कोटक महिंद्रा बैंक ने चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान बैंक के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 26 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बैंक का मुनाफा बढ़कर 5,645 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 4,468 करोड़ रुपये था। वहीं, जून 2026 तिमाही में बैंक ने 5,480 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। इस तरह तिमाही आधार पर भी बैंक के मुनाफे में वृद्धि हुई। सितंबर तिमाही के दौरान बैंक की कुल इनकम 29,426.88 करोड़ रुपये रही।
एसेट क्वालिटी में हुआ सुधार
कोटक महिंद्रा बैंक के वित्तीय प्रदर्शन के साथ उसकी एसेट क्वालिटी में भी सुधार देखने को मिला। सितंबर 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) रेश्यो घटकर 1.04 फीसदी रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 1.39 फीसदी था। इसी तरह, नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NNPA) रेश्यो भी 0.32 फीसदी से घटकर 0.24 फीसदी पर आ गया।
एनपीए में गिरावट बैंक के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे पता चलता है कि बैंक के कुल कर्ज की तुलना में खराब कर्ज का अनुपात कम हुआ है। हालांकि, बैंक की एसेट क्वालिटी का आकलन करने के लिए आने वाली तिमाहियों में भी इन आंकड़ों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
लोन और डिपॉजिट में मजबूत बढ़त
बैंक ने अपने लोन कारोबार में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की। 30 सितंबर 2026 तक बैंक का नेट एडवांसेज सालाना आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 5.77 लाख करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तारीख तक यह आंकड़ा 4.62 लाख करोड़ रुपये था। लोन में यह बढ़ोतरी बैंक की कर्ज देने की गतिविधियों में विस्तार को दर्शाती है।
दूसरी ओर, बैंक का औसत कुल डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़कर 6.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक के लिए जमा में वृद्धि महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे कर्ज देने और अन्य बैंकिंग गतिविधियों के लिए फंड उपलब्ध होता है।
नेट इंटरेस्ट मार्जिन में आई नरमी
मुनाफे और लोन ग्रोथ में बढ़ोतरी के बावजूद बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट दर्ज की गई। सितंबर तिमाही में यह घटकर 4.31 फीसदी रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में NIM 4.54 फीसदी और जून 2026 तिमाही में 4.53 फीसदी था।
बैंक के अनुसार, FCNR-B डिपॉजिट के जरिए जुटाई गई लिक्विडिटी का असर मार्जिन पर पड़ा। सितंबर तिमाही के दौरान बैंक ने 55,344 करोड़ रुपये के FCNR-B डिपॉजिट जुटाए। इसके अलावा, टर्म डिपॉजिट में बढ़ोतरी के चलते बैंक का CASA रेश्यो भी पिछले साल के 42.5 फीसदी से घटकर 38.2 फीसदी रह गया।
कैपिटल पोजिशन मजबूत
बैंक की पूंजी स्थिति भी मजबूत बनी हुई है। सितंबर तिमाही में बेसल-3 नियमों के तहत बैंक का कैपिटल एडिक्वेसी रेश्यो 21.9 फीसदी दर्ज किया गया। वहीं, बैंक का स्टैंडअलोन रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) 1.92 फीसदी रहा।
कुल मिलाकर, सितंबर तिमाही में कोटक महिंद्रा बैंक ने मुनाफे, लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और CASA रेश्यो में आई गिरावट बैंक के लिए अहम पहलू हैं। आने वाली तिमाहियों में बैंक की जमा लागत, कर्ज की मांग और मार्जिन में होने वाले बदलाव उसके प्रदर्शन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।