दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियों में शामिल माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने का विकल्प पेश किया है। इस योजना के तहत पात्र कर्मचारी कंपनी से अलग होने का फैसला कर सकते हैं। इसके बदले उन्हें आर्थिक पैकेज, स्वास्थ्य बीमा और नई नौकरी तलाशने में सहायता जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। यह पहल भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कंपनी की चुनिंदा टीमों के कर्मचारियों के लिए शुरू की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 60,000 कर्मचारी इस योजना के दायरे में आ सकते हैं।
क्या है माइक्रोसॉफ्ट की VEO योजना?
माइक्रोसॉफ्ट की इस पहल को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प देना है, जो अपने करियर में बदलाव या बाहर नए अवसर तलाशना चाहते हैं। यह अनिवार्य छंटनी नहीं, बल्कि पात्र कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक प्रस्ताव है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना के तहत कुछ कर्मचारियों को कंपनी में बिताए गए प्रत्येक वर्ष के बदले एक महीने के मूल वेतन के बराबर भुगतान मिल सकता है। उदाहरण के लिए, पांच साल की सेवा पूरी कर चुके किसी पात्र कर्मचारी को पांच महीने के मूल वेतन के बराबर रकम मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक भुगतान योजना की शर्तों और व्यक्तिगत पात्रता पर निर्भर करेगा।
इसके अतिरिक्त, पात्र कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा और करियर से जुड़ी सहायता भी उपलब्ध कराई जा सकती है।
किन कर्मचारियों को मिल सकता है लाभ?
कंपनी की मुख्य मानव संसाधन अधिकारी एमी कोलमैन ने इस पहल के बारे में जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के आंतरिक पद स्तर 70 या उससे नीचे के चुनिंदा कर्मचारियों को यह प्रस्ताव मिल सकता है।
हालांकि, केवल पद स्तर के आधार पर सभी कर्मचारियों को योजना का पात्र नहीं माना जाएगा। संबंधित टीम की कारोबारी जरूरतों और अन्य निर्धारित शर्तों के अनुसार पात्रता तय की जाएगी। कंपनी योग्य कर्मचारियों को ईमेल के माध्यम से प्रस्ताव और उससे जुड़ी जानकारी देगी।
भारत में माइक्रोसॉफ्ट के लगभग 23,000 कर्मचारी हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कितने लोगों को VEO का प्रस्ताव दिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय कर्मचारियों को इस पर फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर तक का समय मिल सकता है।
कंपनी ने क्यों उठाया यह कदम?
बदलती तकनीकी जरूरतों, कारोबारी प्राथमिकताओं और कर्मचारियों की करियर संबंधी आकांक्षाओं को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट टीमों के ढांचे में बदलाव का विकल्प तैयार कर रही है। कंपनी का कहना है कि अलग-अलग कारोबारी इकाइयों की जरूरतें अलग होती हैं, इसलिए इस योजना को सभी टीमों में एक समान लागू नहीं किया जाएगा।
पात्र कर्मचारियों के पास प्रस्ताव स्वीकार करने या कंपनी में बने रहने का विकल्प होगा। इस तरह कंपनी कर्मचारियों को करियर में बदलाव का अवसर देने के साथ अपने कार्यबल की जरूरतों के अनुरूप फैसले भी ले सकेगी।
भारत में निवेश जारी रखने की तैयारी
स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की योजना के बावजूद माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में अपने निवेश को जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी ने 2025 से 2029 के बीच भारत में 20.5 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। यह निवेश क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर, कौशल विकास और परिचालन गतिविधियों से जुड़ा है।
कंपनी का लक्ष्य 2030 तक भारत में दो करोड़ लोगों को AI से संबंधित कौशल सिखाना भी है। ऐसे में VEO योजना को कंपनी के व्यापक कारोबारी बदलावों के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, भारत में इस प्रस्ताव से कितने कर्मचारी जुड़ेंगे, इसकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।