भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को कारोबार की शुरुआत भले ही सुस्त रुख के साथ की, लेकिन कुछ ही देर में बाजार में खरीदारी लौट आई। शुरुआती गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने जोरदार वापसी की। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स 400 अंकों से ज्यादा चढ़ गया, जबकि निफ्टी 50 ने 23,900 का स्तर पार कर लिया। बाजार में आई इस तेजी के पीछे विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और रुपये की मजबूती को अहम वजह माना जा रहा है।
बुधवार सुबह सेंसेक्स 65 अंक गिरकर 76,853.11 के स्तर पर लगभग सपाट खुला। वहीं, निफ्टी 50 ने 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 23,742.25 के स्तर पर कारोबार शुरू किया। हालांकि, बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों बाद निवेशकों ने खरीदारी शुरू कर दी। सुबह 9:34 बजे तक सेंसेक्स 0.53 फीसदी की तेजी के साथ 77,329.17 के स्तर पर पहुंच गया। इसी दौरान निफ्टी भी 0.53 फीसदी बढ़कर 23,937.40 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ था बाजार
इससे पहले मंगलवार को भी घरेलू शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली थी। बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। निफ्टी 370 अंक चढ़कर 23,810 के स्तर पर पहुंच गया था, जबकि सेंसेक्स ने 1,225 अंकों की बड़ी छलांग लगाते हुए 76,917 के स्तर पर कारोबार समाप्त किया था।
बीते कारोबारी सत्र में बाजार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की खरीदारी से मजबूती मिली। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रुपये की मजबूती ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की धारणा में सुधार देखने को मिला है।
मुनाफावसूली का भी रह सकता है दबाव
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार में आई तेजी कितनी टिकाऊ है, निवेशक इसका आकलन कर सकते हैं। ऐसे में कुछ निवेशक मौजूदा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली का रास्ता अपना सकते हैं। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की भागीदारी बढ़ने के संकेत बाजार के लिए सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेश के रुझान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
निफ्टी के लिए 23,650 का स्तर अहम
SBI सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च हेड सुदीप शाह के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,650 से 23,680 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। उनका कहना है कि जब तक निफ्टी इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार में तेजी का मौजूदा रुख बरकरार रहने की उम्मीद है।
तकनीकी नजरिये से देखें तो निफ्टी के लिए 23,930 से 23,950 का स्तर शॉर्ट टर्म में अगला लक्ष्य हो सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव और मुनाफावसूली की संभावना को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
कुल मिलाकर, बुधवार को शुरुआती कमजोरी के बाद बाजार में लौटी खरीदारी ने निवेशकों को राहत दी है। अब निवेशकों की नजर विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और निफ्टी के अहम तकनीकी स्तरों पर रहेगी।