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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > अन्य > वाणिज्य मंत्रालय ने जारी किया नया होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) डेटा
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वाणिज्य मंत्रालय ने जारी किया नया होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) डेटा

Last updated: 14/11/2025 5:32 PM
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Industrial empire correspondent
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October 2025 WPI inflation data chart showing decline in wholesale prices and trends across primary articles, fuel, power and manufactured goods
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वाणिज्य मंत्रालय ने अक्टूबर 2025 का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) जारी कर दिया है। आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2024 की तुलना में इस साल अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित मुद्रास्फीति की दर –1.21 फीसदी दर्ज की गई है। यह लगातार दूसरा महीना है जब थोक स्तर पर कीमतों में गिरावट देखने को मिली है।

मंत्रालय के अनुसार, इस नकारात्मक मुद्रास्फीति का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं, कच्चे पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, बिजली, खनिज तेल और मूल धातुओं की कीमतों में आई कमी है। इससे थोक स्तर पर कुल कीमतों का दबाव काफी हद तक कम हुआ है।

प्राथमिक वस्तुओं में हल्की गिरावट (भार : 22.62%)
प्राथमिक वस्तुओं के समूह का सूचकांक सितंबर 2025 के 189.0 से घटकर अक्टूबर में 188.2 हो गया। यानी कुल मिलाकर 0.42 फीसदी की कमी दर्ज की गई। कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में सबसे ज्यादा –3.13 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई। गैर-खाद्य वस्तुओं के दाम भी –1.73 प्रतिशत नीचे आए हैं। खनिजों की कीमतों में इस बार तेज़ी देखने को मिली और ये 1.72 फीसदी तक बढ़ गईं। वहीं खाद्य वस्तुओं की कीमतें इस महीने लगभग स्थिर रहीं, न बढ़ीं न घटीं। प्राथमिक वस्तुओं के इस हल्के उतार-चढ़ाव से कुल WPI पर भी असर पड़ा, खासकर ईंधन और धातु आधारित सेक्टर्स में।

ईंधन और बिजली के दाम बढ़े (भार : 13.15%)
थोक मूल्य सूचकांक के ईंधन और बिजली समूह में इस महीने वृद्धि दर्ज हुई है। यह सूचकांक सितंबर के 143.4 से बढ़कर अक्टूबर में 145.0 पहुंच गया, यानी 1.12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी। बिजली की कीमतों में 2.89 फीसदी और खनिज तेलों की कीमतें भी 0.67 फीसदी तक बढ़ी है। वहीं कोयला इस बार स्थिर रहा और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं दिखा। ईंधन एवं बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी भविष्य में परिवहन और उत्पादन लागत पर भी असर डाल सकती है।

निर्मित उत्पादों में मामूली गिरावट (भार : 64.23%)
देश के उद्योगों और फैक्ट्रियों में बनने वाले निर्मित उत्पादों का सूचकांक सितंबर के 145.2 से थोड़ा कम होकर अक्टूबर में 145.1 पर पहुंच गया, यानी इसमें 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कुल 22 NIC श्रेणियों में से 7 समूहों में कीमतों में कमी आई, जबकि 11 समूहों में दाम बढ़े और 4 समूह ऐसे रहे जिनमें कोई बदलाव नहीं हुआ। जिन उत्पाद समूहों में सबसे अधिक गिरावट देखी गई, उनमें गैर-धात्विक खनिज उत्पाद, मूल धातुएं, रसायन और रासायनिक उत्पाद, मोटर वाहन, ट्रेलर और अर्ध-ट्रेलर, तथा रिकॉर्डेड मीडिया की प्रिंटिंग और पुनरुत्पादन जैसे क्षेत्र शामिल रहे। यह स्थिति दर्शाती है कि विनिर्माण क्षेत्र में इस समय मिश्रित रुझान देखने को मिल रहा है।

जिन वस्तुओं की कीमतें बढ़ीं, वे हैं – जिन वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, उनमें वस्त्र निर्माण, खाद्य उत्पाद, और कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक व ऑप्टिकल उत्पाद शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दाम बढ़ने से साफ झलकता है कि उद्योग जगत इस समय मिश्रित आर्थिक स्थिति से गुजर रहा है—जहाँ कुछ सेक्टर दबाव में हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में मांग और लागत दोनों में वृद्धि देखी जा रही है। यह उतार-चढ़ाव वर्तमान इंडस्ट्रियल माहौल की वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करता है।

WPI खाद्य सूचकांक स्थिर (भार : 24.38%)
खाद्य वस्तुओं और खाद्य उत्पादों से मिलकर बना WPI खाद्य सूचकांक सितंबर से अक्टूबर 2025 तक 192.0 पर स्थिर रहा। हालांकि, वर्ष-दर-वर्ष आधार पर खाद्य मुद्रास्फीति का आंकड़ा –1.99% से घटकर –5.04% पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि पिछले साल की तुलना में इस बार खाद्य वस्तुओं के दाम अभी भी काफी कम हैं।

अगस्त 2025 के संशोधित आंकड़े भी हुए जारी
वाणिज्य मंत्रालय ने अगस्त 2025 के अंतिम WPI आंकड़े भी जारी किए हैं। इस महीने के लिए “सभी वस्तुओं” का सूचकांक 155.2 और मुद्रास्फीति दर 0.52% रही। मंत्रालय ने बताया कि विभिन्न वस्तु समूहों के थोक मूल्य सूचकांक तथा पिछले छह महीनों की मुद्रास्फीति दरों का विस्तृत डेटा रिपोर्ट के अनुबंध में उपलब्ध है।

TAGGED:Industrial EmpireInflation ReportPrice Index IndiaWholesale Price IndexWPIWPI October 2025 Data
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