भारतीय शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की मजबूत शुरुआत ने कॉरपोरेट जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के इस सहयोगी कारोबार का बाजार मूल्य तेजी से बढ़ रहा है। शुरुआती कारोबार में शेयर में करीब 5 प्रतिशत की उछाल के बाद कंपनी का मार्केट कैप 14 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच गया। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण लगभग 16 लाख करोड़ रुपये बताया गया। दोनों कंपनियों के बीच घटता अंतर इस बात की ओर इशारा करता है कि बाजार में जियो की हैसियत तेजी से मजबूत हो रही है।
लिस्टिंग के बाद शेयर में तेजी
जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर 1,358 रुपये पर बाजार में सूचीबद्ध हुआ था। इसके साथ ही कंपनी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान सूचीबद्ध कंपनी बन गई। पिछले कारोबारी सत्र में शेयर बीएसई पर 1,417.35 रुपये पर बंद हुआ था। अगले सत्र में इसने 1,448.05 रुपये पर कारोबार शुरू किया और शुरुआती कारोबार के दौरान 1,490 रुपये तक पहुंच गया।
इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में भी तेजी देखी गई। उसका शेयर करीब 1.5 प्रतिशत बढ़कर 1,182 रुपये तक पहुंचा। इसके बावजूद जियो प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते बाजार मूल्य ने दोनों कंपनियों की तुलना को निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।
ब्रोकरेज की राय पर भी नजर
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर पर नोमुरा, मोतीलाल ओसवाल और एलारा कैपिटल ने कवरेज शुरू की है। नोमुरा ने शेयर को खरीदने की रेटिंग देते हुए 1,340 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने भी खरीदने की सलाह के साथ 1,350 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
हालांकि, शुरुआती कारोबार में शेयर इन दोनों लक्ष्य मूल्यों से ऊपर पहुंच चुका था। ऐसे में निवेशकों के लिए केवल ब्रोकरेज की रेटिंग के आधार पर फैसला लेना उचित नहीं होगा। शेयर की मौजूदा कीमत, कंपनी की आय बढ़ने की संभावनाओं, कारोबार के विस्तार और बाजार में उतार-चढ़ाव जैसे पहलुओं का आकलन जरूरी है। एलारा कैपिटल की विस्तृत रेटिंग और लक्ष्य मूल्य के आंकड़े उपलब्ध विवरण में नहीं दिए गए हैं।
वैश्विक टेलीकॉम कंपनियों में बनाई जगह
जियो प्लेटफॉर्म्स की बाजार में स्थिति केवल भारत तक सीमित नहीं है। उपलब्ध ब्लूमबर्ग आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का बाजार पूंजीकरण 137.3 अरब डॉलर बताया गया है। इस आधार पर वह दुनिया की पांच सबसे मूल्यवान टेलीकॉम कंपनियों में शामिल हुई।
इस सूची में अमेरिकी कंपनी AT&T का बाजार मूल्य 141.1 अरब डॉलर, T-Mobile US का 157.5 अरब डॉलर और Verizon का 182.1 अरब डॉलर बताया गया है। चीन की चाइना मोबाइल 220.3 अरब डॉलर के साथ सूची में आगे है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
जियो प्लेटफॉर्म्स की तेजी कंपनी के प्रति बाजार की मजबूत दिलचस्पी दिखाती है, लेकिन शुरुआती उछाल भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं है। निवेशकों को कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। खासकर तेजी के बाद ऊंचे भाव पर निवेश करने से पहले जोखिम का आकलन करना जरूरी है।