The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Thursday, Nov 5, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > US-India Trade Tension: ट्रंप ने भारतीय चावल पर कड़ी कार्रवाई के दिए संकेत, टैरिफ बढ़ाने की धमकी
ट्रेंडिंग खबरें

US-India Trade Tension: ट्रंप ने भारतीय चावल पर कड़ी कार्रवाई के दिए संकेत, टैरिफ बढ़ाने की धमकी

Last updated: 09/12/2025 11:00 AM
By
Industrial empire correspondent
Share
Donald Trump warning about rice imports from India during trade meeting at the White House, highlighting US–India trade tension.
SHARE

US-India Trade Tension: अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले चावल पर सख्त रुख अपनाने के संकेत दिए हैं। व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत को अमेरिकी बाजार में अपना चावल “खपाने” की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए, और प्रशासन इस पूरे मामले पर कड़ी नजर रखेगा।

किसानों से मुलाकात के बाद आया सख्त बयान
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी किसानों और कृषि क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस भी मौजूद थे। किसानों की परेशानियों को सुनते हुए ट्रंप ने कृषि क्षेत्र को 12 अरब डॉलर की संघीय सहायता देने का एलान किया।

बैठक में मेरिल केनेडी, जो अमेरिका की प्रसिद्ध केनेडी राइस मिल के मालिकाना हक वाले परिवार से आती हैं, ने चावल के आयात मुद्दे को खुलकर उठाया। उन्होंने कहा कि भारत, थाईलैंड और चीन अपने सस्ते चावल से अमेरिकी बाजार को भर रहे हैं, जिससे स्थानीय किसानों पर भारी दबाव पड़ रहा है।

भारत, थाईलैंड और चीन पर सस्ते चावल का आरोप
मेरिल ने बताया कि पहले प्यूर्टो रिको अमेरिकी चावल का एक बड़ा बाजार था। लेकिन अब पिछले कई वर्षों से भारत, थाईलैंड और चीन जैसे देश वहां अपना चावल बेच रहे हैं। इस वजह से अमेरिकी राइस उद्योग को बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ ने थोड़ा फायदा जरूर पहुंचाया है, लेकिन अभी उन्हें “दोगुना” करने की जरूरत है।

जब ट्रंप ने पूछा कि कौन से देश अपने सस्ते चावल से बाजार पर कब्जा कर रहे हैं, तो मेरिल ने तीन देशों – भारत, थाईलैंड और चीन का नाम लिया। इसके बाद ट्रंप ने संकेत दिया कि इन देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाना एक आसान समाधान हो सकता है।

ट्रंप ने वित्त मंत्री से मांगा जवाब: “भारत को इजाजत क्यों?”
ट्रंप ने बैठक के दौरान वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट से पूछा कि आखिर भारत को अमेरिकी बाजार में इतना चावल भेजने की इजाजत क्यों दी जा रही है? क्या भारत को चावल पर कोई विशेष छूट मिली हुई है? बेसेंट ने कहा कि भारत को कोई छूट नहीं मिली है, लेकिन दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है। इस पर ट्रंप ने फिर दोहराया कि अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका भारत सहित कई देशों पर टैरिफ बढ़ा देगा।

टैरिफ पर कानूनी लड़ाई भी जारी
गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन द्वारा कई देशों पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिका की निचली अदालत ने अवैध करार दिया था। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। ट्रंप ने कहा कि आधा अमेरिकी ऑटो उद्योग और चिप उद्योग इसलिए खत्म हुआ क्योंकि पिछली सरकारों ने दूसरे देशों को उत्पादन की अनुमति दी और सख्त टैरिफ नहीं लगाए। इस बार प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता।

चावल बाजार में भारत की मजबूत पकड़
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है। हर साल लगभग 15 करोड़ टन चावल का उत्पादन होता है, जो वैश्विक उत्पादन का लगभग 28% है। भारत न सिर्फ उत्पादक बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक भी है। साल 2024–25 में वैश्विक चावल निर्यात का 30 फीसदी सिर्फ भारत से गया। ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन के अनुसार, 2024 में भारत ने अमेरिका को 2.34 लाख टन चावल भेजा। यह भारत के कुल बासमती निर्यात का मात्र 5 प्रतिशत हिस्सा है।

इस आंकड़े से साफ है कि भारत का अमेरिकी बाजार पर बहुत बड़ा दबाव नहीं है, लेकिन अमेरिकी किसानों का मानना है कि सस्ता विदेशी चावल घरेलू उद्योग के लिए चुनौती बन रहा है।

भारतीय चावल पर अमेरिका सख़्त
ट्रंप के संकेत साफ बताते हैं कि आने वाले समय में भारत के चावल निर्यात पर कड़ा अमेरिकी रुख देखने को मिल सकता है। अगर अमेरिका सच में अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो यह भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में नई तनाव रेखा जोड़ देगा। अब निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले और दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ताओं पर टिकी रहेंगी।

TAGGED:donald trumpFeaturedGlobal TradeIndustrial EmpireNarendra ModiPM ModiUS Tariff NewsUS–India Trade Tension
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article NMEO India Oilseed Revolution, बढ़ता तिलहन उत्पादन, पाम ऑयल विस्तार और भारत की खाद्य तेल आत्मनिर्भरता मिशन से जुड़ी इन्फोग्राफिक। Oilseed revolution: NMEO 2031 तक बदलेगा खाद्य तेलों का भविष्य, तिलहन उत्पादन 69.7 मिलियन टन करने का लक्ष्य
Next Article Parkinson Breakthrough स्टेम सेल थेरेपी से पार्किंसन रोगियों में सुधार Parkinson Breakthrough: चीन की स्टेम-सेल थेरेपी से मरीजों में चौंकाने वाला सुधार
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

Jio 5g New unlimited plan
अन्य

हर दिन 2GB डेटा और अनलिमिटेड बातें सिर्फ Jio पर, जाने कैसे?

By
Manu Tiwari
CSIR–IITR Lucknow में अर्थ 2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन समारोह
अन्य

विज्ञान और सतत विकास का संगम: CSIR-IITR में ‘अर्थ 2025’ का भव्य उद्घाटन

By
Industrial empire correspondent
Infosys Buyback 2024 – 18,000 Crore Share Repurchase Program Details
आईटी

Infosys Buyback: इंफोसिस का 18,000 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा शेयर बायबैक शुरू

By
Manu Tiwari
8th Pay Commission updates for central government employees and pensioners, salary hike expectations, fitment factor changes
ट्रेंडिंग खबरें

8th Pay Commission: कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों पर आने वाला बड़ा बदलाव

By
Manu Tiwari
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?