Free Maize Seeds Scheme: खेती की बढ़ती लागत के बीच किसानों को राहत देने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने मक्का उत्पादन बढ़ाने और किसानों का खर्च कम करने के लिए मुफ्त मक्का बीज मिनीकिट बांटने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 10 लाख से ज्यादा किसानों को मुफ्त बीज दिए जाएंगे, जिससे बुवाई के समय बीज पर होने वाला खर्च कम होगा और उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। खास बात यह है कि इस योजना का सबसे ज्यादा फायदा जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को मिलने वाला है, जहां मक्का प्रमुख फसल के रूप में उगाई जाती है।
कृषि मंत्री ने दी योजना की जानकारी
राज्य के कृषि मंत्री किशोरी लाल मीणा ने बताया कि मक्का उत्पादन वाले इलाकों में किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए बीज मिनीकिट का मुफ्त वितरण किया जा रहा है। इस योजना को कृषि विभाग और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग मिलकर लागू कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज आसानी से मिल सकें, जिससे उनकी पैदावार बढ़े और खेती से होने वाली आय में भी सुधार हो।
लाखों किसानों को मिल चुका है फायदा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में बड़ी संख्या में किसानों को मुफ्त मक्का बीज मिनीकिट दिए गए हैं। जनजातीय क्षेत्रों के किसानों को अब तक 8 लाख 26 हजार 219 मक्का बीज मिनीकिट वितरित किए जा चुके हैं। इसके अलावा इन जिलों के गैर-जनजातीय किसानों को भी 2 लाख 26 हजार 643 मक्का बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए गए हैं।
इस तरह वर्ष 2025-26 में कुल मिलाकर 10 लाख 52 हजार 862 किसानों को मुफ्त मक्का बीज मिनीकिट का लाभ मिला है। यही नहीं, मक्का उत्पादन वाले अन्य जिलों जैसे अजमेर, ब्यावर, बूंदी, भीलवाड़ा और झालावाड़ के किसानों को भी 96 हजार 882 बीज मिनीकिट वितरित किए गए हैं। इससे राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मक्का की खेती को बढ़ावा मिल रहा है।
इन जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
सरकार की इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ राजस्थान के जनजातीय और मक्का उत्पादन वाले जिलों के किसानों को मिलेगा। जिन जिलों में इस योजना को प्राथमिकता के साथ लागू किया जा रहा है, उनमें डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, प्रतापगढ़, पाली, सिरोही और बारां शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छोटे और सीमांत किसान खेती पर निर्भर हैं। मुफ्त बीज मिलने से उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी और वे बेहतर तरीके से खेती कर सकेंगे।
2026-27 में भी जारी रहेगा योजना का लाभ
राज्य सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी इस योजना को आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने घोषणा की है कि अनुसूचित जनजाति और सहरिया क्षेत्र के किसानों को मुफ्त हाइब्रिड मक्का बीज मिनीकिट उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए करीब 85 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत लगभग 8.50 लाख जनजातीय किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर बीजों के इस्तेमाल से मक्का की पैदावार बढ़ाई जा सके और किसानों की आय में सुधार किया जा सके।
प्रमाणित बीज वितरण का भी लक्ष्य
सरकार ने मक्का उत्पादन बढ़ाने के लिए एक और महत्वपूर्ण योजना तैयार की है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत वर्ष 2026-27 में राज्य के कई जिलों में मक्का फसल के लिए प्रमाणित बीज वितरित किए जाएंगे। बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जैसे जिलों में 500 क्विंटल प्रमाणित मक्का बीज अनुदानित दर पर बांटने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही लगभग 4,500 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा सकें।
बाजरा किसानों को भी मिलेगा फायदा
मक्का के साथ-साथ सरकार बाजरा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी योजनाएं चला रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत वर्ष 2026-27 में बाजरा फसल के लिए भी बड़ी योजना तैयार की गई है। इस योजना के तहत 12 हजार क्विंटल प्रमाणित बाजरा बीज अनुदानित दर पर किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा लगभग 24 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बाजरा फसल के प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और किसानों को मुफ्त बीज भी दिए जाएंगे।
खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त और अनुदानित बीज वितरण जैसी योजनाएं किसानों की खेती लागत कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब किसानों को अच्छी गुणवत्ता के बीज कम कीमत या मुफ्त में मिलते हैं, तो उनकी फसल की पैदावार बढ़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। राजस्थान सरकार की यह पहल किसानों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी, बल्कि राज्य में मक्का और बाजरा जैसी फसलों के उत्पादन में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।