The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Tuesday, Mar 31, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > बिजनेस आईडिया > कचरे से करोड़ों का कारोबार: प्लास्टिक वेस्ट से बनने वाली ‘फ्लामेंट’ यूनिट की कहानी
बिजनेस आईडिया

कचरे से करोड़ों का कारोबार: प्लास्टिक वेस्ट से बनने वाली ‘फ्लामेंट’ यूनिट की कहानी

Last updated: 27/07/2025 1:32 PM
By
Industrial empire correspondent
Share
प्लास्टिक वेस्ट से बनने वाली ‘फ्लामेंट’ यूनिट -(इमेज प्रतीकात्मक)
SHARE

“जो बोतल आप फेंक देते हैं, वो किसी के लिए बिज़नेस बन जाती है…” हर दिन भारत में लाखों प्लास्टिक की बोतलें और कैप नालियों में बह जाते हैं। अक्सर इन्हें हम ‘कचरा’ मानकर नजरअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यही बेकार प्लास्टिक किसी की कमाई का साधन बन सकता है? यूपी के दो युवाओं ने मिलकर ऐसा ही कर दिखाया है – प्लास्टिक वेस्ट को रिसाइकल कर एक ऐसी यूनिट तैयार की गई है, जो रोजाना 150–200 किलो तक Polypropylene (PP) Flament तैयार कर रही है। यह फ्लामेंट अब ब्रश, मॉप, 3D प्रिंटिंग और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इस्तेमाल हो रहा है।

आइडिया जो नाली के किनारे से निकला…
इस यूनिट के सह-संस्थापक अजेन्द्र चौहान बताते हैं कि एक दिन उन्होंने कुछ बच्चों को नाली में प्लास्टिक की बोतलें फेंकते देखा। वहीं से उन्हें ख्याल आया कि अगर इस वेस्ट को प्रोसेस किया जाए, तो एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट बनाई जा सकती है। “मैंने इंटरनेट पर रिसर्च किया, वीडियो देखे, मशीनों के दाम पता किए।
₹700 की पहली बिक्री से शुरू किया था… आज लाखों में कारोबार है” – अजेन्द्र चौहान, संस्थापक।

देश की इकोनॉमी में योगदान भी दे रहे हैं…
दूसरे साझेदार भरत भाई बताते हैं कि शुरू में उन्हें भी संदेह था, लेकिन आज उनकी यूनिट कई मज़दूरों को रोज़गार भी दे रही है। “हम कचरे को संसाधन में बदल रहे हैं। जो बोतलें पहले जलाकर खत्म की जाती थीं, वो अब री-यूज़ होकर देश की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बन रही हैं” – भरत भाई, निदेशक।

कैसे बनता है ‘PP Flament’?

  1. कलेक्शन – बाजार और कबाड़ी से वेस्ट प्लास्टिक बोतलें खरीदी जाती हैं
  2. सेग्रीगेशन – सिर्फ PP प्लास्टिक को छांटा जाता है
  3. श्रेडिंग – मशीन से छोटे टुकड़ों में काटा जाता है
  4. वॉशिंग और ड्राइंग – गंदगी हटाने के बाद सुखाया जाता है
  5. मोल्टिंग और एक्सट्रूज़न – हाई टेम्प्रेचर में पिघलाकर पतला धागा निकाला जाता है
  6. रीलिंग और पैकेजिंग – धागे को रील में लपेटकर सप्लाई किया जाता है।

कितनी लागत? कितना मुनाफा?

खर्च/आय का प्रकारअनुमानित लागत / आय
मशीनरी (कटर, ड्रायर, एक्सट्रूडर)₹3 – ₹4 लाख (एक बार का निवेश)
स्पेस किराया₹10,000 – ₹20,000 /माह
मज़दूरी + बिजली + मेंटेनेंस₹20,000 – ₹30,000 /माह
वेस्ट प्लास्टिक की खरीद₹10 – ₹15 / किलो
बिक्री मूल्य₹120 – ₹180 / किलो
डेली प्रोडक्शन150 – 200 किलो / दिन
अनुमानित मासिक रेवेन्यू₹1.5 – ₹3 लाख / माह

यानी 6–7 लाख के निवेश पर, एक साल में ब्रेक ईवन संभव है।

सर्कुलर इकोनॉमी की मिसाल
जहां सरकार ‘स्वच्छ भारत’, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ की बात करती है, वहीं ज़मीन पर इस तरह की यूनिट्स उस सोच को साकार कर रही हैं। यह न सिर्फ कचरा प्रबंधन का समाधान है, बल्कि ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए एक सशक्त उद्यम का अवसर भी।

TAGGED:Business ideaFeaturedFlamentBusinessIndianEntrepreneursindusrtyIndustrial EmpireMake in IndiaPlasticRecyclingStartupIndiaSwachhBharatVocalForLocalWasteToWealth
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article रेलवे ने उठाया बड़ा कदम, 2.5 करोड़ IRCTC आईडी की गई बंद
Next Article आयकर विभाग का नया डिजिटल हथियार! टैक्सपेयर्स की बढ़ेंगी मुश्किलें
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

अन्य

संघर्ष विराम का असर: रुपये ने दर्ज की एक महीने की सबसे बड़ी छलांग

By
Industrial Empire
India becomes global leader in Fox Nut production with 80 percent share
एग्रीकल्चर

Fox Nut: इस सुपरफूड पर भारत का दबदबा, 80% वैश्विक उत्पादन के साथ बना दुनिया का लीडर

By
Shashank Pathak
केंद्रीय कैबिनेट का फैसला, SIDBI को ₹5,000 करोड़ की इक्विटी सहायता, MSME सेक्टर को सस्ता कर्ज
ट्रेंडिंग खबरें

Cabinet Decision: SIDBI को ₹5,000 करोड़ की पूंजी, MSME सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

By
Industrial Empire
भारत से बातचीत की मांग करता आर्थिक संकट में घिरा पाकिस्तान।
अन्य

दाना-पानी बंद होते ही पाकिस्तान की हालत हुई खराब, भारत से बातचीत की गुहार

By
Nisha Mandal
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • बाज़ार
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • फर्श से अर्श तक
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?