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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > बाज़ार > पश्चिम एशिया तनाव से उबाल पर तेल बाजार, brent crude 115 डॉलर के पार
बाज़ार

पश्चिम एशिया तनाव से उबाल पर तेल बाजार, brent crude 115 डॉलर के पार

Last updated: 31/03/2026 11:44 AM
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Industrial Empire
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Brent crude oil price rises above 115 dollars due to Middle East conflict and supply concerns
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल बाजार को हिला कर रख दिया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है और brent crude 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह उछाल सिर्फ कुछ दिनों का नहीं, बल्कि पूरे मार्च महीने में कीमतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

चार दिन लगातार तेजी, कीमतों में बड़ा उछाल
मंगलवार (31 मार्च) को कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन तेजी दर्ज की गई। मई डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड 2.26 डॉलर बढ़कर 115.04 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। यह 19 मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं अमेरिकी कच्चा तेल WTI क्रूड ऑयल भी 3.10 डॉलर की बढ़त के साथ 105.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 9 मार्च के बाद का उच्चतम स्तर है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह ट्रेंड जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं, जिससे वैश्विक महंगाई पर सीधा असर पड़ेगा।

मार्च में रिकॉर्ड तेजी: 60% तक महंगा हुआ तेल
मार्च का महीना तेल बाजार के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में इस महीने करीब 59% की बढ़त दर्ज की गई है, जो अब तक की सबसे बड़ी मासिक उछाल मानी जा रही है। वहीं WTI क्रूड ऑयल में भी करीब 58% की तेजी आई है, जो मई 2020 के बाद सबसे अधिक है। इस तेज उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण सप्लाई में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना चिंता का केंद्र
तेल बाजार में उथल-पुथल की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ता तनाव है। यह समुद्री रास्ता दुनिया की करीब 20% तेल सप्लाई के लिए बेहद अहम है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मार्ग पर प्रभावी रूप से रुकावट आने से वैश्विक सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। यही कारण है कि तेल की कीमतों में अचानक उछाल देखने को मिल रहा है। अगर यह स्थिति लंबी चली, तो ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

हमले और समुद्री खतरे बढ़े
इस तनाव के बीच समुद्री मार्गों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ गई हैं। Kuwait Petroleum Corporation के एक बड़े तेल टैंकर ‘अल सल्मी’ पर दुबई पोर्ट के पास हमले की खबर सामने आई है। इससे न सिर्फ सप्लाई प्रभावित हुई है, बल्कि तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) का खतरा भी बढ़ गया है। ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि आने वाले समय में समुद्री रास्तों से तेल की आवाजाही और अधिक जोखिम भरी हो सकती है।

बाब-अल-मंदेब और लाल सागर भी तनाव में
तनाव सिर्फ होर्मुज तक सीमित नहीं है। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमले के बाद बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यह मार्ग एशिया और यूरोप के बीच व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर इस रास्ते पर भी खतरा बढ़ता है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर व्यापक असर पड़ सकता है।

सऊदी अरब ने बदला तेल निर्यात का रास्ता
स्थिति को देखते हुए सऊदी अरब ने अपने तेल निर्यात के रास्ते में बदलाव किया है। अब खाड़ी क्षेत्र के बजाय लाल सागर के यनबू बंदरगाह के जरिए तेल भेजा जा रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस मार्ग से तेल निर्यात बढ़कर 46.58 लाख बैरल प्रतिदिन हो गया है, जो पहले की तुलना में कई गुना ज्यादा है। यह बदलाव इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय अस्थिरता का असर सीधे तेल व्यापार पर पड़ रहा है।

अमेरिका-ईरान टकराव से बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम के बीच Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज मार्ग को जल्द नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे जैसे तेल के कुएं और बिजली संयंत्र को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान पहले ही अमेरिकी प्रस्तावों को खारिज कर चुका है और क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हैं।

क्या बढ़ सकता है ऊर्जा संकट?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव इसी तरह बना रहता है, तो आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ेगी, जिसका असर आम लोगों से लेकर उद्योगों तक सभी पर पड़ेगा। फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है और दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या कूटनीतिक समाधान निकल पाएगा या फिर यह संकट और गहराएगा।

TAGGED:Brent crudeBrent Crude Priceenergy crisisIndustrial EmpireMiddle East CrisisOil Prices
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