बीते सप्ताह stock market में भले ही सीमित तेजी देखने को मिली, लेकिन देश की कई बड़ी कंपनियों के मूल्यांकन में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई। छह प्रमुख कंपनियों की संयुक्त बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) करीब 63,478 करोड़ रुपये बढ़ गई। इस बढ़त में सबसे बड़ा योगदान इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज लार्सन एंड टुब्रो और देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का रहा। निवेशकों की खरीदारी और सेक्टर आधारित मजबूती ने इन कंपनियों के शेयरों को सहारा दिया, जिससे उनकी बाजार वैल्यू में तेज उछाल आया।
सेंसेक्स में हल्की बढ़त का असर
सप्ताह के दौरान 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 187.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। यह बढ़त भले ही मामूली रही, लेकिन बड़े निवेशकों की दिलचस्पी कुछ चुनिंदा कंपनियों में साफ दिखाई दी। बाजार में स्थिरता और सेक्टर-विशिष्ट खरीदारी का सकारात्मक असर इन कंपनियों के मार्केट कैप पर पड़ा। विशेषज्ञों के अनुसार, जब बाजार में बड़ी गिरावट नहीं होती और निवेशकों का भरोसा बना रहता है, तो मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश बढ़ता है। यही वजह है कि हल्की तेजी के बावजूद इन कंपनियों का मूल्यांकन तेजी से बढ़ा।
एलएंडटी और एसबीआई रहे सबसे बड़े लाभार्थी
सप्ताह के दौरान लार्सन एंड टुब्रो की बाजार पूंजीकरण में लगभग 28,523 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और कंपनी की कुल वैल्यू 6,02,552 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल गुड्स सेक्टर में मजबूत ऑर्डर बुक और सरकारी परियोजनाओं से जुड़ी उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसी तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मार्केट कैप में करीब 16,015 करोड़ रुपये की बढ़त दर्ज की गई और इसका मूल्यांकन 11,22,581 करोड़ रुपये हो गया। बैंकिंग सेक्टर में स्थिर ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों ने एसबीआई के शेयर को सहारा दिया।
एचडीएफसी बैंक और एलआईसी में भी मजबूती
निजी क्षेत्र के अग्रणी बैंक एचडीएफसी बैंक की मार्केट वैल्यू में 9,617 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई, जिससे इसका कुल मूल्यांकन 14,03,239 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा लगातार बना हुआ है, जिसका फायदा एचडीएफसी बैंक को मिला। बीमा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की बाजार पूंजीकरण में भी करीब 5,977 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और इसकी वैल्यू 5,52,203 करोड़ रुपये हो गई। बीमा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं ने निवेशकों को आकर्षित किया।
बजाज फाइनेंस और रिलायंस में भी बढ़त
एनबीएफसी क्षेत्र की मजबूत कंपनी बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण 3,142 करोड़ रुपये बढ़कर 6,40,387 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। उपभोक्ता ऋण बाजार में इसकी मजबूत स्थिति और लगातार विस्तार की रणनीति निवेशकों को आकर्षित कर रही है। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की मार्केट वैल्यू में भी हल्की बढ़त दर्ज हुई और यह 19,21,678 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हालांकि बढ़त सीमित रही, लेकिन कंपनी का शीर्ष स्थान बरकरार है।
इन कंपनियों को हुआ नुकसान
जहां छह कंपनियों की वैल्यू बढ़ी, वहीं चार बड़ी कंपनियों को नुकसान भी झेलना पड़ा। टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल की मार्केट कैप में सबसे ज्यादा 15,338 करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 11,27,705 करोड़ रुपये रह गई। इसके अलावा निजी बैंक आईसीआईसीआई बैंक की वैल्यू 14,632 करोड़ रुपये घटकर 9,97,346 करोड़ रुपये पर आ गई। आईटी सेक्टर की कंपनियों इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के बाजार पूंजीकरण में भी क्रमशः 6,791 करोड़ रुपये और 1,989 करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग
मार्केट कैप के आधार पर देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में रिलायंस इंडस्ट्रीज पहले स्थान पर बनी हुई है। इसके बाद एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, भारतीय जीवन बीमा निगम और इन्फोसिस का स्थान है।
आगे बाजार की दिशा क्या रहेगी
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव का दौर है, लेकिन मजबूत फंडामेंटल और सेक्टर-विशिष्ट ग्रोथ वाली कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है। आने वाले सप्ताह में वैश्विक संकेत, ब्याज दरों का रुख और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे। स्पष्ट है कि हल्की बाजार तेजी के बीच भी चुनिंदा कंपनियों में मजबूत निवेश प्रवाह जारी है। यदि आर्थिक माहौल अनुकूल रहा, तो आने वाले समय में इन कंपनियों की मार्केट वैल्यू में और वृद्धि देखने को मिल सकती है।