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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > एनर्जी > सरकार का बड़ा फैसला: petrol-diesel पर टैक्स में की भारी कटौती, तेल कंपनियों को मिली राहत
एनर्जी

सरकार का बड़ा फैसला: petrol-diesel पर टैक्स में की भारी कटौती, तेल कंपनियों को मिली राहत

Last updated: 27/03/2026 12:44 PM
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Industrial Empire
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भारत में पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती, सरकार का बड़ा फैसला
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बीच भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। आम लोगों और तेल कंपनियों को राहत देने के लिए petrol-diesel डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती की गई है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं और इसका दबाव भारतीय बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

Petrol पर एक्साइज 13 से घटकर 3 रुपये
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर सिर्फ 3 रुपये कर दिया गया है। यानी सीधे 10 रुपये की बड़ी राहत दी गई है। वहीं डीजल पर सरकार ने और भी बड़ा कदम उठाते हुए एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह खत्म कर दिया है, जिससे यह शून्य पर आ गई है। यह फैसला 26 मार्च से ही लागू कर दिया गया है। इस फैसले का सीधा मकसद तेल विपणन कंपनियों को राहत देना है, जो लगातार बढ़ती लागत के दबाव में काम कर रही थीं।

तेल कंपनियों पर क्यों बढ़ा दबाव?
भारत की प्रमुख तेल कंपनियां – HPCL, BPCL और IOC इन दिनों भारी दबाव का सामना कर रही हैं। इसकी मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से तेल की कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक उछाल आ चुका है। इसके बावजूद देश में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में अब तक कोई खास बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में तेल कंपनियां बढ़ती लागत को खुद ही वहन कर रही थीं, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ रहा था।

ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के करीब
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। हाल ही में यह 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया था, हालांकि शुक्रवार को इसमें हल्की गिरावट देखी गई और यह करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखा। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लंबा खिंच सकता है, जिससे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा मार्ग है, वहां किसी भी तरह की रुकावट से कीमतों में और तेजी आ सकती है।

आम जनता को क्या मिलेगा फायदा?
सरकार के इस फैसले से सीधे तौर पर आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तुरंत कितनी कमी आएगी, यह तेल कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगा। लेकिन इतना तय है कि टैक्स में कटौती से कंपनियों को कुछ राहत मिलेगी, जिससे वे कीमतों को स्थिर रखने या घटाने की दिशा में कदम उठा सकती हैं।

तेल बाजार में अस्थिरता
वर्तमान स्थिति को देखते हुए आने वाले समय में तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। अगर पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हुआ, तो कच्चे तेल की कीमतें फिर बढ़ सकती हैं। ऐसे में सरकार को आगे भी इस तरह के कदम उठाने पड़ सकते हैं। पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती सरकार का एक बड़ा और समय पर लिया गया फैसला है, जिसका उद्देश्य अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को कम करना और आम जनता को राहत देना है। अब नजर इस बात पर होगी कि वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं और उनका असर घरेलू बाजार पर कितना पड़ता है।

TAGGED:excise duty petrol dieselfuel priceIndustrial EmpirePetrol Diesel Pricepetrol diesel tax cutpetrol-diesel
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