The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Wednesday, Feb 4, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > अन्य > विज्ञान और सतत विकास का संगम: CSIR-IITR में ‘अर्थ 2025’ का भव्य उद्घाटन
अन्य

विज्ञान और सतत विकास का संगम: CSIR-IITR में ‘अर्थ 2025’ का भव्य उद्घाटन

Last updated: 13/11/2025 5:46 PM
By
Industrial empire correspondent
Share
CSIR–IITR Lucknow में अर्थ 2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन समारोह
सीएसआईआर–आईआईटीआर, लखनऊ में ‘अर्थ 2025’ सम्मेलन के उद्घाटन के दौरान मुख्य अतिथि और वैज्ञानिकगण।
SHARE

लखनऊ स्थित CSIR–भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (IITR ) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘अर्थ 2025’ (Emerging Approaches in Risk Analysis and Translational Aspects of Health and Environment) का शुभारंभ एक भव्य समारोह के साथ हुआ। यह सम्मेलन विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच संतुलन साधने वाले सतत विकास के विचार को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।

वैज्ञानिक प्रदर्शनी और ‘अस्त्र फेलोशिप’ की घोषणा
कार्यक्रम की शुरुआत वैज्ञानिक प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जहां विषविज्ञान और विश्लेषणात्मक अनुसंधान में हुई नवीन प्रगतियों को प्रदर्शित किया गया। स्वागत भाषण में डॉ. रवि राम कृष्टिपटी, सचिव, अस्त्र ने ‘अस्त्र फेलोशिप’ की घोषणा की। इसके बाद डॉ. भास्कर नारायण, निदेशक, सीएसआईआर–आईआईटीआर एवं अध्यक्ष, अस्त्र ने फेलोशिप प्रदान की और अस्त्र लोकल चैप्टर का शुभारंभ भी किया।

यह प्रतिष्ठित फेलोशिप विज्ञान और अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए निम्नलिखित हस्तियों को दी गई:
– डॉ. मिरो स्म्रिगा, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर, अजिनोमोटो कंपनी, जापान
– डॉ. कट्टेश वी. कट्टी, डायरेक्टर, इंस्टिट्यूट ऑफ ग्रीन नैनोटेक्नोलॉजी, यूनिवर्सिटी ऑफ मिसौरी, यूएसए
– एन. वेंकटेश्वरन, सीईओ, एनएबीसीबी, भारत

नवाचार और सहयोग की दिशा में एमओयू हस्ताक्षर
कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर–आईआईटीआर और वॉटर्स इंडिया के बीच एक सहमति ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता पर्यावरणीय विषविज्ञान में नवाचार और विश्लेषणात्मक अनुसंधान को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। वॉटर्स इंडिया के उपाध्यक्ष टी. अनिल कुमार ने पोस्टर सत्र का वर्चुअल उद्घाटन करते हुए कहा कि उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग ही सतत भविष्य की कुंजी है। उन्होंने बताया कि वॉटर्स आधुनिक विश्लेषणात्मक तकनीकों के माध्यम से मानव और पर्यावरणीय स्वास्थ्य के लिए व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए प्रतिबद्ध है।

सम्मेलन पुस्तिका और ‘अर्थ 2025’ सार पुस्तिका का विमोचन
एन. वेंकटेश्वरन, सीईओ, एनएबीसीबी ने ‘अर्थ 2025’ कार्यक्रम विवरणिका का विमोचन किया। उन्होंने पर्यावरणीय गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने और जोखिम मूल्यांकन ढाँचों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सीएसआईआर–आईआईटीआर के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान भारत के विषविज्ञान अनुसंधान परिदृश्य को नई दिशा दे रहा है।

इसके बाद डॉ. सी. आनंदरामकृष्णन, निदेशक, सीएसआईआर–एनआईआईएसटी, तिरुवनंतपुरम ने ‘अर्थ 2025 सार पुस्तिका’ और ‘2026 प्लानर’ का विमोचन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि जटिल पर्यावरणीय और स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए डेटा विज्ञान, जैवप्रौद्योगिकी और विषविज्ञान का एकीकरण बेहद आवश्यक है।

मुख्य अतिथि का प्रेरक संबोधन
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन डॉ. संजय कुमार, अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड (ASRB), नई दिल्ली ने किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन, मानव गतिविधियों और रासायनिक प्रदूषण के बढ़ते प्रभावों पर चिंता जताई और कहा कि विषविज्ञान अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं रह सकता — इसे नीति निर्माण और समाजिक जागरूकता से जोड़ने की आवश्यकता है।

अपने संबोधन में उन्होंने उभरते जल प्रदूषक, एआई-संचालित विषविज्ञान, वायु प्रदूषण, कृषि अवशेष और महिलाओं व बच्चों पर असमान प्रभाव जैसे गंभीर विषयों पर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने रियल-टाइम बायोमॉनिटरिंग, एआई एनालिटिक्स और आधुनिक उपकरणों के प्रयोग की जरूरत पर बल दिया, ताकि समाज और नीति के बीच अनुसंधान की सेतु बनाई जा सके।

बहु-क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता
डॉ. भास्कर नारायण ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि “अर्थ 2025” सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि एक ऐसा मंच है जहां वैज्ञानिक नवाचार, तकनीक और नीति निर्माण एक साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियाँ तभी सुलझाई जा सकती हैं जब उद्योग, सरकार और विज्ञान साथ मिलकर काम करें।

संस्कृति और विज्ञान का संगम
कार्यक्रम के अंत में डॉ. क़ौसर महमूद अंसारी, संयोजक, अर्थ 2025 ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उद्घाटन समारोह के बाद मुद्राकृति ने पुनराकृति परफॉर्मिंग आर्ट्स के सहयोग से प्रस्तुत किया गया सांस्कृतिक कार्यक्रम दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया।

अर्थ 2025: सतत भविष्य की दिशा में एक कदम
विविध प्रतिभागियों, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अंतर्विषयी चर्चाओं से भरे इस सम्मेलन ने न केवल विज्ञान और अनुसंधान के नए रास्ते खोले, बल्कि सतत और स्वस्थ भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प का भी संदेश दिया। “अर्थ 2025” ने यह साबित किया कि जब विज्ञान, नीति और समाज एक दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो विकास सच में सतत बनता है।

TAGGED:CSIR–IITREarth 2025Green TechnologyIndian ScienceIndustrial EmpireLUCKNOW NEWS
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article Donald Trump speaking about H-1B visa policy shift and America’s need for skilled workers Trump का यू-टर्न: “अमेरिका को चाहिए टैलेंटेड लोग”, H-1B वीजा का किया बचाव
Next Article Adani Group BESS Project Khavda – 1126 MW Battery Energy Storage System in Gujarat Adani Group का बैटरी एनर्जी स्टोरेज पर बड़ा दांव, 1126 मेगावाट BESS परियोजना से भारत बनेगा वैश्विक लीडर
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

अन्य

अमेरिका-वियतनाम डील का भारत पर असर: फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर मंडराया खतरा!

By
Industrial Empire
Stock Market
अन्य

शेयर बाजार में हलचल, भारत-पाक विवाद और तिमाही नतीजों की भूमिका

By
Industrial Empire
अन्य

गोरखपुर-लिंक-एक्सप्रेसवे का हुआ उद्घाटन, विकास की रफ़्तार होगी तेज

By
Industrial Empire
एग्रीकल्चर

थोक महंगाई जून में निगेटिव: सब्ज़ी, प्याज़, आलू के दाम गिरे, किसानों के लिए चेतावनी का संकेत!

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?