उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए वैश्विक बाजार में नई पहचान बनाई है। लंदन के एक्ससेल एग्ज़िबिशन सेंटर में 30 मार्च से 1 अप्रैल तक आयोजित इंटरनेशनल फूड एंड ड्रिंक इवेंट (IFE) 2026 में यूपी की बासमती चावल की प्रीमियम किस्मों ने विदेशी खरीदारों का खास ध्यान आकर्षित किया। यह आयोजन दुनिया के प्रमुख फूड ट्रेड प्लेटफॉर्म्स में गिना जाता है, जहां वैश्विक स्तर के आयातक, रिटेलर और डिस्ट्रीब्यूटर नए उत्पादों की तलाश में पहुंचते हैं।
इस बार उत्तर प्रदेश की भागीदारी खास रही, जहां बरेली स्थित गाडसन ऑर्गेनिक फार्म द्वारा प्रस्तुत ‘झुमका बासमती’, ‘हंसराज बासमती’ और ‘तिलक चंदन’ जैसी सुगंधित और पारंपरिक किस्मों ने अपनी गुणवत्ता और खुशबू से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गहरी छाप छोड़ी। खासतौर पर ‘झुमका बासमती’ की अनूठी सुगंध और दाने की गुणवत्ता ने यूरोप और अमेरिका के खरीदारों को आकर्षित किया, जिससे इस किस्म के लिए नए निर्यात अवसर तेजी से उभरते नजर आ रहे हैं।
यूके, फ्रांस, पोलैंड, चीन और अमेरिका के प्रमुख व्यापारियों और आयातकों ने इन उत्पादों में गंभीर रुचि दिखाई। कई कंपनियों ने प्रारंभिक स्तर पर व्यापारिक बातचीत भी शुरू की है, जो आने वाले समय में बड़े निर्यात समझौतों का रूप ले सकती है। ‘फार्च्यून राइस’ जैसे ब्रांड्स को भी यूरोपीय बाजार से सकारात्मक व्यावसायिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो इस बात का संकेत है कि यूपी का बासमती अब ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी मजबूत जगह बना रहा है।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग के सचिव और मंडी निदेशक इंद्र विक्रम सिंह के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हिस्सा लिया। इस टीम में प्रमुख निर्यातक और अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न देशों के आयातकों के साथ रणनीतिक बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य न केवल उत्पादों का प्रदर्शन करना था, बल्कि उत्तर प्रदेश की कृषि निर्यात क्षमता, गुणवत्ता मानकों और सप्लाई चेन की मजबूती को भी वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना था।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में भागीदारी से राज्य के किसानों और उत्पादकों को सीधे लाभ मिलेगा। निर्यात बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय ब्रांड्स को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी। राज्य सरकार की नई निर्यात नीति के तहत विशेष रूप से बासमती और जैविक उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि विदेशी खरीदारों ने उत्तर प्रदेश के ऑर्गेनिक फार्मिंग मॉडल में विशेष रुचि दिखाई। वैश्विक बाजार में सस्टेनेबल और केमिकल-फ्री उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यूपी की यह रणनीति भविष्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ‘झुमका’ और ‘तिलक चंदन’ जैसी किस्मों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग इसी तरह जारी रही, तो उत्तर प्रदेश जल्द ही भारत के बासमती निर्यात में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
लंदन में आयोजित इस आयोजन ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश का कृषि क्षेत्र अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वैश्विक व्यापार में भी तेजी से अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।