एलआईसी म्यूचुअल फंड ने अपनी तीन योजनाओं के तहत इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल (IDCW) भुगतान की घोषणा की है। इसके तहत पात्र निवेशकों को 10 रुपये की फेस वैल्यू पर प्रति यूनिट 0.06 रुपये से लेकर 0.12 रुपये तक का डिस्ट्रीब्यूशन मिल सकता है। फंड हाउस ने इसके लिए 26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट निर्धारित की है। जिन निवेशकों ने इन योजनाओं में निवेश किया है, उन्हें भुगतान की पात्रता के लिए अपने प्लान और IDCW विकल्प की जांच करनी चाहिए।
इस घोषणा में एलआईसी एमएफ एग्रेसिव हाइब्रिड फंड, एलआईसी एमएफ इक्विटी सेविंग्स फंड और एलआईसी एमएफ आर्बिट्राज फंड शामिल हैं। हालांकि, हर योजना में भुगतान की राशि और लागू प्लान अलग-अलग हैं।
किस फंड में कितना मिलेगा IDCW?
एलआईसी म्यूचुअल फंड के ट्रस्टी ने एलआईसी एमएफ एग्रेसिव हाइब्रिड फंड के रेगुलर प्लान के IDCW विकल्प के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू पर प्रति यूनिट 0.12 रुपये के भुगतान को मंजूरी दी है। तीनों योजनाओं में यह सबसे अधिक घोषित राशि है।
वहीं, एलआईसी एमएफ इक्विटी सेविंग्स फंड के लिए प्रति यूनिट 0.10 रुपये के IDCW की घोषणा की गई है। यह भुगतान रेगुलर प्लान के मासिक IDCW विकल्प और डायरेक्ट प्लान के मासिक IDCW विकल्प, दोनों पर लागू होगा।
इसी तरह, एलआईसी एमएफ आर्बिट्राज फंड के डायरेक्ट प्लान के मासिक IDCW विकल्प के तहत प्रति यूनिट 0.06 रुपये का डिस्ट्रीब्यूशन किया जाएगा। ये सभी राशियां 10 रुपये की फेस वैल्यू के आधार पर घोषित की गई हैं।
26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट
फंड हाउस ने तीनों योजनाओं के लिए 26 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसी तारीख के आधार पर IDCW प्राप्त करने के पात्र निवेशकों की पहचान की जाएगी। यदि निर्धारित तारीख को कारोबार नहीं होता है, तो उसके तुरंत बाद आने वाले कारोबारी दिन को रिकॉर्ड डेट माना जाएगा।
निवेशकों को यह समझना जरूरी है कि केवल संबंधित फंड में निवेश होना IDCW प्राप्त करने के लिए पर्याप्त नहीं है। निवेश किस प्लान और किस विकल्प के तहत किया गया है, यह भी महत्वपूर्ण है। इसलिए भुगतान से जुड़ी शर्तों और योजना के आधिकारिक दस्तावेजों को ध्यान से देखना चाहिए।
IDCW भुगतान कैसे काम करता है?
IDCW का पूरा नाम इनकम डिस्ट्रीब्यूशन कम कैपिटल विड्रॉल है। म्यूचुअल फंड में इस विकल्प के तहत योजना से डिस्ट्रीब्यूशन किया जा सकता है। निवेशक द्वारा चुने गए विकल्प के अनुसार भुगतान की प्रक्रिया अलग हो सकती है।
यदि निवेशक ने IDCW Payout विकल्प चुना है, तो घोषित डिस्ट्रीब्यूशन की राशि पात्रता और लागू नियमों के अनुसार भुगतान की जाती है। वहीं, IDCW Reinvestment विकल्प चुनने पर राशि के बदले अतिरिक्त यूनिटें आवंटित की जा सकती हैं।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि IDCW को अतिरिक्त या गारंटीड मुनाफा नहीं समझना चाहिए। डिस्ट्रीब्यूशन के बाद फंड की नेट एसेट वैल्यू (NAV) आम तौर पर वितरित राशि के अनुरूप घटती है। इसलिए केवल घोषित भुगतान देखकर किसी फंड को बेहतर निवेश विकल्प मानना उचित नहीं है। निवेश का निर्णय लेते समय जोखिम, निवेश अवधि, वित्तीय लक्ष्य और योजना के प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए।