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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > केमिकल > RBI का बड़ा फैसला: सरकारी तेल कंपनियों को अब विशेष व्यवस्था से मिलेगा डॉलर, 12 अक्टूबर से होगी शुरुआत
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RBI का बड़ा फैसला: सरकारी तेल कंपनियों को अब विशेष व्यवस्था से मिलेगा डॉलर, 12 अक्टूबर से होगी शुरुआत

Last updated: 10/10/2026 3:46 PM
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Manu Tiwari
ByManu Tiwari
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आरबीआई का विशेष डॉलर विंडो फैसला और सरकारी तेल कंपनियों की डॉलर जरूरत
RBI ने IOC, BPCL और HPCL की दैनिक डॉलर जरूरत पूरी करने के लिए 12 अक्टूबर 2026 से विशेष विदेशी मुद्रा विंडो शुरू करने का फैसला किया है।
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नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदने के लिए सरकारी तेल कंपनियों को अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने विशेष विदेशी मुद्रा विंडो खोलने का फैसला किया है। इस नई व्यवस्था के तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) की रोजाना की पूरी डॉलर जरूरत पूरी की जाएगी। यह सुविधा 12 अक्टूबर 2026 से लागू होगी और अगले आदेश तक जारी रहेगी।

आरबीआई का यह फैसला मौजूदा मुद्रा और वित्तीय बाजार की स्थितियों की समीक्षा के बाद लिया गया है। नई व्यवस्था से सरकारी तेल कंपनियों को डॉलर हासिल करने के लिए एक निर्धारित माध्यम मिलेगा। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने अपने बयान में इस कदम के पीछे किसी विशेष बाजार घटना या डॉलर की कीमत में उतार-चढ़ाव को स्पष्ट वजह नहीं बताया है।

तीन सरकारी तेल कंपनियों को मिलेगा फायदा

आरबीआई की ओर से शुरू की जा रही इस सुविधा का लाभ देश की तीन प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को मिलेगा।

इनमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL) शामिल हैं। इन कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चा तेल खरीदने और अपने कारोबार से जुड़ी विदेशी मुद्रा जरूरतों को पूरा करने के लिए डॉलर की आवश्यकता होती है।

नई व्यवस्था के तहत इन तीनों कंपनियों की पूरी दैनिक डॉलर जरूरत को विशेष विंडो के दायरे में रखा गया है। इससे उन्हें अपनी विदेशी मुद्रा संबंधी जरूरतों के लिए एक निर्धारित संस्थागत व्यवस्था उपलब्ध होगी।

बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराएगा RBI डॉलर

इस व्यवस्था में भारतीय रिजर्व बैंक अधिकृत डीलर बैंकों के माध्यम से सरकारी तेल कंपनियों को अमेरिकी डॉलर उपलब्ध कराएगा। यानी डॉलर से जुड़े लेनदेन में निर्धारित बैंक माध्यम की भूमिका निभाएंगे और आरबीआई इस व्यवस्था के जरिए तेल कंपनियों की जरूरत पूरी करेगा।

इस कदम से तेल कंपनियों को डॉलर हासिल करने के लिए एक अलग व्यवस्था मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है। ऐसे में डॉलर की उपलब्धता तेल कंपनियों के आयात और भुगतान संबंधी कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है।

हालांकि, इस सुविधा से बाजार में डॉलर की मांग, रुपये की विनिमय दर या विदेशी मुद्रा कारोबार पर कितना असर पड़ेगा, इसका आकलन आने वाले समय में ही किया जा सकेगा।

12 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था

आरबीआई के मुताबिक, विशेष विदेशी मुद्रा विंडो 12 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी। इस सुविधा के लिए फिलहाल कोई निश्चित अंतिम तारीख तय नहीं की गई है। इसे अगले आदेश तक जारी रखा जाएगा।

इसका अर्थ है कि केंद्रीय बैंक आगे बाजार की परिस्थितियों और अपनी नीतिगत जरूरतों के आधार पर इस व्यवस्था में बदलाव कर सकता है या इसके संचालन को लेकर नए निर्देश जारी कर सकता है।

रुपये और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्या होगा असर?

आरबीआई के इस फैसले के बाद रुपये की विनिमय दर और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संभावित असर को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। हालांकि, विशेष डॉलर विंडो शुरू करने का अर्थ यह नहीं है कि रुपये की कीमत तुरंत मजबूत हो जाएगी या पेट्रोल-डीजल सस्ता हो जाएगा।

ईंधन की खुदरा कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के भाव, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, करों तथा अन्य लागतों जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं। आरबीआई ने भी अपने बयान में ईंधन की कीमतों में कटौती या रुपये को मजबूत करने का कोई सीधा लक्ष्य घोषित नहीं किया है।

आगे किन बातों पर रहेगी नजर?

12 अक्टूबर से इस व्यवस्था के लागू होने के बाद इसके संचालन और आरबीआई के अगले निर्देशों पर बाजार की नजर रहेगी। फिलहाल इस फैसले का मुख्य उद्देश्य तीन सरकारी तेल विपणन कंपनियों की दैनिक डॉलर जरूरत को एक निर्धारित व्यवस्था के जरिए पूरा करना है।

आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नई सुविधा किस तरह संचालित होती है और इसका विदेशी मुद्रा बाजार पर क्या प्रभाव पड़ता है। फिलहाल इसे तेल कंपनियों के लिए डॉलर उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पेट्रोल-डीजल की

TAGGED:BPCLDollar WindowHPCLIndian Oil CorporationindustrialempireRBIRBI News
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