भारत में म्यूचुअल फंड निवेश का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। लोग पारंपरिक बचत के साथ अब म्यूचुअल फंड योजनाओं में भी पैसा लगा रहे हैं। इसका असर फंड कंपनियों के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पर दिखाई दे रहा है। सितंबर 2026 तिमाही में भारतीय म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का औसत एसेट अंडर मैनेजमेंट बढ़कर 89.51 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इस मामले में एसबीआई म्यूचुअल फंड सबसे बड़ी कंपनी बनी हुई है।
ICRA एनालिटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 तिमाही तक इंडस्ट्री के औसत एसेट में करीब 11.04 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। दिलचस्प बात यह है कि कुछ छोटी फंड कंपनियों ने इस दौरान बड़ी कंपनियों के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से ग्रोथ दर्ज की।
SBI म्यूचुअल फंड सबसे आगे
सितंबर 2026 तिमाही में एसबीआई म्यूचुअल फंड 13,34,527 करोड़ रुपये के तिमाही औसत AUM के साथ पहले स्थान पर रहा। इंडस्ट्री के कुल एसेट में इसकी हिस्सेदारी 14.91 फीसदी रही।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड 12,20,481 करोड़ रुपये और 13.64 फीसदी बाजार हिस्सेदारी के साथ दूसरे स्थान पर रहा। एचडीएफसी म्यूचुअल फंड 9,96,954 करोड़ रुपये के साथ तीसरे नंबर पर रहा। इसके बाद निप्पॉन इंडिया और कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड का स्थान रहा। इन पांच बड़ी कंपनियों की कुल बाजार हिस्सेदारी 55.75 फीसदी रही।
तीन महीने में हेलियोस की सबसे तेज ग्रोथ
जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान हेलियोस म्यूचुअल फंड के तिमाही औसत AUM में पिछली तिमाही के मुकाबले 90.29 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। अबक्कस म्यूचुअल फंड 81.02 फीसदी की वृद्धि के साथ दूसरे और ट्रस्ट म्यूचुअल फंड 46.70 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
इसी अवधि में ग्रो म्यूचुअल फंड का एसेट 26.85 फीसदी और जिरोधा म्यूचुअल फंड का 9.32 फीसदी बढ़ा। इसके मुकाबले पूरी इंडस्ट्री की तिमाही ग्रोथ 4.87 फीसदी रही।
छह महीने में अबक्कस ने लगाई बड़ी छलांग
अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच अबक्कस म्यूचुअल फंड के औसत AUM में 222.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। ट्रस्ट म्यूचुअल फंड 75.1 फीसदी और ग्रो म्यूचुअल फंड 54.2 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ आगे रहे। इस अवधि में पूरी इंडस्ट्री के औसत AUM में 7 फीसदी की वृद्धि हुई।
एक साल में हेलियोस और ग्रो का शानदार प्रदर्शन
सालाना आधार पर हेलियोस म्यूचुअल फंड सबसे तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों में आगे रहा। सितंबर 2025 में इसका औसत AUM 5,209 करोड़ रुपये था, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 14,466 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 177.7 फीसदी की वृद्धि हुई।
ग्रो म्यूचुअल फंड का AUM 2,843 करोड़ से बढ़कर 7,330 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसकी सालाना ग्रोथ 157.8 फीसदी रही। वहीं, जिरोधा म्यूचुअल फंड का AUM 7,416 करोड़ से बढ़कर 17,604 करोड़ रुपये हो गया, जो 137.4 फीसदी की वृद्धि है।
एक साल में 11 लाख करोड़ से ज्यादा बढ़ा एसेट
सितंबर 2025 में इंडस्ट्री का औसत AUM 78,46,636 करोड़ रुपये था, जो सितंबर 2026 में बढ़कर 89,50,667 करोड़ रुपये हो गया। यानी एक साल में करीब 11.04 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।
हालांकि, AUM में वृद्धि का मतलब केवल नया निवेश आना नहीं है। शेयर बाजार में निवेश की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी इसमें शामिल रहता है। इसलिए निवेशकों के लिए फंड का प्रदर्शन, जोखिम और निवेश रणनीति समझना भी जरूरी है।