The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Saturday, Oct 24, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > बाज़ार > हर 5 में से 4 टॉप म्यूचुअल फंड अगले 5 साल में खो सकते हैं अपनी रैंकिंग
बाज़ार

हर 5 में से 4 टॉप म्यूचुअल फंड अगले 5 साल में खो सकते हैं अपनी रैंकिंग

Last updated: 23/10/2026 1:15 PM
By
Manu Tiwari
ByManu Tiwari
Follow:
Share
Mutual fund performance chart showing changing equity fund rankings and investment returns over five-year periods.
पिछले पांच साल में टॉप प्रदर्शन करने वाले ज्यादातर इक्विटी म्यूचुअल फंड अगले पांच साल में अपनी रैंकिंग बरकरार नहीं रख पाए।
SHARE

म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ज्यादातर निवेशक पिछले तीन या पांच साल के रिटर्न को महत्व देते हैं। लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाला फंड उन्हें निवेश के लिए आकर्षक लगता है। लेकिन ऐतिहासिक आंकड़े बताते हैं कि आज टॉप रैंकिंग में शामिल फंड के लिए भविष्य में भी वही प्रदर्शन बनाए रखना आसान नहीं है। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल पुराने रिटर्न के आधार पर फंड चुनना जोखिम भरा हो सकता है।

फंड्सइंडिया की अक्टूबर 2026 की वेल्थ कन्वर्सेशन्स रिपोर्ट के मुताबिक, पांच साल में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले इक्विटी म्यूचुअल फंड में से औसतन केवल 21 फीसदी ही अगले पांच साल तक अपनी टॉप-25 फीसदी वाली रैंकिंग बरकरार रख पाए। तीन साल की अवधि में यह आंकड़ा 26 फीसदी रहा। यानी, पांच साल में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले लगभग चार में से तीन-चार फंड अगले पांच साल में अपनी जगह बनाए रखने में सफल नहीं रहे।

टॉप फंड्स की रैंकिंग में क्यों होता है बदलाव?

रिपोर्ट में पहले तीन और पांच साल के रिटर्न के आधार पर फंड्स की रैंकिंग तय की गई। इसके बाद अगली समान अवधि में उनके प्रदर्शन का आकलन किया गया। नतीजों में अलग-अलग अवधियों के दौरान काफी अंतर देखने को मिला।

उदाहरण के लिए, 2007 से 2011 के दौरान टॉप-25 फीसदी फंड्स में शामिल योजनाओं में से केवल 4 फीसदी ही 2012 से 2016 के दौरान अपनी जगह बनाए रख सकीं। वहीं, 2004 से 2008 की अवधि के शीर्ष फंड्स में से केवल 7 फीसदी 2009 से 2013 के दौरान भी शीर्ष श्रेणी में रहे।

इसके उलट, 2012 से 2014 के दौरान शीर्ष 25 फीसदी फंड्स में शामिल करीब 66 फीसदी योजनाएं 2015 से 2017 के दौरान भी इसी श्रेणी में बनी रहीं। इससे स्पष्ट होता है कि फंड्स की रैंकिंग बरकरार रखने की क्षमता बाजार की परिस्थितियों और अध्ययन की अवधि के अनुसार बदल सकती है।

बाजार की चाल बदलने से प्रभावित होता है रिटर्न

म्यूचुअल फंड का प्रदर्शन कई कारकों पर निर्भर करता है। इनमें बाजार की स्थिति, फंड मैनेजर की निवेश रणनीति, पोर्टफोलियो में शामिल शेयर और अलग-अलग कंपनियों या सेक्टर का प्रदर्शन प्रमुख हैं।

उदाहरण के लिए, स्मॉलकैप शेयरों में तेजी के दौरान इन कंपनियों में ज्यादा निवेश करने वाले फंड बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। लेकिन बाजार का रुझान लार्जकैप शेयरों की तरफ बदलने पर उनकी रैंकिंग नीचे आ सकती है। इसी तरह, फार्मा, बैंकिंग या दूसरे सेक्टर पर केंद्रित फंड्स का प्रदर्शन भी संबंधित क्षेत्र की परिस्थितियों के साथ बदल सकता है।

यह भी जरूरी नहीं कि रैंकिंग गिरने का मतलब फंड में नुकसान होना है। संभव है कि फंड ने सकारात्मक रिटर्न दिया हो, लेकिन दूसरी योजनाओं ने उससे बेहतर प्रदर्शन किया हो।

निवेश से पहले किन बातों पर दें ध्यान?

निवेशकों को फंड चुनते समय पिछले रिटर्न के साथ उसके बेंचमार्क और समान श्रेणी के फंड्स से तुलना करनी चाहिए। यह भी देखना चाहिए कि फंड ने बाजार की तेजी और गिरावट के दौरान कैसा प्रदर्शन किया है और बेहतर रिटर्न हासिल करने के लिए कितना जोखिम लिया है।

इसके अलावा, निवेश का लक्ष्य, समयावधि और जोखिम सहने की क्षमता भी फंड चुनने में अहम भूमिका निभाते हैं। केवल हाल की टॉप रैंकिंग देखकर निवेश करना समझदारी नहीं है।

कुल मिलाकर, म्यूचुअल फंड का पिछला प्रदर्शन उसके भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता। इसलिए निवेशकों को किसी योजना का मूल्यांकन कई पहलुओं के आधार पर करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार की मदद लेनी चाहिए।

TAGGED:Equity MarketEquity Mutual FundsFundsIndia ReportIndustrial EmpireInvestment StrategyMutual Fund RankingMutual Fund ReturnsMutual FundsPersonal FinanceRisk ManagementSIP InvestmentStock Market India
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Indian oil refinery with crude oil tankers representing expensive US crude oil and discounted Venezuelan oil imports in India. महंगा अमेरिकी तेल, सस्ता वेनेजुएला क्रूड: भारतीय रिफाइनरियों के सामने क्या हैं विकल्प?
Next Article LIC म्यूचुअल फंड की तीन स्कीमों में IDCW भुगतान की घोषणा और 26 अक्टूबर 2026 की रिकॉर्ड डेट LIC म्यूचुअल फंड की 3 स्कीमों में IDCW का ऐलान, 26 अक्टूबर रिकॉर्ड डेट
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

फूड प्रोसेसिंग

प्राचीन पेठा: आगरा की मिठास की वो कहानी, जो ताजमहल से भी पुरानी है!

By
Industrial empire correspondent
2025 में भारत का real estate बूम, विदेशी और घरेलू निवेशकों का रिकॉर्ड ₹75,000 करोड़ निवेश
ट्रेंडिंग खबरें

2025 में real estate को जबरदस्त बूस्ट: निवेशकों ने झोंके ₹75,000 करोड़, मुंबई-बेंगलुरु बने हॉटस्पॉट

By
Manu Tiwari
दिल्ली के नए औद्योगिक क्षेत्र – रानीखेड़ा, बापरोला और कंझावला में विकसित होते आधुनिक इंडस्ट्रियल हब
ट्रेंडिंग खबरें

दिल्ली को मिलेंगे 3 नए इंडस्ट्रियल एरिया: आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा

By
Industrial empire correspondent
Seed Bill 2025 India किसानों के लिए नया बीज कानून बदलाव और सरकारी मसौदा विधेयक की जानकारी
एग्रीकल्चर

किसानों के लिए सरकार लाई है नया Seed Bill 2025 ड्राफ्ट, बदल जाएंगे ये कानून

By
Industrial empire correspondent
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?