भारत में कारोबार विस्तार के अपने सपने को साकार करने की कोशिश कर रही Apple को एक बड़ा झटका लगा है। iPhone के सबसे बड़े विनिर्माता फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप ने भारत में कार्यरत अपने चीनी इंजीनियरों को अचानक स्वदेश लौटने का निर्देश दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब Apple आगामी iPhone 17 सीरीज को सितंबर के मध्य में बाजार में उतारने की तैयारी में है। इस फैसले से न सिर्फ Apple की प्रोडक्शन टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है बल्कि भारत में तकनीक ट्रांसफर की प्रक्रिया भी बाधित हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार, यह कदम संभवतः चीन सरकार के दबाव में उठाया गया है। चीन पहले से ही भारत में iPhone निर्माण के लिए आवश्यक उन्नत मशीनों के निर्यात को मंजूरी देने में हिचकिचा रहा था। अब चीनी इंजीनियरों की वापसी से भारत में चल रही प्रशिक्षण प्रक्रिया और उत्पादन तैयारी पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इस फैसले से न सिर्फ iPhone 17 की असेंबली प्रक्रिया में देरी हो सकती है बल्कि Apple के भारत में निर्माण लागत भी बढ़ सकती है।
फॉक्सकॉन की योजना 15 जुलाई तक भारत में करीब एक हजार नए कर्मचारियों की भर्ती की थी, जिससे कंपनी की कुल कर्मचारी संख्या 40 हजार के पार पहुंचने की उम्मीद थी। मगर अब सूत्रों का कहना है कि चीन से तकनीकी सहयोग में आई इस रुकावट के कारण फॉक्सकॉन वियतनाम से इंजीनियर बुलाने पर विचार कर रही है। इससे एक ओर जहां चीन की तकनीकी निर्भरता घटेगी, वहीं भारत को स्थानीय प्रशिक्षण और तकनीक आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी लानी होगी।
चीन सरकार की इस ‘संरक्षणवादी सोच’ के पीछे भारत में तकनीक हस्तांतरण को रोकने की रणनीति देखी जा रही है। वहां की सरकार चाहती है कि Apple जैसी बड़ी कंपनियां तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले संसाधनों के लिए अब भी चीन पर निर्भर रहें। वहीं दूसरी ओर भारत सरकार इस बदलाव को उतनी बड़ी समस्या नहीं मान रही। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भारत के पास पहले से ही प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की पर्याप्त संख्या है। उन्होंने कहा, “फॉक्सकॉन अक्सर चीन और ताइवान से इंजीनियर बुलाती है, यह नई बात नहीं है। ज्यादा से ज्यादा एक महीने का असर पड़ सकता है। लेकिन दीर्घकालिक योजना पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।”
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट ने भी इस खबर की पुष्टि की है कि फॉक्सकॉन भारत में सैकड़ों चीनी इंजीनियरों को वापस भेज रही है। दिलचस्प रूप से, Apple के सीईओ टिम कुक खुद चीन के इंजीनियरों की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि चीन की सस्ती श्रम शक्ति के साथ-साथ वहां के तकनीकी कुशलता की वजह से Apple ने अपने अधिकांश संयंत्र वहीं स्थापित किए थे।
Apple की योजना 2025 में iPhone 17, iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max और iPhone 17 Air जैसे चार नए मॉडल लॉन्च करने की है। कंपनी चाहती है कि 2026 तक भारत से लगभग 40 अरब डॉलर मूल्य के iPhones का निर्माण और निर्यात हो। अब देखना होगा कि Apple और फॉक्सकॉन इस चुनौती से कैसे निपटते हैं और भारत में निर्माण को स्थिरता कैसे प्रदान करते हैं।