The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Wednesday, Feb 4, 2026
Facebook X-twitter Youtube Linkedin
  • About Us
  • Contact Us
Subscribe
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Font ResizerAa
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & InnovationThe Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Search
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
    • रिन्यूएबल एनर्जी
    • नॉन रिन्यूएबल एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2026 The Industrial Empire. All Rights Reserved.
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > नॉन रिन्यूएबल एनर्जी > India Petroleum Exports: 2025 में भारत के पेट्रोलियम निर्यात ने रचा इतिहास
नॉन रिन्यूएबल एनर्जी

India Petroleum Exports: 2025 में भारत के पेट्रोलियम निर्यात ने रचा इतिहास

Last updated: 12/01/2026 3:02 PM
By
Industrial Empire
Share
India Petroleum Exports 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर, भारतीय रिफाइनरी और तेल टैंकर
SHARE

India Petroleum Exports: वैश्विक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंधों के दौर में भी भारत ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वर्ष 2025 में भारत का फ्यूल एक्सपोर्ट अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया, जिसने देश की रिफाइनिंग क्षमता को साबित किया और भारत को वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में भी स्थापित किया है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध और स्वेज नहर में रुकावटों जैसे हालात के बावजूद भारत का प्रदर्शन खासा प्रभावशाली रहा।

वैश्विक संकट के बीच कैसे बढ़ा निर्यात
दरअसल, युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन काफी बेहतर हुए। इसी का फायदा भारत को मिला। भारत की रिफाइनरियों ने कच्चे तेल को प्रोसेस कर उच्च गुणवत्ता वाले पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात किया, जिससे देश की कमाई में जबरदस्त इजाफा हुआ। आज पेट्रोलियम उत्पाद भारत के कुल निर्यात मूल्य का 10 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बन चुके हैं, जो इस सेक्टर की अहमियत को साफ तौर पर दिखाता है।

यह उपलब्धि ऐसे समय में हासिल हुई है, जब यूरोपीय यूनियन ने भारत की एक बड़ी निजी रिफाइनरी और रूसी कच्चे तेल से बने ईंधन की सप्लाई पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बावजूद भारत ने अपने लिए नए बाजार तलाशे और मौजूदा रिफाइनिंग क्षमता का बेहतर इस्तेमाल किया।

रिलायंस इंडस्ट्रीज बनी सबसे बड़ी ताकत
2025 में भारत के पेट्रोलियम निर्यात में सबसे बड़ा योगदान रिलायंस इंडस्ट्रीज का रहा। मैरीटाइम इंटेलिजेंस एजेंसी केपलर के आंकड़ों के अनुसार, इस साल भारत का फ्यूल निर्यात बढ़कर 12.8 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 4 फीसदी ज्यादा है। इसमें से अकेले रिलायंस ने 9.11 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात किया, जो भारत के कुल फ्यूल एक्सपोर्ट का लगभग 71 फीसदी है।

रिलायंस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह यूरोपीय यूनियन के नियमों का पालन कर रही है और उसकी जामनगर स्थित निर्यात-केंद्रित रिफाइनरी में रूसी कच्चे तेल का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।

सरकारी रिफाइनरी MRPL की बड़ी छलांग
इस साल एक अहम बदलाव यह भी रहा कि सरकारी कंपनी मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) भारत की दूसरी सबसे बड़ी फ्यूल निर्यातक बनकर उभरी। MRPL ने रूस की रोसनेफ्ट संचालित नायरा एनर्जी को पीछे छोड़ दिया। कंपनी ने करीब 1.21 लाख बैरल प्रतिदिन का निर्यात किया, जिससे भारत के कुल फ्यूल एक्सपोर्ट में उसकी हिस्सेदारी 9 फीसदी से ज्यादा हो गई।

नायरा एनर्जी को यूरोपीय प्रतिबंधों से झटका
यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों का सबसे ज्यादा असर नायरा एनर्जी पर पड़ा। 2025 में कंपनी का फ्यूल निर्यात पिछले साल की तुलना में लगभग 15 फीसदी घट गया। जुलाई में प्रतिबंध लागू होने के बाद नायरा को कई देशों से कच्चे तेल की सप्लाई बंद हो गई और यूरोप को निर्यात पर भी रोक लग गई।

इसके बाद इराक और सऊदी अरब जैसे देशों ने भी नायरा को तेल देना बंद कर दिया। अगस्त के बाद से नायरा पूरी तरह रूस से मिलने वाले कच्चे तेल पर निर्भर हो गई। नवंबर और दिसंबर में कंपनी ने बड़ी मात्रा में रूसी तेल आयात किया, लेकिन इसके बावजूद निर्यात में पहले जैसी रफ्तार नहीं लौट पाई।

