नए संवत की शुरुआत निवेशकों के लिए अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करने और निवेश रणनीति को नए सिरे से तैयार करने का अच्छा अवसर है। बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय लंबी अवधि के वित्तीय लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के सीईओ वेंकट एन. चलसानी ने बुधवार को बिजनेस स्टैंडर्ड हिंदी के वेबिनार में यह बात कही। उन्होंने कहा कि अनुशासन के साथ निवेश जारी रखना और बाजार में लंबे समय तक बने रहना बेहतर निवेश रणनीति का अहम हिस्सा है।
बाजार के उतार-चढ़ाव से न घबराएं
‘नया संवत, नई शुरुआत: निवेशकों के लिए पोर्टफोलियो रीसेट का मौका’ विषय पर आयोजित वेबिनार में चलसानी ने अपने 40 साल से अधिक के वित्तीय अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने 1996 में इस क्षेत्र में काम शुरू किया था, तब भी वैश्विक अनिश्चितता, महंगाई, ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंताएं थीं। आईटी बबल, 2007-08 का वैश्विक वित्तीय संकट और कोविड महामारी जैसे बड़े संकटों ने बाजार को प्रभावित किया। इसके बावजूद समय के साथ बाजार ने वापसी की।
उनके मुताबिक, निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात बाजार में प्रवेश का सही समय तलाशना नहीं, बल्कि लंबे समय तक निवेशित रहना है। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है। इसलिए अल्पकालिक गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश बेचने से बचना चाहिए।
SIP से निवेश में आता है अनुशासन
चलसानी ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को नियमित निवेश का बेहतर माध्यम बताया। उनके अनुसार, SIP के जरिए निवेशक तय अंतराल पर बाजार में पैसा लगाते रहते हैं। इससे निवेश में अनुशासन बना रहता है और बाजार के अलग-अलग स्तरों पर निवेश करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि निवेशकों को समय-समय पर अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए। हालांकि, यह समीक्षा बाजार की रोजाना होने वाली हलचल के आधार पर नहीं, बल्कि वित्तीय लक्ष्यों और निवेश की अवधि को ध्यान में रखकर होनी चाहिए।
भारत की विकास कहानी में निवेश के अवसर
AMFI सीईओ ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक विकास यात्रा मजबूत बनी हुई है। नवीकरणीय ऊर्जा, वित्तीय सेवाओं और बढ़ती खपत जैसे क्षेत्रों में निवेश के अच्छे अवसर मौजूद हैं। इसके अलावा, भारत को युवा आबादी, नियंत्रित महंगाई, ब्याज दरों में स्थिरता और खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का लाभ मिल रहा है। बचत का वित्तीयकरण बढ़ने से भी म्यूचुअल फंड उद्योग के विस्तार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
6.35 करोड़ निवेशक म्यूचुअल फंड से जुड़े
चलसानी ने बताया कि फिलहाल करीब 6.35 करोड़ निवेशक म्यूचुअल फंड के माध्यम से निवेश कर रहे हैं। AMFI का प्रयास केवल निवेशकों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और जिम्मेदार निवेशक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि निवेशकों का भरोसा, पारदर्शिता और तकनीक म्यूचुअल फंड उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। निवेशकों को सही जानकारी देकर सोच-समझकर वित्तीय फैसले लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नई शुरुआत का मतलब रणनीति पर टिके रहना भी
चलसानी ने कहा कि नए संवत में नई शुरुआत का अर्थ केवल नया निवेश करना नहीं है, बल्कि अपनी मौजूदा निवेश योजना के प्रति प्रतिबद्ध रहना भी है। निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्य तय करने, जोखिम क्षमता समझने और निवेश की अवधि के अनुसार पोर्टफोलियो तैयार करने की जरूरत है। उनका संदेश साफ है कि बाजार में तेजी और गिरावट दोनों आती रहेंगी, लेकिन अनुशासन, धैर्य और लंबी अवधि का नजरिया निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों के करीब पहुंचाने में मदद कर सकता है।