नई दिल्ली। देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बैंक के डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। तीन दशक से अधिक समय तक बैंक में काम करने के बाद वह 31 दिसंबर 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। बैंक ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में इस फैसले की पुष्टि की है।
भरूचा का जाना बैंक के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने लंबे समय तक कॉर्पोरेट बैंकिंग और ऋण प्रबंधन से जुड़े कामकाज में अहम भूमिका निभाई है। वह बैंक के शीर्ष पद यानी मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (MD & CEO) के संभावित उम्मीदवारों में शामिल थे। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस पद के लिए अनूप बागची की नियुक्ति को मंजूरी दी है। बागची 27 अक्टूबर से तीन साल के कार्यकाल के लिए जिम्मेदारी संभालेंगे।
बोर्ड ने स्वीकार किया इस्तीफा
एचडीएफसी बैंक के मुताबिक, नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और निदेशक मंडल ने अक्टूबर में हुई बैठकों के दौरान भरूचा के अनुरोध पर विचार किया और उसे स्वीकार कर लिया। हालांकि, उनके इस्तीफे की प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक की अंतिम मंजूरी के अधीन है।
बैंक के बोर्ड ने भरूचा के लंबे कार्यकाल और संस्थान के विकास में उनके योगदान की सराहना की है। विशेष रूप से बैंक के क्रेडिट ढांचे को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को अहम बताया गया। मजबूत ऋण व्यवस्था बैंकिंग कारोबार में जोखिम प्रबंधन और बेहतर वित्तीय फैसलों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।
1995 में बैंक से जुड़े थे कैजाद भरूचा
कैजाद भरूचा अक्टूबर 1995 में एचडीएफसी बैंक से जुड़े थे। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। बीते वर्षों में उन्होंने कॉर्पोरेट लेंडिंग बिजनेस के विस्तार और होलसेल बैंकिंग परिचालन को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। इसके अलावा, हाल के वर्षों में उन्होंने रिटेल ऑपरेशन्स से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी भी संभाली।
साल 2023 में उन्हें डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया था। इससे पहले बैंक में यह पद परेश सुखथंकर के 2018 में जाने के बाद खाली हो गया था।
अनूप बागची के नेतृत्व में आगे बढ़ेगा बैंक
अनूप बागची की नियुक्ति के साथ एचडीएफसी बैंक में नेतृत्व की नई पारी शुरू होगी। बागची को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र का अनुभव है। उनके सामने बैंक की विकास रणनीति को आगे बढ़ाने, ऋण गुणवत्ता बनाए रखने और प्रतिस्पर्धी बैंकिंग बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियां रहेंगी।
कैजाद भरूचा की सेवानिवृत्ति और नए नेतृत्व के आगमन को बैंक के लिए बदलाव के अहम दौर के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में बैंक की रणनीति और कारोबारी प्राथमिकताओं पर इस नेतृत्व परिवर्तन का असर नजर आ सकता है।