टाटा मोटर्स के वैश्विक विस्तार की योजना को बड़ी सफलता मिली है। इटली की कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी इवेको के अधिग्रहण के लिए टाटा मोटर्स की पेशकश को 87.81 फीसदी शेयरों का समर्थन मिला है। यह आंकड़ा सौदे के लिए तय 80 फीसदी की न्यूनतम सीमा से अधिक है। इससे अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। इस सौदे की कुल पेशकश 3.91 अरब यूरो की है और इसे टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी टीएमएल सीवी होल्डिंग्स के माध्यम से पूरा किया जा रहा है।
शेयरधारकों के समर्थन से आसान हुई डील
इवेको के शेयरधारकों ने अक्टूबर में हुई विशेष बैठक में अधिग्रहण से जुड़े प्रस्तावों पर मतदान किया था। इस बैठक में करीब 53 फीसदी शेयरधारकों ने सौदे का समर्थन किया, जबकि 12 फीसदी ने इसके खिलाफ वोट दिया। लगभग 35 फीसदी शेयरधारकों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
बैठक में अधिग्रहण के लिए जरूरी स्वीकृति सीमा को 95 फीसदी से घटाकर 80 फीसदी करने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ था। इससे टाटा मोटर्स के लिए सौदे को आगे बढ़ाना आसान हो गया। कंपनी की पेशकश 26 अक्टूबर को समाप्त हुई। इवेको के अनुसार, अंतिम दिन तक 9.70 करोड़ से अधिक अतिरिक्त शेयरों के लिए आवेदन मिले और कुल स्वीकार किए गए शेयरों की संख्या 23.81 करोड़ से ज्यादा हो गई।
कितनी है प्रति शेयर कीमत?
टाटा मोटर्स ने इवेको के प्रत्येक शेयर के लिए 14.40 यूरो की पेशकश की है। शुरुआत में यह कीमत 14.10 यूरो प्रति शेयर थी, जिसे बाद में 0.30 यूरो बढ़ा दिया गया। कंपनी की योजना के मुताबिक, अधिग्रहण के बाद इवेको में टाटा मोटर्स की हिस्सेदारी बढ़कर लगभग 89.42 फीसदी हो सकती है।
सौदे के अंतिम नतीजों और आगे की प्रक्रिया के लिए निवेशकों को संबंधित कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए। शेयरधारकों के लिए अतिरिक्त शेयर बेचने की अवधि और भुगतान से जुड़ी शर्तों की पुष्टि भी आधिकारिक सूचना से करना जरूरी है।
टाटा मोटर्स को कैसे मिलेगा फायदा?
इस अधिग्रहण का सबसे बड़ा संभावित लाभ टाटा मोटर्स के कमर्शियल वाहन कारोबार का अंतरराष्ट्रीय विस्तार है। कंपनी का वाणिज्यिक वाहन कारोबार फिलहाल भारतीय बाजार पर काफी निर्भर है। इवेको के जुड़ने से यूरोप, लैटिन अमेरिका और एशिया-प्रशांत जैसे बाजारों में उसकी पहुंच बढ़ सकती है।
इवेको का कारोबार कई देशों में फैला हुआ है। उसके मौजूदा उत्पादन केंद्र, वितरण नेटवर्क और ग्राहक आधार टाटा मोटर्स को वैश्विक स्तर पर अपनी मौजूदगी मजबूत करने का अवसर दे सकते हैं। इससे कंपनी को नए बाजारों में कारोबार स्थापित करने के लिए पूरी व्यवस्था शुरू से तैयार करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
बढ़ सकता है कमर्शियल वाहन कारोबार का आकार
दोनों कंपनियों के एक साथ आने से सालाना वाहन बिक्री 5.40 लाख से अधिक होने और संयुक्त राजस्व 25 अरब डॉलर से ज्यादा पहुंचने का अनुमान जताया गया है। इससे टाटा मोटर्स के वाणिज्यिक वाहन कारोबार का आकार काफी बढ़ सकता है।
हालांकि, अधिग्रहण से मिलने वाले वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि दोनों कंपनियां अपने कारोबार, उत्पादन, तकनीक और वितरण नेटवर्क को किस तरह एकीकृत करती हैं। विदेशी बाजारों में मांग, प्रतिस्पर्धा, लागत और नियामकीय शर्तें भी इस सौदे के परिणामों को प्रभावित करेंगी।