दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहारों पर ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने से पहले भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने पेंट्री कार संचालकों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। त्योहारों के दौरान यात्रियों को खाने-पीने का सामान खरीदने में किसी तरह की परेशानी न हो और उनसे निर्धारित कीमत से अधिक पैसे न वसूले जाएं, इसके लिए IRCTC के नॉर्थ जोन ने सभी पेंट्री ठेकेदारों को विशेष चेतावनी जारी की है। इसमें ओवरचार्जिंग, सामान का बिल नहीं देने और डिजिटल पेमेंट स्वीकार नहीं करने जैसी शिकायतों पर गंभीरता दिखाई गई है।
IRCTC के नॉर्थ जोन कार्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बार-बार निर्देश और गाइडलाइन जारी करने के बावजूद पेंट्री स्टाफ के खिलाफ यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें निर्धारित कीमत से अधिक पैसे वसूलने को लेकर मिल रही हैं। इसके अलावा यात्रियों को सामान खरीदने के बाद बिल नहीं दिया जाता और कई बार डिजिटल भुगतान करने की इच्छा जताने पर भी कर्मचारियों की ओर से इसे स्वीकार नहीं किया जाता।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, चलती ट्रेनों में पेंट्री कार के माध्यम से खाद्य पदार्थ बेचने वाले लाइसेंसधारियों के साथ स्टेशनों पर स्टॉल संचालित करने वालों के खिलाफ भी बिल नहीं देने की शिकायतें सामने आती हैं। आमतौर पर यात्री बिल नहीं मांगते, लेकिन मांगने पर भी उन्हें बिल उपलब्ध नहीं कराया जाता। सरकार लगातार उपभोक्ताओं को खरीदारी के बाद बिल लेने के लिए जागरूक कर रही है। इससे जीएसटी चोरी की आशंका कम करने और लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलती है।
हर कर्मचारी के पास होगा डिजिटल पेमेंट कार्ड
IRCTC ने निर्देश दिया है कि पेंट्री कार के प्रत्येक सर्विस स्टाफ के पास सक्रिय डिजिटल पेमेंट लैपल कार्ड होना चाहिए। इससे यात्री नकद के बजाय डिजिटल माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल भुगतान से लेनदेन का रिकॉर्ड बना रहेगा और संबंधित कंपनी के खाते में सीधे रकम पहुंचेगी। इससे अनियमितताओं और जीएसटी चोरी पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
वर्दी और पहचान पत्र को लेकर भी सख्ती
IRCTC ने पेंट्री कर्मचारियों की वर्दी और पहचान से जुड़ी लापरवाही पर भी नाराजगी जताई है। पत्र में कहा गया है कि कई कर्मचारी निर्धारित यूनिफॉर्म में नहीं रहते और उनके पास उचित क्यूआर कोड आधारित पहचान पत्र भी नहीं होता। इतना ही नहीं, कई कर्मचारियों के पास डिजिटल पेमेंट लैपल कार्ड भी उपलब्ध नहीं हैं।
नए निर्देशों के मुताबिक, लाइसेंसधारियों के सभी कर्मचारियों को साफ-सुथरी और निर्धारित वर्दी पहननी होगी। कर्मचारियों के लिए जूते पहनना अनिवार्य किया गया है। उन्हें हवाई चप्पल पहनकर यात्रियों को सामान परोसने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही प्रत्येक कर्मचारी के गले में आधिकारिक क्यूआर कोड वाला पहचान पत्र होना चाहिए। सामान परोसते समय इन सभी नियमों का पालन करना होगा।
शिकायतों पर कार्रवाई की चेतावनी
IRCTC ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि पहले भी कई बार निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन ओवरचार्जिंग, बिल नहीं देने और डिजिटल पेमेंट से इनकार करने की शिकायतें कम नहीं हुई हैं। ऐसे में अब पेंट्री ठेकेदारों को कर्मचारियों के व्यवहार और कामकाज पर विशेष निगरानी रखनी होगी।
त्योहारी सीजन में बड़ी संख्या में लोग घर जाने के लिए रेल यात्रा करते हैं। ऐसे में IRCTC की इस सख्ती का उद्देश्य यात्रियों को सही कीमत पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना, भुगतान में पारदर्शिता लाना और ट्रेन के भीतर खानपान सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाना है। यात्रियों के लिए भी जरूरी है कि वे सामान खरीदते समय बिल मांगें और निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने पर शिकायत दर्ज कराएं।