लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार नई योजनाएं ला रही है। अब सरकार ने किसानों के लिए मधुमक्खी पालन (Beekeeping) को बढ़ावा देने के लिए फ्री ट्रेनिंग और 40 फीसदी तक का अनुदान देने का फैसला किया है। यह योजना किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने का सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।
मधुमक्खी पालन: कम लागत में ज्यादा मुनाफा
मधुमक्खी पालन एक ऐसा एग्री-बिजनेस है, जिसमें कम पूंजी और कम भूमि की जरूरत होती है। किसान अपनी खेत की मेड़ों, बगीचों या खाली जगह पर भी मधुमक्खी के छत्ते लगाकर आसानी से अच्छी कमाई कर सकते हैं। इससे न सिर्फ शहद उत्पादन बढ़ता है, बल्कि मधुमक्खियों की मदद से फसलों में पर-परागण (Pollination) की प्रक्रिया बेहतर होती है, जिससे उपज में भी इजाफा होता है। साथ ही, मधुमक्खी पालन पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।
योगी सरकार की पहल
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की आय में दोगुनी वृद्धि के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मधुमक्खी पालन को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है। सरकार 90 दिनों की फ्री ट्रेनिंग उपलब्ध करा रही है, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा, सरकार मधुमक्खी पालन इकाइयों की स्थापना के लिए 40 फीसदी तक का अनुदान भी दे रही है। इस योजना से न केवल शहद उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
फ्री ट्रेनिंग का पूरा विवरण
– योगी सरकार द्वारा दी जाने वाली Bee Keeping Training की अवधि 90 दिन होगी जो कि पूरी तरह नि:शुल्क होगी।
– इस प्रशिक्षण में पुरुष और महिलाएं दोनों भाग ले सकते हैं।
– इसमें किसानों को मधुमक्खी पालन की तकनीक, प्रबंधन, शहद उत्पादन और विपणन की जानकारी दी जाएगी।
– प्रशिक्षण के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 8वीं पास होना आवश्यक है।
इस योजन में प्रदेश भर के किसान आवेदन कर सकते हैं। ट्रेनिंग के दौरान आवेदक को अपने ठहरने और भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी।
कहां और कैसे करें आवेदन
प्रशिक्षण के लिए आवेदन प्रक्रिया बहुत सरल है। इच्छुक अभ्यर्थी अपने नजदीकी केंद्र से संपर्क कर सकते हैं :
– संयुक्त निदेशन, औद्यानिक प्रयोग एवं प्रशिक्षण केंद्र – सहारनपुर / बस्ती
– अधीक्षक, राजकीय उद्यान – प्रयागराज
– निर्धारित आवेदन पत्र भरकर जमा करना होगा।
आवेदन के साथ दो सभ्रांत व्यक्तियों या राजपत्रित अधिकारी द्वारा जारी चरित्र प्रमाण पत्र संलग्न करना जरूरी है।
सरकार की 40 फीसदी अनुदान योजना
मधुमक्खी पालन के लिए सरकार की ओर से 40 प्रतिशत तक का सब्सिडी दी जा रही है। इस अनुदान का फायदा उठाकर किसान मधुमक्खी के छत्ते, बॉक्स, उपकरण और शहद प्रोसेसिंग यूनिट खरीद सकते हैं। सरकार का उद्देश्य औद्यानिकी क्षेत्र में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और शहद उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।
आवेदन की अंतिम तारीख
मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 16 सितंबर 2025 तय की गई है। तय समय सीमा के अंदर आवेदन करने पर ही किसानों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा।
सरकार क्यों दे रही है बढ़ावा?
योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाना है। जिसमें मधुमक्खी पालन अग्रणी भूमिका निभाएगा। इस योजना से शहद उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल होगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगें इसके साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
मधुमक्खी पालन योजना यूपी के किसानों के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। कम लागत, कम भूमि और सरकार की फ्री ट्रेनिंग के साथ किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं। साथ ही, 40 प्रतिशत अनुदान इस व्यवसाय को और आसान बना देता है। अगर आप भी किसान हैं और अपनी आय बढ़ाना चाहते हैं, तो यह सही समय है। 16 सितंबर 2025 से पहले आवेदन करें और मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण के जरिए अपनी कमाई का नया अध्याय शुरू करें।