भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार की शुरुआत में सुस्ती के बाद खरीदारी तेज हो गई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 73,862 अंक और निफ्टी 22,873 अंक तक पहुंच गया। बाजार में FMCG, सरकारी बैंकों और ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जबकि ऑटो सेक्टर के शेयर दबाव में रहे।
बाजार की इस तेजी के बीच निवेशक वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, कच्चे तेल की कीमतों और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले सत्रों में इन कारकों का असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है।
अमेरिकी फेड के फैसले से निवेशकों की सतर्कता बरकरार
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। हालांकि, भविष्य में मौद्रिक नीति किस दिशा में जाएगी, इसे लेकर स्पष्टता की कमी बनी हुई है। दिसंबर में ब्याज दरों में संभावित बदलाव पर ठोस संकेत नहीं मिलने से निवेशक सतर्क हैं।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, बाजार की नजर अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अगले कदम और वैश्विक आर्थिक हालात पर है। ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम लेने से पहले परिस्थितियों का आकलन कर रहे हैं।
कच्चे तेल की कीमतें बढ़ा सकती हैं चिंता
भारतीय बाजार के सामने कच्चे तेल की महंगाई एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उपलब्ध कारोबारी जानकारी के मुताबिक, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड करीब 102 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने पर आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बातचीत में सीमित प्रगति ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई है। यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो इसका असर रुपये और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।
एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
भारतीय बाजार को एशिया के दूसरे शेयर बाजारों से भी समर्थन मिला। शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स आधे प्रतिशत से अधिक चढ़े। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मजबूती के बावजूद घरेलू बाजार में तेजी कितनी टिकाऊ रहेगी, यह वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।
इन कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर
निवेशकों का ध्यान अब कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर भी है। कोल इंडिया, एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, लॉरस लैब्स और अंबुजा सीमेंट्स के तिमाही नतीजे बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। नतीजों में आय, मुनाफे और भविष्य के कारोबारी अनुमान के आधार पर संबंधित शेयरों में हलचल हो सकती है।
कुल मिलाकर, बाजार में खरीदारी का माहौल जरूर बना है, लेकिन निवेशकों को केवल एक दिन की तेजी के आधार पर फैसला लेने से बचना चाहिए। कच्चे तेल की कीमतों, रुपये की चाल, वैश्विक ब्याज दरों और कंपनियों के नतीजों पर नजर रखना आगे की रणनीति के लिए अहम होगा।