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The Industrial Empire - उद्योग, व्यापार और नवाचार की दुनिया | The World of Industry, Business & Innovation > ट्रेंडिंग खबरें > भारत का सेमीकंडक्टर सपना: चिप की दौड़ में हम कहां खड़े हैं?
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भारत का सेमीकंडक्टर सपना: चिप की दौड़ में हम कहां खड़े हैं?

Last updated: 16/08/2025 1:41 PM
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Industrial empire correspondent
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India Semiconductor Mission – चिप इंडस्ट्री में भारत की चुनौती और मौका
India Semiconductor Mission
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सोचिए, अगर कल सुबह उठकर हमें पता चले कि हमारे फोन, लैपटॉप, कार, वॉशिंग मशीन सब बंद हो गए हैं… कारखानों में मशीनें थम गई हैं, इंटरनेट और कम्युनिकेशन ठप हो गया है तो? ये वही दुनिया होगी, जिसमें सेमीकंडक्टर चिप नहीं होंगी। ये नन्हीं-सी चिप हर उस इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जान है, जिसे हम रोज़ इस्तेमाल करते हैं स्मार्टफोन से लेकर रक्षा उपकरणों तक। दुनिया का कोई भी हाई-टेक उद्योग इससे अछूता नहीं है।

भारत की स्थिति
भारत के पास स्किल्ड मैनपावर और सरकारी नीतियों का सपोर्ट है। 15 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार ने 76 हजार करोड़ का सेमीकंडक्टर प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत को ग्लोबल हब बनाने का आह्वान किया। इसके बाद सितंबर 2022 में वेदांता–फॉक्सकॉन ने गुजरात में चिप और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का एलान किया। 19.5 बिलियन डॉलर के इस निवेश को भारत के अब तक के सबसे बड़े कॉर्पोरेट निवेश के रूप में पेश किया गया। लेकिन 10 जुलाई 2023 को फॉक्सकॉन ने अचानक इस जॉइंट वेंचर से हाथ खींच लिया। वजह—टेक्नोलॉजी पार्टनर की कमी, प्रोजेक्ट में देरी और वेदांता की वित्तीय चुनौतियां।

क्यों मुश्किल है यह रास्ता?
सेमीकंडक्टर फैब बनाना सिर्फ मशीन लगाना नहीं है ये 30-50 साल का निवेश, अरबों डॉलर, हज़ारों स्किल्ड इंजीनियर और बेमिसाल इन्फ्रास्ट्रक्चर मांगता है। विशेषज्ञ कहते हैं – पहले भारत को छोटे या “मैच्योर नोड” फैब (65nm, 45nm) में सफलता दिखानी होगी, तभी इंटेल और TSMC जैसे दिग्गज यहां बड़े स्तर पर आएंगे।

दुनिया में होड़

  • 2021 में ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट $600 बिलियन का था, 2030 तक यह $1 ट्रिलियन पहुंच सकता है।
  • अमेरिका ने $52 बिलियन का फंड जारी किया है।
  • साउथ कोरिया $230 बिलियन का मेगा चिप पार्क बना रहा है।
  • चीन अरबों डॉलर झोंक चुका है।
    भारत फिलहाल लगभग 0 फीसदी ग्लोबल शेयर पर है, लेकिन 2030-35 तक 1-2 प्रतिशत हिस्सेदारी भी बड़ी सफलता होगी।

नई उम्मीद
जुलाई 2023 में गांधीनगर में Semicon India 2023 सम्मेलन हुआ, जिसमें ग्लोबल इंडस्ट्री लीडर्स ने भाग लिया। इसके बाद Micron Technology ने गुजरात में $2.75 बिलियन का असेंबली और टेस्टिंग प्लांट लगाने की घोषणा की—जो 5 हजार डायरेक्ट और 15 हजार इनडायरेक्ट नौकरियां देगा। Applied Materials ने भी बेंगलुरु में इंजीनियरिंग सेंटर खोलने का एलान किया है।

चीन+1 रणनीति का मौका
कोविड के बाद कई ग्लोबल कंपनियां चीन पर निर्भरता घटाकर दूसरे देशों में निवेश करना चाहती हैं। भारत इस मौके को भुना सकता है, लेकिन अड़चनें – रेड टेप, भ्रष्टाचार, महंगा औद्योगिक ज़मीन और कमजोर इन्फ्रास्ट्रक्चर सरकार को इन्हें दूर करना होगा।

चिप आज की नई ‘तेल’ है और जो देश इसे बनाएगा, वही तकनीकी ताकत में आगे रहेगा। भारत ने देर से शुरुआत की है, लेकिन अब सही रणनीति, तेज़ फैसलों और ग्लोबल पार्टनरशिप के साथ, आने वाले दशक में सेमीकंडक्टर की दुनिया में अपनी जगह बना सकता है।

TAGGED:ChipWarDigital IndiaFeaturedFutureOfTechnologyIndiaVsChinaIndustrial EmpireMake in IndiaPM ModiSemiconductorSemiconductorIndia
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