The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Monday, Oct 12, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > Suzlon का ₹550 करोड़ का निवेश, 2027 तक बनेंगे AI आधारित विंड टर्बाइन ब्लेड के 3 नए कारखाने
ट्रेंडिंग खबरेंबिजनेस आईडियारिन्यूएबल एनर्जी

Suzlon का ₹550 करोड़ का निवेश, 2027 तक बनेंगे AI आधारित विंड टर्बाइन ब्लेड के 3 नए कारखाने

Last updated: 11/10/2026 6:10 PM
By
Manu Tiwari
ByManu Tiwari
Follow:
Share
सुजलॉन के AI आधारित पवन टर्बाइन ब्लेड कारखाने और विंड एनर्जी उपकरण
सुजलॉन गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में तीन नए AI आधारित विंड ब्लेड कारखाने स्थापित करेगा।
SHARE

नई दिल्ली। भारत में पवन ऊर्जा उपकरणों की बढ़ती मांग को देखते हुए सुजलॉन ग्रुप ने अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने की योजना बनाई है। कंपनी ₹550 करोड़ के निवेश से तीन नए कृत्रिम मेधा (AI) आधारित पवन टर्बाइन ब्लेड कारखाने स्थापित करेगी। इन संयंत्रों का उद्देश्य कंपनी के बढ़ते ऑर्डर बुक को समय पर पूरा करना और पवन ऊर्जा क्षेत्र में उपकरणों की आपूर्ति को तेज करना है।

सुजलॉन ग्रुप के सह-संस्थापक गिरीश तांती ने इस निवेश योजना की जानकारी दी। कंपनी की योजना इन तीनों कारखानों को वर्ष 2027 तक तैयार करने की है। प्रस्तावित संयंत्र गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में स्थापित किए जाएंगे। इस विस्तार से कंपनी के विनिर्माण नेटवर्क को मजबूती मिलने और पवन ऊर्जा उपकरणों के उत्पादन में तेजी आने की उम्मीद है।

तीन राज्यों में स्थापित होंगे नए कारखाने

सुजलॉन की योजना के तहत दो कारखाने गुजरात और कर्नाटक में, जबकि तीसरा तमिलनाडु में लगाया जाएगा। कंपनी इस परियोजना पर कुल ₹550 करोड़ खर्च करेगी। इसमें से ₹200 करोड़ तमिलनाडु स्थित इकाई पर निवेश किए जाएंगे। वहीं, गुजरात और कर्नाटक में बनने वाले संयंत्रों पर कुल ₹350 करोड़ खर्च किए जाएंगे।

कंपनी इन परियोजनाओं के लिए आवश्यक धनराशि अपने आंतरिक स्रोतों से जुटाएगी। इससे नए संयंत्रों की स्थापना के लिए बाहरी वित्तीय संसाधनों पर निर्भरता कम रखने में मदद मिलेगी।

AI और रोबोटिक्स से लैस होंगी स्मार्ट फैक्ट्रियां

प्रस्तावित कारखानों की खासियत यह होगी कि इन्हें पारंपरिक विनिर्माण इकाइयों के बजाय स्मार्ट फैक्ट्रियों के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां कृत्रिम मेधा (AI), उन्नत विश्लेषण तकनीक, रोबोटिक्स और डिजिटल प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इन तकनीकों की मदद से उत्पादन प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने, कामकाज की निगरानी बेहतर करने और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, इन संयंत्रों की उत्पादन क्षमता और तकनीकी प्रणालियों से जुड़े विस्तृत आंकड़े अभी साझा नहीं किए गए हैं।

18 कारखानों का होगा विनिर्माण नेटवर्क

तीनों नए संयंत्र शुरू होने के बाद सुजलॉन के विनिर्माण नेटवर्क में कारखानों की कुल संख्या बढ़कर 18 हो जाएगी। कंपनी के मुताबिक, नए संयंत्रों को पवन ऊर्जा परियोजनाओं के स्थलों के नजदीक स्थापित करने की योजना है।

इस रणनीति से पवन टर्बाइन ब्लेड के परिवहन और लॉजिस्टिक व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। परियोजना स्थलों के पास उत्पादन सुविधाएं होने से उपकरणों की आपूर्ति में लगने वाला समय घटाने और ऑर्डर पूरे करने की प्रक्रिया तेज करने की संभावना है।

पवन ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती मांग पर नजर

देश में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने पर जोर के बीच पवन ऊर्जा उपकरणों की मांग को पूरा करना कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है। ऐसे में सुजलॉन का प्रस्तावित निवेश उत्पादन क्षमता के विस्तार और तकनीक आधारित विनिर्माण की दिशा में अहम कदम है।

अब कंपनी की नजर 2027 तक इन तीनों संयंत्रों को तैयार करने और अपने ऑर्डर बुक के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर होगी। इन परियोजनाओं की प्रगति से यह स्पष्ट होगा कि नई विनिर्माण सुविधाएं कंपनी की आपूर्ति व्यवस्था और उत्पादन क्षमता को किस हद तक मजबूत करती हैं।

TAGGED:AI FactoriesGirish TantiIndustrial InvestmentindustrialempireRenewable EnergySuzlonWind EnergyWind Turbine Blades
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article ऊधम सिंह नगर में आंधी और बारिश से खेतों में गिरी धान की फसल ऊधम सिंह नगर में बारिश और ओलावृष्टि से धान की फसल बर्बाद, किसानों पर 7 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Gold Silver Price Today – सोने और चांदी के ताज़ा भाव
ट्रेंडिंग खबरें

Gold Silver Prices: सोने-चांदी के भाव में नरमी, रिकॉर्ड स्तर से फिसला सोना

By
Manu Tiwari
भारत में बढ़ते सूरजमुखी तेल आयात और खाद्य तेल बाजार
बाज़ारट्रेंडिंग खबरें

सूरजमुखी तेल का आयात बढ़ेगा

By
Manu Tiwari
भारत-न्यूजीलैंड FTA
ट्रेंडिंग खबरें

भारत – न्यूजीलैंड FTA से खुलेंगे नए दरवाजे: भारतीय निर्यात को 100% ड्यूटी-फ्री एक्सेस, व्यापार को मिलेगा बड़ा बूस्ट

By
Manu Tiwari
ट्रेंडिंग खबरेंबाज़ार

होर्मुज स्ट्रेट खुलने से तेल बाजार को राहत, कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट

By
Manu Tiwari
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?