Gold-silver update: देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट देखने को मिल रही है। मजबूत डॉलर, वैश्विक मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कीमती धातुओं के बाजार में दबाव बना हुआ है।
घरेलू बाजार में जहां सोने के भाव नीचे आए हैं, वहीं चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों और कारोबारियों के लिए यह स्थिति बाजार की दिशा को लेकर नई चिंता पैदा कर रही है।
दिल्ली और मुंबई में सोना हुआ सस्ता
16 मार्च की सुबह देश के प्रमुख सराफा बाजारों में सोने की कीमतों में गिरावट का रुख जारी रहा। नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना गिरकर करीब 1,59,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि मुंबई में इसकी कीमत लगभग 1,59,650 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। पिछले एक सप्ताह में 24 कैरेट सोना करीब 2,990 रुपये सस्ता हो चुका है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत में भी करीब 3,650 रुपये की गिरावट आई है।
इससे पहले 13 मार्च को दिल्ली के सराफा बाजार में सोने का भाव 2,000 रुपये या करीब 1.21 प्रतिशत गिरकर 1,65,200 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया था। कीमतों में यह गिरावट संकेत देती है कि फिलहाल बाजार में निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है और वे वैश्विक आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।
MCX पर सोने के वायदा भाव भी फिसले
घरेलू वायदा बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखी गई। Multi Commodity Exchange of India यानी MCX पर सोने का बेंचमार्क अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 1,119 रुपये की गिरावट के साथ 1,57,347 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। पिछला बंद भाव 1,58,466 रुपये था। खबर लिखे जाने तक यह कॉन्ट्रैक्ट लगभग 1,626 रुपये की गिरावट के साथ 1,56,840 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा था।
कारोबार के दौरान इसने 1,57,347 रुपये का उच्चतम और 1,56,829 रुपये का निचला स्तर छुआ। दिलचस्प बात यह है कि इसी साल सोने के वायदा भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुके हैं। इसके बाद अब बाजार में मुनाफावसूली और वैश्विक कारकों के कारण कीमतों में दबाव देखने को मिल रहा है।
चांदी की चमक भी पड़ी फीकी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी कमजोरी बनी हुई है। MCX पर चांदी का बेंचमार्क मई कॉन्ट्रैक्ट 4,334 रुपये की गिरावट के साथ 2,55,101 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर खुला। इससे पहले इसका क्लोजिंग प्राइस 2,59,435 रुपये था। खबर लिखे जाने के समय चांदी लगभग 3,735 रुपये की गिरावट के साथ 2,55,700 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही थी।
कारोबार के दौरान इसने 2,55,701 रुपये का उच्चतम और 2,55,101 रुपये का निचला स्तर छुआ। इस साल चांदी के वायदा भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंच चुके हैं। इसके बावजूद हालिया दिनों में बाजार में सुस्ती देखने को मिल रही है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी
वैश्विक बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का रुख बना हुआ है। COMEX पर सोना लगभग 5,010 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुला, जो पिछले बंद भाव 5,061.70 डॉलर से कम था। बाद में यह करीब 44.80 डॉलर की गिरावट के साथ 5,016.90 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।
इसी तरह चांदी के वायदा भाव भी नरम रहे। कॉमेक्स पर चांदी लगभग 80.29 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर खुली और बाद में गिरकर करीब 80.21 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इस साल चांदी ने 121.79 डॉलर प्रति औंस का उच्चतम स्तर भी छुआ था।
गिरावट के पीछे क्या हैं कारण
विशेषज्ञों के अनुसार सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण काम कर रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना माना जा रहा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने जैसी कीमती धातुओं में निवेश अपेक्षाकृत कम आकर्षक हो जाता है।
इसके अलावा वैश्विक मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता भी बाजार को प्रभावित कर रही है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। ऐसे में दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लंबे समय तक सख्त मौद्रिक नीति बनाए रख सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही वैश्विक आर्थिक घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने को देखते हैं, लेकिन जब डॉलर मजबूत होता है और ब्याज दरों में सख्ती की संभावना बढ़ती है तो कीमतों पर दबाव पड़ सकता है।
आने वाले समय में यदि वैश्विक तनाव और मौद्रिक नीति से जुड़े संकेत स्पष्ट होते हैं तो कीमती धातुओं के बाजार में फिर से तेजी या स्थिरता देखने को मिल सकती है। फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है और निवेशक सतर्क रणनीति के साथ आगे बढ़ रहे हैं।