ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ गांवों की बुनियादी जरूरतों को मजबूत करने के लिए सरकार ने कामों का दायरा काफी बढ़ा दिया है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने VB–G RAM G Act, 2025 के तहत 375 प्रकार के कार्यों की नई सूची जारी की है। पहले इस व्यवस्था में 266 तरह के काम शामिल थे। नई सूची में पानी, ग्रामीण ढांचे, आजीविका और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्रमुखता दी गई है।
सरकार का उद्देश्य केवल ग्रामीण परिवारों को मजदूरी का अवसर देना नहीं है, बल्कि ऐसे स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना भी है जिनका इस्तेमाल गांव लंबे समय तक कर सकें।
पानी से जुड़े कामों को सबसे ज्यादा प्राथमिकता
नई सूची में 128 कार्य जल संरक्षण और जल प्रबंधन से संबंधित हैं। इनमें जलाशयों और छोटे बांधों का निर्माण, नदियों-नालों का पुनरुद्धार और भूजल स्तर सुधारने वाले ढांचे शामिल हैं।
खेतों तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने के लिए नालियों की मरम्मत, ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम तथा वर्षा जल संचयन जैसे काम भी कराए जा सकेंगे। कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में बर्फ से जुड़े जल संरक्षण उपायों को भी सूची में शामिल किया गया है।
गांवों में बनेंगी जरूरी सुविधाएं
ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 111 प्रकार के काम निर्धारित किए गए हैं। इनके तहत सोलर स्ट्रीट लाइट, ग्रामीण पुस्तकालय, पशु चिकित्सा केंद्र, स्वास्थ्य सुविधाएं और कॉमन सर्विस सेंटर जैसी परिसंपत्तियां विकसित की जा सकती हैं।
स्कूलों में अतिरिक्त कमरों और प्रयोगशालाओं का निर्माण भी इस दायरे में आएगा। इसके अलावा जलापूर्ति व्यवस्था के रखरखाव, कचरा प्रबंधन, रीसाइक्लिंग और इस्तेमाल किए गए पानी के उपचार से जुड़े काम भी किए जा सकेंगे।
रोजगार के साथ ग्रामीण कारोबार पर फोकस
नई व्यवस्था में ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने वाले 98 कार्यों को शामिल किया गया है। यह बदलाव गांवों में कृषि आधारित कारोबार और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कृषि उपज की सफाई, ग्रेडिंग और पैकेजिंग, कोल्ड स्टोरेज, छोटी मिल, मंडी से जुड़े ढांचे और डेयरी सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। इसके साथ मशरूम, मछली पालन, रेशम उत्पादन और पॉलीहाउस जैसी गतिविधियों के लिए भी आधारभूत ढांचा तैयार किया जा सकता है।
महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए कार्यस्थल, SHE Marts और प्रशिक्षण केंद्र भी इस सूची में शामिल हैं।
आपदा से निपटने के लिए अलग श्रेणी
पहली बार आपदा प्रबंधन और तैयारी को अलग श्रेणी में रखा गया है। इसके तहत 38 तरह के काम किए जा सकते हैं। बाढ़ राहत केंद्र, तटबंधों को मजबूत करना, भूस्खलन रोकने वाली संरचनाएं और आपदा के बाद ग्रामीण सड़कों व सार्वजनिक सुविधाओं की मरम्मत जैसे कार्य इसमें शामिल हैं।
महिलाओं, युवाओं और कमजोर परिवारों पर जोर
नई सूची में खेती से जुड़े 181 कार्य हैं। कमजोर और अंत्योदय परिवारों के लिए भी कई व्यक्तिगत लाभ वाले काम निर्धारित किए गए हैं। इनमें आवास, स्वच्छता, सिंचाई, ऊर्जा और पशु आश्रय जैसी जरूरतों को शामिल किया गया है। महिलाओं और ग्रामीण युवाओं से जुड़े कार्यों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
ग्राम सभा तय करेगी प्राथमिकता
गांव में किस काम की सबसे ज्यादा जरूरत है, इसका फैसला स्थानीय स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना के जरिए किया जाएगा। ग्राम सभा की मंजूरी के बाद काम आगे बढ़ेंगे। डिजिटल माध्यम से इन परियोजनाओं की निगरानी की व्यवस्था भी की जाएगी।
नई सूची से उम्मीद है कि ग्रामीण रोजगार को स्थानीय विकास से जोड़ने में मदद मिलेगी। यदि योजनाओं का सही क्रियान्वयन होता है, तो इससे पानी, खेती, बुनियादी सुविधाओं और ग्रामीण आजीविका को एक साथ मजबूती मिल सकती है।