरी ओर, विप्रो ने भी दूसरी तिमाही में मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी का शुद्ध लाभ 1.2% बढ़कर 3,246 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 3,209 करोड़ रुपये था। हालांकि, बाजार का अनुमान 3,279 करोड़ रुपये का था, यानी नतीजे उम्मीद से थोड़े कम रहे।
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 1.8% बढ़कर 22,697 करोड़ रुपये पहुंचा, जो पिछले साल के 22,302 करोड़ रुपये से अधिक है। छोटे स्तर पर ही सही, लेकिन यह बढ़त आईटी सेक्टर में रिकवरी के संकेत देती है।
शेयर बाजार में भी जोरदार उछाल
IT सेक्टर के मजबूत नतीजों और ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में बीते दो दिनों से जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। गुरुवार को सेंसेक्स 862 अंक चढ़कर 83,467 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 25,585 अंक पर पहुंच गया।
सिर्फ एक दिन में निवेशकों की संपत्ति में 7.22 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। इस तेजी का फायदा आईटी शेयरों को सबसे ज्यादा मिला, जहां इंफोसिस और विप्रो जैसे दिग्गजों के स्टॉक्स में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई।
IT सेक्टर में फिर से उम्मीद की किरण
बीते कुछ महीनों से IT इंडस्ट्री दबाव में थी – अमेरिका और यूरोप की कमजोर मांग, डील्स में देरी और क्लाइंट खर्च में कटौती ने सेक्टर की ग्रोथ को धीमा कर दिया था। लेकिन अब, इंफोसिस और विप्रो के बेहतर नतीजे इस बात का संकेत दे रहे हैं कि आईटी सर्विसेज की मांग धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है।
डिजिटल सर्विसेज, क्लाउड और ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में बढ़ते निवेश ने कंपनियों को नई ऊर्जा दी है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर ग्लोबल माहौल स्थिर रहा, तो आने वाले महीनों में आईटी शेयरों में और तेजी देखी जा सकती है।
निवेशकों के लिए पॉजिटिव सिग्नल
इंफोसिस और विप्रो के नतीजे न केवल आईटी सेक्टर के लिए, बल्कि पूरे बाजार के लिए पॉजिटिव सिग्नल माने जा रहे हैं। कंपनियों का स्थिर मार्जिन, बढ़ती डील वैल्यू और सुधरती हायरिंग यह दर्शाती है कि सेक्टर में अब स्थिरता लौट रही है।
अगर यह ट्रेंड जारी रहा, तो आने वाले तिमाहियों में भारतीय आईटी कंपनियां न केवल ग्लोबल स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करेंगी, बल्कि शेयर बाजार में भी निवेशकों के लिए और बड़ा रिटर्न ला सकती हैं।
इंफोसिस और विप्रो के तिमाही नतीजे इस बात के प्रमाण हैं कि भारतीय आईटी सेक्टर दोबारा रफ्तार पकड़ रहा है। मजबूत डील्स, बढ़ता रेवेन्यू और स्थिर मार्जिन यह संकेत दे रहे हैं कि भविष्य में यह सेक्टर निवेशकों के लिए फिर से सुनहरा साबित हो सकता है।