भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से निजी कंपनियों की तेज रफ्तार और बेहतर नेटवर्क के सामने पिछड़ते आ रहे BSNL को अब सरकार नया जीवन देने की कोशिश कर रही है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने BSNL को डिजिटल इंडिया की ताकत बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी दिशा में सरकार ने कंपनी के नेटवर्क सुधार और विस्तार के लिए 47 हजार करोड़ रुपये की नई योजना को मंजूरी दी है।
47,000 करोड़ का मेगा इन्वेस्टमेंट
दूरसंचार विभाग ने बताया कि BSNL के लिए इस बार का निवेश ऐतिहासिक साबित हो सकता है। सरकार चाहती है कि BSNL का नेटवर्क आधुनिक हो और 5G जैसी तकनीक के लिए तैयार रहे। यह रकम BSNL के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मोबाइल सेवाओं का विस्तार करने और नई तकनीकी सेवाओं को शामिल करने पर खर्च होगी। इससे BSNL को प्राइवेट कंपनियों से मुकाबले की क्षमता मिल सकेगी।
पिछला रिकॉर्ड निवेश बना आधार
यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने BSNL को संजीवनी देने की कोशिश की हो। पिछले साल ही कंपनी ने 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर 4G सेवाओं का बड़ा विस्तार किया था। इस प्रोजेक्ट में आईटी दिग्गज TCS और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलिमेटिक्स (C-DoT) ने अहम भूमिका निभाई थी। दोनों ने मिलकर BSNL को टेलीकॉम उपकरण और तकनीकी सहयोग दिया। अब नया 47 हजार करोड़ रुपये का पैकेज उसी सफलता को आगे बढ़ाने की कोशिश है।
सिंधिया का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने BSNL के लिए आने वाले साल को बेहद अहम बताया है। उन्होंने साफ कहा है कि मोबाइल सेवा कारोबार में कम से कम 50 फीसदी की बढ़ोतरी करनी होगी। यही नहीं, उन्होंने कंपनी के सर्किल और बिजनेस यूनिट्स को निर्देश दिया है कि वे एंटरप्राइज बिजनेस में 25-30 प्रतिशत और फिक्स्ड लाइन सेवाओं में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि करें। यानी BSNL को केवल नेटवर्क विस्तार ही नहीं, बल्कि अपनी आय और ग्राहकों की संतुष्टि पर भी जोर देना होगा।
निजी कंपनियों से मुकाबले की चुनौती
BSNL का सबसे बड़ा संकट है ग्राहक राजस्व यानी ARPU (Average Revenue Per User)। अभी BSNL का ARPU अलग-अलग सर्किल में 40 रुपये से लेकर 175 रुपये तक है। जबकि निजी कंपनियां जियो और एयरटेल इससे काफी आगे हैं। जून तिमाही में जियो का ARPU 208 रुपये और एयरटेल का 250 रुपये दर्ज हुआ। इसका सीधा मतलब है कि BSNL को न केवल नए ग्राहक जोड़ने होंगे बल्कि मौजूदा सेवाओं की गुणवत्ता सुधारकर अधिक राजस्व भी हासिल करना होगा।
डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम
सरकार का मानना है कि BSNL केवल एक कंपनी नहीं, बल्कि देश के डिजिटल ढांचे का अहम स्तंभ है। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में जहां निजी कंपनियां पूरी तरह सक्रिय नहीं हैं, वहां BSNL ही लोगों की कनेक्टिविटी बनाए हुए है। यही वजह है कि सरकार चाहती है कि BSNL नई तकनीक, बेहतर नेटवर्क और कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं के साथ मजबूत होकर सामने आए।
आगे की राह
BSNL के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं, लेकिन सरकार की प्रतिबद्धता और सिंधिया की नई रणनीति उम्मीद जगाती है। अगर 47 हजार करोड़ रुपये की यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो आने वाले वर्षों में BSNL फिर से मजबूत खिलाड़ी बन सकता है। डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में BSNL की बड़ी भूमिका होगी और यही वजह है कि इस बार कंपनी से उम्मीदें भी बहुत ज्यादा हैं, या फिर कहा जा सकता है कि BSNL एक बार फिर बड़े बदलाव की दहलीज पर खड़ा है। सरकार के समर्थन और सही दिशा में किए गए निवेश से कंपनी अपनी खोई हुई चमक वापस पा सकती है।