नई रिफाइनरियों से और मजबूत होगा भारत
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत का पेट्रोलियम निर्यात और मजबूत हो सकता है। भारत की सफलता के पीछे रिफाइनरियों का अधिक इस्तेमाल, फ्लेक्सिबल टेक्नोलॉजी और एशिया व यूरोप में बेहतर बाजार अवसर हैं। राजस्थान में HPCL की नई रिफाइनरी, पानीपत रिफाइनरी का विस्तार और अन्य संयंत्रों में उत्पादन बढ़ने से निर्यात को और सहारा मिलेगा।

घरेलू मांग और निजी कंपनियों की भूमिका
भारत में सरकारी तेल कंपनियों की प्राथमिक जिम्मेदारी घरेलू मांग को पूरा करना है, जो करीब 55 लाख बैरल प्रतिदिन है। इसी वजह से निजी कंपनियों के पास निर्यात के लिए ज्यादा फ्यूल उपलब्ध रहता है। यह मॉडल भारत को घरेलू जरूरतों के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

यूरोप बना दूसरा सबसे बड़ा खरीदार
एशिया के बाद यूरोप भारत का दूसरा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद खरीदार बना रहा। भारत के कुल फ्यूल निर्यात में यूरोप की हिस्सेदारी करीब 21 फीसदी रही। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच भारत ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात से करीब 52 अरब डॉलर की कमाई की, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा 44.4 अरब डॉलर रहा।

आगे भी रहेगी स्थिरता
रेटिंग एजेंसी इक्रा का मानना है कि आने वाले समय में भारत का पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात स्थिर बना रह सकता है। हालांकि, मजबूत रिफाइनिंग क्षमता, नई परियोजनाएं और बदलते वैश्विक समीकरण भारत को लंबे समय तक ऊर्जा बाजार में एक अहम भागीदार बनाए रख सकते हैं।

TAGGED:crude oilIndia fuel exports 2025India Petroleum ExportsIndian Oil RefineriesIndustrial EmpireMRPLReliance Petroleum Export
Share This Article
Email Copy Link Print
Previous Article भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और नैनोमीटर चिप निर्माण का विकास 2032 तक 3-nanometer chip बनाएगा भारत, बनेगा सेमीकंडक्टर महाशक्ति: अश्विनी वैष्णव
Next Article PSLV-C62 मिशन में तकनीकी गड़बड़ी, ISRO के 16 सैटेलाइट अंतरिक्ष में फंसे PSLV मिशन में आई गड़बड़ी, अंतरिक्ष में फंसे 16 सैटेलाइट, ISRO को लगा झटका
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Might Also Like

SBI YONO 2.0 डिजिटल बैंकिंग ऐप लॉन्च, मोबाइल पर आसान बैंकिंग और KYC सुविधा
बैंकिंग

SBI का डिजिटल मास्टरस्ट्रोक: लॉन्च हुआ YONO 2.0, अब बैंकिंग होगी और भी आसान

By
Industrial Empire
अश्विनी वैष्णव एआई मॉडल के लिए भारतीय भाषा और संस्कृति को जरूरी बताते हुए भाषण देते हुए।
अन्य

भारतीय भाषा और संस्कृति पर आधारित हो एआई: अश्विनी वैष्णव

By
Nisha Mandal
Sleepwell ब्रांड की संस्थापक शीला गौतम और स्लीपवेल साम्राज्य की सफलता की कहानी
फर्श से अर्श तक

शीला गौतम और sleepwell का साम्राज्य

By
Industrial empire correspondent
अन्य

बदरीनाथ-केदारनाथ पूजा के लिए ऑनलाइन बुकिंग ऐसे करें-

By
Industrial Empire
अनलिमिटेड कहानियां-आर्टिकल पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें
The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation
Facebook X-twitter Youtube Linkedin

Quick links

  • About Us
  • Contact Us
Categories
  • होम
  • ट्रेंडिंग खबरें
  • फर्श से अर्श तक
  • बिजनेस आईडिया
  • ऑटो/टेक
  • बैंकिंग
  • आईटी
  • टेलिकॉम
  • एनर्जी
  • फूड प्रोसेसिंग
  • एग्रीकल्चर
  • फार्मा
  • अन्य

Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions

Copyright © 2025 The Industial Empire. All Rights Reserved.

Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?